Viral Dhoom Boy Pintu Prasad: झारखंड के जमशेदपुर शहर में रहने वाले पिंटू प्रसाद की उम्र महज 32 साल है, लेकिन उनकी जिंदगी में दर्द और संघर्ष की कहानियां इतनी हैं कि सुनकर दिल भर आता है। छोटी उम्र में ही पिंटू अनाथ हो गए। उनके माता-पिता का देहांत हो गया और परिवार का कोई सहारा नहीं बचा। कुछ रिपोर्ट्स में कहा जाता है कि उनकी मां उन्हें छोड़कर चली गईं और पिता की मौत के बाद सौतेली मां ने भी घर से निकाल दिया। बहन ने थोड़ा बहुत साथ दिया, लेकिन जिंदगी की गाड़ी चलाना आसान नहीं था।
बिना पढ़ाई-लिखाई के पिंटू सड़कों पर भटकने लगे। पेट भरने के लिए उन्होंने हर तरह का काम किया – कचरा बीनना, टॉयलेट साफ करना, शादियों में बर्तन धोना, यहां तक कि मरे हुए जानवरों को उठाकर फेंकना। ईमानदारी से मेहनत करते थे, लेकिन हालात इतने बुरे थे कि नशे की लत लग गई। परिवार का सहारा न होने से जिंदगी और मुश्किल हो गई। पिंटू दिखने में काफी जवान लगते हैं, लेकिन उनकी आंखों में बचपन का दर्द साफ झलकता है।

एक वीडियो ने बदल दी जिंदगी,’कृष का गाना सुनेगा… ले बेटा’/Viral Dhoom Boy Pintu Prasad
साल 2025 के अंत में कुछ ऐसा हुआ जो पिंटू की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गया। जमशेदपुर की सड़कों पर किसी ने उनका एक साधारण वीडियो बना लिया। वीडियो में पिंटू बड़े मासूम और जोश भरे अंदाज में कहते हैं – “कृष का गाना सुनेगा… ले बेटा!” और फिर ऋतिक रोशन की फिल्म ‘कृष’ का पुराना गाना “दिल ना दिया” गाने लगते हैं। उनका डांस, एक्सप्रेशन और बेफिक्र अंदाज इतना मजेदार था कि वीडियो रातोंरात वायरल हो गया।
लोगों ने इसे ‘वायरल बॉय धूम’ का नाम दे दिया। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और टिकटॉक पर लाखों रील्स बने। “धूम मचाले” और “हमें तो अपनों ने लूटा” जैसे डायलॉग्स भी मीम्स बन गए। पिंटू का इंस्टाग्राम अकाउंट (@viralboydhoom) पर हजारों फॉलोअर्स हो गए। लोग उनकी मासूमियत और टैलेंट पर फिदा हो गए। 21 साल पुराना गाना फिर से ट्रेंड करने लगा। पिंटू को कोई नहीं जानता था, लेकिन अब पूरा देश उन्हें ‘धूम बॉय’ के नाम से पुकारने लगा।
वायरल फेम के साथ आईं मुश्किलें और अफवाहें
वायरल होने के बाद पिंटू की जिंदगी में कुछ अच्छे बदलाव आए। कई यूट्यूबर्स और इन्फ्लुएंसर्स उनके पास पहुंचे। कुछ ने उनकी मदद की, तो कुछ ने कंटेंट बनाने के लिए इस्तेमाल किया। पिंटू ने बताया कि कई लोग उन्हें थोड़े पैसे देकर घंटों वीडियो बनवाते थे। लेकिन असली मदद तब आई जब जमशेदपुर के ‘अस्तित्व फाउंडेशन’ नाम के रिहैब सेंटर ने उन्हें सहारा दिया। फाउंडर सौरभ तिवारी और उनकी टीम ने पिंटू को नशे की लत से छुड़ाने के लिए ट्रीटमेंट शुरू किया। साथ ही नई स्किल्स सिखाकर आत्मनिर्भर बनाने की कोशिश की।
हालांकि, फेम के साथ अफवाहें भी आईं। दिसंबर 2025 के अंत में खबर फैली कि पिंटू की मौत हो गई और उनकी लाश नाले से मिली। यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर वीडियोज वायरल हुए, लोग श्रद्धांजलि देने लगे। लेकिन ये सब झूठ निकला। वो वीडियो किसी और का था, जिसे एडिट करके पिंटू से जोड़ दिया गया। पिंटू ने खुद वीडियो बनाकर कहा – “अभी हम जिंदा हैं!” फैंस को अब राहत मिली है। इस अफवाह से आपको पता चल होगा कि सोशल मीडिया पर कितनी जल्दी फेक न्यूज फैल जाती है।
आज की स्थिति,रिकवरी की राह पर पिंटू
आज पिंटू बेहतर जिंदगी की ओर बढ़ रहे हैं। रिहैब में रहकर ट्रीटमेंट ले रहे हैं और नई चीजें सीख रहे हैं। उनका लुक भी बदल गया है – पहले की तरह गंदे कपड़ों में नहीं, अब साफ-सुथरे दिखते हैं। कई इन्फ्लुएंसर्स उनकी मदद कर रहे हैं। पिंटू की कहानी बताती है कि जिंदगी कितनी भी मुश्किल हो, एक मौका सब बदल सकता है। उनकी हंसी और जोश हमें सिखाता है कि दर्द के बीच भी खुशी ढूंढी जा सकती है।
पिंटू जैसे कितने लोग हमारे आसपास हैं, जिनकी प्रतिभा सिर्फ एक वीडियो का इंतजार कर रही है। उनकी कहानी उम्मीद की मिसाल है – संघर्ष कितना भी हो, हौसला नहीं हारना चाहिए। आज पिंटू न सिर्फ वायरल स्टार हैं, बल्कि लाखों लोगों के लिए इंस्पिरेशन बन गए हैं। भगवान उन्हें लंबी उम्र दे और जिंदगी में खुशियां मिलें।










