Saudi Arabia Airstrike in Yemen: सऊदी अरब का मुकल्ला बंदरगाह पर भीषण हवाई हमला, आग की लपटों के बीच घोषित आपातकाल

Saudi Arabia Airstrike in Yemen: सऊदी अरब ने UAE से आयी हथियार खेप को निशाना बनाकर किया हवाई हमला, हूती-विरोधी बलों ने लगाया 72 घंटे का प्रतिबंध

Saudi Arabia Airstrike in Yemen: यमन (Yemen) में संकट और गहरा गया है, जब सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने मुकल्ला (Mukalla) बंदरगाह पर बड़ा हवाई हमला किया। हमले के बाद बंदरगाह में भीषण आग की लपटें उठती दिखीं और सुरक्षा हालात बिगड़ गए। बताया जा रहा है कि लक्षित जहाज संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से आया था, जिसमें दक्षिणी संक्रमण परिषद (Southern Transitional Council) के लिए हथियार और बख्तरबंद वाहन थे। यमन के हूती-विरोधी बलों ने आपातकाल की घोषणा की और सीमा पारगमन, हवाई अड्डों तथा बंदरगाहों पर 72 घंटे का प्रतिबंध लगा दिया। इस हमले से न केवल यमन के अंदर तनाव बढ़ा है, बल्कि सऊदी अरब और यूएई के बीच संबंधों पर भी नई चुनौतियां खड़ी हुई हैं। चलिए जानते हैं पूरा मामला…

सऊदी अरब का सैन्य अभियान/Saudi Arabia Airstrike in Yemen

सऊदी अरब (Saudi Arabia) ने यमन के बंदरगाह शहर मुकल्ला (Mukalla) पर हमला करते हुए बताया कि इसका उद्देश्य दक्षिणी संक्रमण परिषद (Southern Transitional Council) के लिए भेजी गई हथियार खेप को नष्ट करना था। इस जहाज पर बख्तरबंद वाहन और भारी हथियार थे, जिन्हें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से भेजा गया था। सऊदी प्रेस एजेंसी ने कहा कि ये हथियार यमन की सुरक्षा और स्थिरता के लिए खतरा बन सकते थे, इसलिए सीमित सैन्य ऑपरेशन किया गया। हमले के बाद बंदरगाह में आग की भीषण लपटें उठी और इलाके में सुरक्षा स्थिति अत्यधिक तनावपूर्ण हो गई।

यूएई से आयी हथियार खेप और तनाव

सऊदी अरब ने अपने बयान में कहा कि हमला उन हथियारों और बख्तरबंद वाहनों पर किया गया, जिन्हें यूएई (UAE) से भेजा गया था। इस कदम से सऊदी और यूएई के बीच दक्षिणी संक्रमण परिषद (STC) के समर्थन और नियंत्रण को लेकर तनाव बढ़ गया है। यमन में अलगाववादी बलों को हथियार उपलब्ध कराना, स्थानीय सुरक्षा और राजनीतिक संतुलन के लिए खतरा माना जा रहा है। सऊदी ने यह स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सीमित और लक्षित था, ताकि यमन में स्थिरता बनाए रखने में योगदान दिया जा सके।

हूती-विरोधी बलों की प्रतिक्रिया और आपातकाल

यमन के हूती-विरोधी बलों ने मुकल्ला हवाई हमले के बाद आपातकाल घोषित किया। इसके तहत सभी सीमा पारगमन पर 72 घंटे का प्रतिबंध, हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर नियंत्रण लागू किया गया। केवल वही बंदरगाह खुले रहेंगे, जिन्हें सऊदी अरब की अनुमति होगी। एसटीसी (STC) को यूएई का समर्थन प्राप्त है, लेकिन इस हमले पर अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह कदम सुरक्षा और हथियारों के नियंत्रित वितरण के लिए उठाया गया है।

यमन में बढ़ता तनाव और वैश्विक चिंता

मुकल्ला (Mukalla) हवाई हमले के बाद यमन में तनाव बढ़ गया है। बंदरगाह पर आग और सीमित सैन्य गतिविधियों ने नागरिक जीवन और वाणिज्यिक संचालन प्रभावित किया है। सुरक्षा बल लगातार निगरानी कर रहे हैं, लेकिन क्षेत्रीय स्थिरता पर प्रश्न चिन्ह लगा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस पर टिकी हैं कि इस तरह के हवाई हमले यमन में मौजूदा संघर्ष को और तीव्र कर सकते हैं या इसे नियंत्रित किया जा सकता है। आने वाले दिनों में यमन की राजनीतिक और सैन्य स्थिति का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर असर देखने को मिलेगा।

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