Diabetes Neuropathy Common Mistakes: डायबिटीज में नसें खराब होने की 5 बड़ी गलतियां – डॉक्टर ने चेतावनी दी, ये न करें!

Diabetes Neuropathy Common Mistakes: शुगर कंट्रोल नहीं तो नसें डैमेज! ये 5 गलतियां छोड़ दें, डॉक्टर की सलाह

Diabetes Neuropathy Common Mistakes: डायबिटीज (शुगर) आजकल बहुत आम बीमारी हो गई है। लाखों लोग इससे पीड़ित हैं, और अगर इसे कंट्रोल न किया जाए तो यह शरीर की नसों को बुरी तरह डैमेज कर देती है। इसे डायबिटिक न्यूरोपैथी कहते हैं। इसमें हाथ-पैरों में झुनझुनी, जलन, सुन्नपन, दर्द या कमजोरी हो जाती है। सबसे खराब बात यह है कि नसें डैमेज होने पर पैरों में चोट लगने का पता नहीं चलता, जिससे घाव संक्रमित होकर अल्सर या पैर कटने की नौबत आ सकती है।

डॉक्टरों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में यह नसों का डैमेज लंबे समय तक हाई ब्लड शुगर की वजह से होता है। लेकिन कई ऐसी छोटी-छोटी गलतियां हैं जो हम रोज करते हैं, जो नसों को और तेजी से खराब करती हैं। यहां हम ऐसी 5 बड़ी गलतियां बताएंगे, जिन्हें डॉक्टर शुगर के मरीजों को कभी नहीं करने की सलाह देते हैं। इन्हें जानकर बचें तो नसों को काफी हद तक बचाया जा सकता है।

1. ब्लड शुगर को लंबे समय तक अनियंत्रित छोड़ देना/Diabetes Neuropathy Common Mistakes

सबसे बड़ी और आम गलती यही है। कई लोग सोचते हैं कि थोड़ा-बहुत शुगर हाई रहना कोई बात नहीं। लेकिन डॉक्टर कहते हैं कि हाई ब्लड शुगर नसों की छोटी-छोटी रक्त नलियों को डैमेज करता है। इससे नसों को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता, और वे धीरे-धीरे मरने लगती हैं।

क्या नहीं करना चाहिए?

  • शुगर लेवल को रोज चेक न करना।
  • दवा या इंसुलिन समय पर न लेना।
  • HbA1c टेस्ट को साल में 1-2 बार से कम करना।

सलाह: रोजाना ब्लड शुगर चेक करें, टारगेट रेंज में रखें (जैसे फास्टिंग 80-130 mg/dL, पोस्ट-मील 180 से कम)। इससे न्यूरोपैथी का रिस्क 60% तक कम हो सकता है।

2. धूम्रपान करना या तंबाकू चबाना

धूम्रपान शुगर के मरीजों के लिए सबसे खतरनाक है। सिगरेट में मौजूद निकोटीन और दूसरे केमिकल ब्लड वेसल्स को सिकोड़ देते हैं। इससे नसों तक खून कम पहुंचता है, और डैमेज तेज होता है। डॉक्टर कहते हैं कि स्मोकिंग करने वाले डायबिटीज मरीजों में न्यूरोपैथी का खतरा दोगुना हो जाता है।

क्या नहीं करना चाहिए?

  • सिगरेट, बीड़ी, हुक्का या चबाने वाली तंबाकू।

सलाह: जितनी जल्दी हो सके छोड़ दें। निकोटीन रिप्लेसमेंट या काउंसलिंग लें। इससे नसों की सेहत सुधर सकती है।

3. ज्यादा वजन या मोटापा बनाए रखना

मोटापा इंसुलिन रेसिस्टेंस बढ़ाता है, जिससे ब्लड शुगर और कंट्रोल से बाहर हो जाता है। ज्यादा फैट बॉडी में सूजन पैदा करता है, जो नसों को डैमेज करता है। डॉक्टर बताते हैं कि ओवरवेट मरीजों में पैरों की न्यूरोपैथी जल्दी शुरू होती है।

क्या नहीं करना चाहिए?

  • जंक फूड, ज्यादा मीठा, तला-भुना खाना।
  • बिना एक्सरसाइज के ज्यादा कैलोरी लेना।

सलाह: वजन कम करें (5-10% वजन घटाने से भी फर्क पड़ता है)। रोज 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें।

4. हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को इग्नोर करना

डायबिटीज में अक्सर हाई BP और हाई कोलेस्ट्रॉल साथ आते हैं। ये दोनों मिलकर नसों और ब्लड वेसल्स को और ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। डॉक्टर कहते हैं कि BP 130/80 से ऊपर रहना न्यूरोपैथी को तेज करता है।

क्या नहीं करना चाहिए?

  • BP और लिपिड प्रोफाइल चेक न करवाना।
  • दवाएं नियमित न लेना।

सलाह: BP को 130/80 से नीचे रखें। हेल्दी डाइट (कम नमक, ज्यादा फाइबर) और दवा लें।

5. पैरों की देखभाल न करना और छोटी चोट को नजरअंदाज करना

न्यूरोपैथी में पैर सुन्न हो जाते हैं, इसलिए चोट लगने का पता नहीं चलता। छोटा सा घाव संक्रमित होकर अल्सर बन जाता है। कई मामलों में पैर कटने की वजह यही होती है।

क्या नहीं करना चाहिए?

  • गर्म पानी से पैर धोना या हीटर का इस्तेमाल।
  • टाइट जूते पहनना या नंगे पैर चलना।
  • पैरों की जांच रोज न करना।

सलाह: रोज पैर चेक करें, मॉइश्चराइजर लगाएं, आरामदायक जूते पहनें। साल में कम से कम एक बार फुट स्पेशलिस्ट से जांच करवाएं।

इन गलतियों से बचने का फायदा

डॉक्टरों का मानना है कि अगर ब्लड शुगर अच्छे से कंट्रोल रहे, लाइफस्टाइल सही हो और ये गलतियां न हों, तो न्यूरोपैथी को रोका या धीमा किया जा सकता है। पहले से न्यूरोपैथी हो तो भी दर्द और लक्षण कम हो सकते हैं।

Disclaimer- इस खबर को सामान्य जानकारी के लिए लिखा गया है, यहां पर दी गई जानकारी की News Nation Bharat पुष्टि नहीं करता है, इसलिए अधिक जानकारी पाने के लिए विशेषज्ञों और चिकित्सकों की सलाह जरूर लें।

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