Rohaniya Wncroachment Removal: रोहनिया अवलेशपुर की 1.5 एकड़ सरकारी जमीन से हटाया गया अवैध कब्जा, महिलाओं का जोरदार विरोध

Rohaniya Wncroachment Removal: रोहनिया में बिना नोटिस बुलडोजर एक्शन, महिलाओं ने बच्चों को ढाल बनाकर किया विरोध

Rohaniya Wncroachment Removal: वाराणसी के रोहनिया इलाके में आज (11 जनवरी 2026) एक बड़ा एक्शन हुआ है। नगर निगम की टीम ने अवलेशपुर गांव में सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे को पूरी तरह हटा दिया। यह जमीन करीब डेढ़ एकड़ की थी, जो लंबे समय से कुछ लोगों के कब्जे में थी। जमीन बंजर पड़ी हुई थी, लेकिन अब प्रशासन ने इसे मुक्त करा लिया है। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल मौजूद रहा, और जेसीबी मशीनों ने अतिक्रमण को ध्वस्त कर दिया।

क्या है पूरा मामला? सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की कहानी/Rohaniya Wncroachment Removal

अवलेशपुर रोहनिया थाना क्षेत्र में आता है, जहां सरकारी जमीन पर कुछ स्थानीय लोगों ने बिना किसी अनुमति के कब्जा कर लिया था। यह जमीन बंजर थी, मतलब इसमें कोई खेती या निर्माण नहीं हो रहा था, लेकिन लोगों ने यहां झोपड़ियां या छोटे-मोटे निर्माण बना रखे थे। नगर निगम और प्रशासन को शिकायत मिली कि यह सरकारी संपत्ति है, इसलिए इसे मुक्त कराना जरूरी है।

आज सुबह नगर निगम की टीम भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंची। जेसीबी मशीनें लेकर अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कार्रवाई बिना पहले से ज्यादा सूचना दिए की गई, जिससे प्रभावित लोग हैरान रह गए।

महिलाओं और स्थानीय लोगों का विरोध, भावुक माहौल

कार्रवाई शुरू होते ही मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई। खासकर महिलाओं ने जोरदार विरोध किया। वे बुलडोजर के सामने खड़ी हो गईं, बच्चों को आगे रखा और रो-रोकर बद्दुआएं देने लगीं। कुछ महिलाओं ने कहा कि यह उनका रहने का एकमात्र सहारा था। विरोध के बावजूद पुलिस और प्रशासन ने अपना काम जारी रखा।

कुछ लोगों ने चितईपुर-चुनार मार्ग को जाम करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत लोगों को हटा दिया और ट्रैफिक बहाल कर दिया। भारी पुलिस बल के सामने कोई ज्यादा हंगामा नहीं हुआ, और कार्रवाई सुचारू रूप से पूरी हुई।

प्रभावित परिवारों की आपबीती

एक प्रभावित व्यक्ति जवाहर लाल ने बताया, “प्रशासन ने बिना कोई सूचना दिए हम लोगों को जबरदस्ती बाहर निकाल दिया और हमारे रहने के स्थान को ध्वस्त कर दिया। हम कहां जाएंगे? परिवार के साथ क्या होगा?” कई परिवारों का यही हाल है। वे दावा करते हैं कि वे सालों से यहां रह रहे थे, लेकिन अब सब कुछ मलबे में बदल गया।

मौके पर कौन-कौन मौजूद रहा?

इस एक्शन में कई बड़े अधिकारी मौजूद थे:

  • एसीपी संजीव शर्मा (रोहनिया)
  • मंडुवाडीह और लोहता थाना प्रभारी
  • नगर निगम के आला अधिकारी

ये सभी ध्वस्तीकरण के समय मौके पर थे और कार्रवाई की निगरानी कर रहे थे। पुलिस ने स्थिति को पूरी तरह काबू में रखा, ताकि कोई अनहोनी न हो।

क्यों हो रहा है ऐसे अतिक्रमण हटाओ अभियान?

वाराणसी में पिछले कुछ सालों से नगर निगम और विकास प्राधिकरण सरकारी जमीनों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान चला रहे हैं। चाहे नालों के ऊपर बने अतिक्रमण हों, सड़कों पर दुकानें हों या बंजर सरकारी जमीन पर झोपड़ियां – सब पर सख्ती की जा रही है।

इसका मकसद है:

  • शहर में सुगम यातायात और विकास कार्यों के लिए जगह बनाना
  • सरकारी संपत्ति की रक्षा करना
  • सार्वजनिक उपयोग के लिए जमीन मुक्त कराना (जैसे पार्क, सड़क चौड़ीकरण आदि)

रोहनिया इलाके में पहले भी सिक्स लेन रोड और अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए ऐसे एक्शन हुए हैं। यह कार्रवाई उसी कड़ी का हिस्सा लगती है।

आगे क्या? प्रभावितों के लिए सलाह और चुनौतियां

प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर कोई भी अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन प्रभावित परिवारों के लिए यह मुश्किल समय है। कई लोग गरीब हैं और उनके पास दूसरी जगह नहीं है।

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं:

  • अगर कोई सरकारी जमीन पर रह रहा है, तो जल्द से जल्द कानूनी तरीके से आवास योजना या पट्टा के लिए आवेदन करें।
  • अतिक्रमण हटाओ अभियान में सहयोग करें, ताकि बड़ा हंगामा न हो।
  • अगर कोई अन्याय लगे, तो कोर्ट या प्रशासन से शिकायत करें।

यह घटना दिखाती है कि विकास के नाम पर सख्त कार्रवाई जरूरी है, लेकिन गरीबों की समस्या को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उम्मीद है कि प्रशासन प्रभावितों के लिए कोई राहत पैकेज या वैकल्पिक व्यवस्था करेगा।

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