AR Rahman Communal Bias Bollywood: एआर रहमान विवाद अपडेट, बीबीसी इंटरव्यू से बवाल, ‘छावा’ पर बयान और अब तक की पूरी कहानी

AR Rahman Communal Bias Bollywood: एआर रहमान को काम क्यों नहीं मिल रहा? कम्युनल बायस का आरोप, सपोर्ट और आलोचना की लिस्ट

AR Rahman Communal Bias Bollywood: ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमानइन दिनों सोशल मीडिया और न्यूज़ पर छाए हुए हैं। सब कुछ 16-17 जनवरी 2026 को बीबीसी एशियन नेटवर्क को दिए एक लंबे इंटरव्यू से शुरू हुआ। रहमान ने कहा कि पिछले 8 सालों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री (बॉलीवुड) से उन्हें अच्छा काम कम मिल रहा है। उन्होंने पावर शिफ्ट और कम्युनल थिंग (सांप्रदायिक भेदभाव) का जिक्र किया। साथ ही फिल्म ‘छावा’ को “डिवाइसिव” (विभाजनकारी) बताया। इस बयान से तुरंत बवाल मच गया। दक्षिणपंथी ग्रुप्स, सेलेब्स और आम लोग उन पर टूट पड़े। रहमान ने सफाई दी, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। आइए सरल भाषा में जानते हैं अब तक क्या-क्या हुआ, किसने सपोर्ट किया और किसने आलोचना की।

विवाद कैसे शुरू हुआ?/AR Rahman Communal Bias Bollywood

रहमान ने इंटरव्यू में कहा:

  • पिछले 8 सालों में बॉलीवुड में काम कम हुआ है।
  • यहां नॉन-क्रिएटिव लोगों का पावर बढ़ा है जबकि क्रिएटिव लोग कम।
  • ‘छावा’ फिल्म को डिवाइसिव बताया, जिससे फायदा हुआ।

ये बातें 17-18 जनवरी को वायरल हुईं। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग शुरू हो गई। कई ने कहा कि रहमान “विक्टिम कार्ड” खेल रहे हैं या देश के खिलाफ बोल रहे हैं। VHP जैसे संगठनों ने माफी मांगने की मांग की।

एआर रहमान की सफाई और क्लैरिफिकेशन

18 जनवरी को रहमान ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा:

  • “मैंने कभी किसी को दुख पहुंचाना नहीं चाहा। मेरे इरादे गलत समझे गए।”
  • मैं भारतीय होने पर गर्व करता हूं। मेरा संगीत समाज को ऊपर उठाने के लिए है।
  • उन्होंने भारत से प्यार और संगीत के जरिए योगदान की बात दोहराई।

19-20 जनवरी तक भी विवाद जारी है। रहमान ने नया गाना ‘मयिले’ (फिल्म ‘मूनवॉक’ से) रिलीज किया, लेकिन कुछ लोगों ने फिर ट्रोल किया।

किसने किया सपोर्ट?

कई सेलेब्स और लोग रहमान के साथ खड़े हुए:

  • इम्तियाज अली (रॉकस्टार, तमाशा के डायरेक्टर): कहा कि इंडस्ट्री में कोई कम्युनल बायस नहीं है, लेकिन रहमान के बयान को misconstrued (गलत समझा) गया। वे रहमान को ब्राइटेस्ट फिगर मानते हैं।
  • वरुण ग्रोवर (गीतकार): बोले कि रहमान को मजबूरन माफी मांगनी पड़ी। यह डिवाइसिवनेस का सबूत है। “ग्रेटेस्ट लिविंग कंपोजर को ट्रोल किया गया।
  • कैलास मेनन (मलयालम कंपोजर): पोस्ट किया – “Disagree, don’t disgrace. रहमान की फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन का हक है।
  • एआर रहमान की बेटियां खतीजा और रहेमा: पिता के अपमान से दुखी। उन्होंने कैलास की पोस्ट शेयर की – असहमत हो सकते हो, लेकिन अपमान मत करो।
  • महुआ मोइत्रा (टीएमसी MP): ट्रोलर्स को “संगी” कहा और रहमान को छोड़ने की अपील की, क्योंकि उन्होंने ‘मां तुझे सलाम’ जैसे गाने दिए।
  • कई आम लोग और फैंस ने कहा कि रहमान का अनुभव वैध है।

किसने की आलोचना?

विवाद में कई बड़े नामों ने निशाना साधा:

  • कंगना रनौत: बोलीं – आप नफरत में अंधे हो गए।” रहमान पर ‘इमरजेंसी’ फिल्म के लिए मीटिंग रिफ्यूज करने का आरोप लगाया।
  • जावेद अख्तर: कहा कि उन्हें इंडस्ट्री में ऐसा कुछ महसूस नहीं हुआ। रहमान के बयान पर सवाल उठाए।
  • तसलीमा नसरीन: शाहरुख, सलमान, आमिर जैसे सुपरस्टार्स का उदाहरण देकर कहा कि अमीर लोग भेदभाव नहीं झेलते।
  • दक्षिणपंथी ग्रुप्स (VHP आदि): रहमान पर देश को बदनाम करने का आरोप। माफी की मांग की।
  • सोशल मीडिया ट्रोल्स: उन्हें “डिसग्रेस टू इंडिया” कहा, पैट्रियॉटिज्म पर सवाल उठाए।

अब तक की स्थिति क्या है?

  • विवाद 20 जनवरी 2026 तक जारी है। न्यूज़ चैनल्स और सोशल मीडिया पर डिबेट चल रही है।
  • रहमान ने नया गाना रिलीज कर फोकस शिफ्ट करने की कोशिश की।
  • इंडस्ट्री में बहस छिड़ी है – क्या बॉलीवुड में सांप्रदायिक भेदभाव है? या रहमान का अनुभव पर्सनल है?
  • रहमान ने ‘रामायण’ (नितेश तिवारी) और अन्य प्रोजेक्ट्स पर काम जारी रखा है।

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