Yadav Samaj meeting Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में यादव समाज ने अपनी ताकत दिखाई। 4 जनवरी 2026 को धुर्वा के पुराने विधानसभा मैदान में बलराम कृष्ण कल्याण समिति यादव समाज की महत्वपूर्ण बैठक हुई। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में समाज के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें निकाय चुनाव में एकजुट होकर लड़ने और समाज के उत्थान के लिए नए कदम शामिल हैं।
यादव समाज की 14% आबादी, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी कम/Yadav Samaj meeting Ranchi
बैठक की अध्यक्षता समिति के मुख्य संरक्षक और राजद नेता कैलाश यादव ने की। उन्होंने कहा कि झारखंड में यादव समाज की आबादी करीब 14 फीसदी है। इस समाज को यादव, गोप, अहीर, महतो, माजी, घोष जैसे दर्जनों उपनामों से जाना जाता है। इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद समाज को राजनीति में वो हिस्सेदारी नहीं मिली जो मिलनी चाहिए। कैलाश यादव ने बताया कि चतरा, कोडरमा, गोड्डा, धनबाद, हुसैनाबाद, जरमुंडी, नाला, जामताड़ा, रामगढ़, बड़कागांव, बोकारो, झरिया, गिरिडीह, गांडेय, हटिया, रांची, जमशेदपुर पूर्वी, मधुपुर जैसी करीब 20 विधानसभा सीटों पर यादव समाज का मजबूत प्रभाव है, लेकिन प्रतिनिधित्व बहुत कम है।

कैलाश यादव ने आगे कहा कि समाज के आराध्य भगवान कृष्ण के वंशज होने के नाते यादवों की पहचान जनकल्याण और सुरक्षा प्रदान करने वाली रही है। लेकिन शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक विकास में समाज पीछे रह गया है। नई पीढ़ी शिक्षा में आगे बढ़ रही है, लेकिन राजनीतिक उपेक्षा जारी है।
ओबीसी को मात्र 14% मिलना अन्याय है, 27% आरक्षण की मांग,
बैठक में ओबीसी आरक्षण पर भी जोरदार चर्चा हुई। कैलाश यादव ने कहा कि झारखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां ओबीसी वर्ग की आबादी करीब 60 फीसदी है, लेकिन उन्हें सिर्फ 14 फीसदी आरक्षण मिला है। पहले 27 फीसदी आरक्षण था, जो कम करके अन्याय किया गया। इससे यादव समाज सहित पूरे ओबीसी वर्ग का आर्थिक और सामाजिक विकास प्रभावित हुआ है। निकाय चुनाव में भी बीसी-1 और बीसी-2 को अलग करके समाज को कमजोर किया गया। सिमडेगा, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सरायकेला जैसे जिलों में ओबीसी की बड़ी आबादी होने के बावजूद आरक्षण शून्य रखा गया और उन्हें सुरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया गया।
निकाय चुनाव में एकजुटता दिखाएगा यादव समाज
बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि आगामी निकाय चुनाव में यादव समाज पूरी एकजुटता के साथ लड़ेगा। रांची महानगर के 53 वार्डों में समाज अधिक से अधिक प्रतिनिधित्व हासिल करने की कोशिश करेगा। इसके लिए हर वार्ड से प्रतिनिधि चुनकर मजबूत रणनीति बनाई जाएगी।
22 जनवरी को अगली बड़ी बैठक, राधाकृष्ण मंदिर में होगी चर्चा
अगली बैठक 22 जनवरी को सेक्टर-3 धुर्वा स्थित राधाकृष्ण मंदिर प्रांगण में होगी। इसमें रांची के सभी 53 वार्डों से चुने गए प्रतिनिधि शामिल होंगे। यहां निकाय चुनाव सहित अन्य बड़े फैसले लिए जाएंगे। बैठक में यह भी तय हुआ कि सेक्टर-3 में भव्य राधाकृष्ण मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए 50 सदस्यीय विशेष कमिटी गठित की जाएगी।
40 साल पुरानी संस्था, बड़े नेताओं से जुड़ा इतिहास
कैलाश यादव ने बताया कि बलराम कृष्ण कल्याण समिति करीब 40 साल पुरानी संस्था है। एकीकृत बिहार के समय इसके साथ पूर्व मुख्यमंत्री दरोगा प्रसाद राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री रामलखन सिंह यादव, रामवधेश सिंह यादव, राम जयपाल सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव, चौधरी चरण सिंह जैसे बड़े नेता जुड़े रहे हैं। आज भी यह संस्था समाज के कल्याण के लिए सक्रिय है।
बैठक में संरक्षक नंदन यादव, अध्यक्ष बबन यादव, सचिव संजीत यादव, विभाकर यादव, रंजन यादव, उमेश यादव, रामकुमार यादव, राजकिशोर सिंह यादव, प्रमोद यादव, रामभजन यादव, गौरीशंकर यादव, सुनील यादव, धनंजय यादव, राजेश यादव, पप्पू यादव, चंदेश्वर प्रसाद यादव, भैया जी यादव, ओमप्रकाश यादव, नवलकिशोर यादव, दयाशंकर यादव, सुरेंद्र यादव, उमेश राय, लोकनाथ यादव, रमाशंकर यादव, राहुल यादव, अनिल यादव सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।










