UP IAS Association AGM: उत्तर प्रदेश की IAS एसोसिएशन कई सालों से AGM नहीं करा पा रही,क्या ‘सबसे मजबूत’ ब्यूरोक्रेसी अब निष्क्रिय हो गई?

UP IAS Association AGM: देश की सबसे मजबूत IAS एसोसिएशन कई सालों से AGM नहीं करा पा रही, UP ब्यूरोक्रेसी पर सवाल

UP IAS Association AGM: उत्तर प्रदेश की IAS एसोसिएशन को लोग अक्सर देश की सबसे मजबूत और प्रभावशाली ब्यूरोक्रेसी कहते हैं। लेकिन अब सोशल मीडिया पर एक खबर वायरल हो रही है जो हैरान कर रही है – कई सालों से इस एसोसिएशन की Annual General Meeting (AGM)और Civil Service Week नहीं हो पा रही है। ये दोनों इवेंट्स IAS अफसरों के लिए सालाना परंपरा थे, जहां वे एकजुट होकर चर्चा करते थे, रेजोल्यूशन पास करते थे और अपनी सेवा की मजबूती पर बात करते थे। लेकिन 2019 के बाद से ये परंपरा लगभग खत्म-सी हो गई है। जनवरी 2026 में यह मुद्दा फिर गरमाया है, और लोग व्यंग्य कर रहे हैं – “देश की सबसे मजबूत ब्यूरोक्रेसी अपनी AGM तक नहीं करा पा रही!”

2019 के बाद से AGM और सिविल सर्विस वीक गायब/UP IAS Association AGM

IAS एसोसिएशन की AGM और सिविल सर्विस वीक हर साल दिसंबर में होने चाहिए थे। 2013 में एक AGM में रेजोल्यूशन पास हुआ था कि आगे ऐसा नहीं होगा और ये इवेंट्स नियमित होंगे। 2014 से 2017 और 2019 तक ये आयोजन हुए भी। लेकिन 2020 और 2021 में कोविड-19 की वजह से रुक गए। 2022 में विधानसभा चुनाव के कारण फिर टल गए। उसके बाद 2023, 2024 और 2025 में भी ये इवेंट्स नहीं हुए। अब 2026 आ गया है, लेकिन अभी तक कोई प्लान नहीं दिख रहा। अफसरों में चर्चा है कि एसोसिएशन अब निष्क्रिय हो गई है। कई लोग कहते हैं कि सरकार के साथ डायरेक्ट बातचीत के नए तरीके आ गए हैं, इसलिए पुरानी परंपरा की जरूरत कम लग रही है।

पहले भी हुआ था ऐसा: 2007-2012 तक 5 साल रुके थे

यह कोई नई बात नहीं है। 2007 से 2012 तक भी AGM और सिविल सर्विस वीक 5 साल तक नहीं हुए थे। तब भी अफसरों ने चिंता जताई थी। 2013 में रेजोल्यूशन पास करके इसे दोबारा शुरू किया गया था। लेकिन अब फिर वही हालात हैं। सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं – “UP IAS Association अपनी AGM नहीं करा पा रही, फिर भी सबसे मजबूत कहलाती है!

फरवरी 2026 में सीनियर अफसरों की अलग कॉन्फ्रेंस की तैयारी

जनवरी 2026 में खबर आई कि फरवरी के शुरुआती दिनों में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर्स की एक अलग कॉन्फ्रेंस होने वाली है। इसमें विभिन्न बैच के अफसर शामिल होंगे और मुख्यमंत्री से सीधे बातचीत का मौका मिलेगा। लेकिन इसमें UP IAS एसोसिएशन की AGM या सिविल सर्विस वीक का कोई जिक्र नहीं है। अफसरों का कहना है कि अब सीनियर कॉन्फ्रेंस जैसी मीटिंग्स में सरकार से डायरेक्ट इंटरैक्शन हो जाता है, इसलिए एसोसिएशन की AGM की जरूरत कम लग रही है। इससे एसोसिएशन की प्रासंगिकता पर सवाल उठ रहे हैं। क्या ये परंपरा अब पूरी तरह खत्म हो जाएगी?

जी.बी. पाटनायक का पुराना कमेंट आज भी याद**

2013 की एक AGM में सीनियर IAS अधिकारी जी.बी. पाटनायक ने मजाक में कहा था कि “IAS अब vanishing cream बन गई है” – यानी जैसे वैल्यूज और आदर्श धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं। यह कमेंट तब हंसी-मजाक में लिया गया था, लेकिन आज अफसर इसे याद करके कहते हैं कि क्या एसोसिएशन खुद vanishing cream बन रही है? पाटनायक ने बाद में सफाई दी कि उनका मतलब सेवा के आदर्शों से था, अफसरों की क्षमता से नहीं। लेकिन आज यह बात फिर चर्चा में है, क्योंकि एसोसिएशन की एकजुटता पर सवाल हैं।

सोशल मीडिया पर अफरा तफरी

हाल ही में कई पोस्ट्स वायरल हुए हैं। एक पोस्ट में लिखा – देश की सबसे मजबूत #ब्यूरोक्रेसी अपनी #AGM नहीं करा पा रही है, ये UP IAS Association को क्या कर शेयर किया गया, बता दें कि लोग इसे आईकॉनिक समझ रहे हैं। जैसा कि आप जानते होंगे कि UP की ब्यूरोक्रेसी को सबसे शक्तिशाली माना जाता है। बड़े फैसले, बड़े प्रोजेक्ट्स, राजनीतिक प्रभाव। लेकिन अपनी एसोसिएशन की सालाना बैठक तक नहीं हो पाना कई लोगों को हैरान कर रहा है। कुछ अफसर कहते हैं कि यह सिर्फ मीटिंग का मामला नहीं, बल्कि आंतरिक एकजुटता और सरकार के साथ रिश्तों का भी है।

क्या परंपरा वापस आएगी? सस्पेंस बरकरार

फरवरी 2026 की सीनियर ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस के बाद क्या AGM की परंपरा रिवाइव होगी? अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। अफसरों में उम्मीद है कि नई शुरुआत हो सकती है, लेकिन कई को लगता है कि पुरानी परंपरा अब पुरानी हो चुकी है। यह मामला सिर्फ एक मीटिंग का नहीं – यह ब्यूरोक्रेसी की ताकत, एकता और बदलते समय में उसकी भूमिका पर सवाल उठाता है। सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है, और लोग इंतजार कर रहे हैं कि क्या UP IAS एसोसिएशन फिर से अपनी पुरानी रौनक लौटाएगी।

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