Chitralekha Dance Festival Kolkata: कोलकाता, 2 फरवरी 2026 – कोलकाता के दिल में बसे भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) के सत्यजीत रे ऑडिटोरियम में हाल ही में एक यादगार सांस्कृतिक आयोजन हुआ। यह था ‘चित्रलेखा’ नाम का इंटरनेशनल मेगा सुपरक्लास डांस एंड म्यूजिक फेस्टिवल और अवार्ड समारोह। भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सांस्कृतिक विकास फाउंडेशन ने इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया, जो 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे से रात 9 बजे तक चला।
इस समारोह का मकसद था भारतीय शास्त्रीय नृत्य और संगीत को बढ़ावा देना, साथ ही उन कलाकारों को सम्मानित करना जो इस क्षेत्र में सालों से मेहनत कर रहे हैं। फाउंडेशन के फाउंडर और अध्यक्ष डॉ. उपेंद्र कुमार शर्मा ने इस आयोजन को बहुत ही खास बताया। उन्होंने कहा कि ‘चित्रलेखा’ सिर्फ एक फेस्टिवल नहीं, बल्कि संस्कृति की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक माध्यम है।

उद्घाटन में शामिल हुए प्रमुख गणमान्य व्यक्ति/Chitralekha Dance Festival Kolkata
कार्यक्रम का उद्घाटन बड़े ही धूमधाम से हुआ। फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. उपेंद्र शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित करके समारोह की शुरुआत की। इस मौके पर डॉ. अर्पिता चटर्जी, डॉ. शिल्ला चटर्जी, राजेंद्र पति, डॉ. चैतन्य पई जैसे कई सम्मानित लोग मौजूद थे। थिएटर के प्रसिद्ध निर्देशक कांत बेहरा भी शामिल हुए। इन सभी ने मंच पर आकर भारतीय संस्कृति, खासकर नृत्य और संगीत के महत्व पर अपनी बात रखी।
उद्घाटन के दौरान खास तौर पर महिला कलाकारों को प्रोत्साहित किया गया। फाउंडेशन ने महिलाओं की भूमिका को सराहा और कहा कि वे न सिर्फ घर संभालती हैं, बल्कि कला के क्षेत्र में भी कमाल दिखा रही हैं। कई महिला कलाकारों ने इस मौके पर अपनी प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने दर्शकों का दिल जीत लिया।
किन्हें मिले अवॉर्ड और सम्मान?
इस मेगा अवार्ड समारोह में कई कलाकारों और गुरुओं को सम्मानित किया गया। ‘चित्रलेखा सम्मान’ और ‘गुरुश्री पद्मज्योति सम्मान’ जैसे प्रतिष्ठित अवॉर्ड दिए गए। ये अवॉर्ड उन लोगों को मिले जो भारतीय शास्त्रीय नृत्य, ओडिसी, भरतनाट्यम, कथक आदि में अपना योगदान दे रहे हैं।
कुछ प्रमुख नाम जिनका जिक्र हुआ – शेखर महाली, प्रशांत कुमार राउत, राजेंद्र राउत, पुजारानी रावत, साईप्रभा जेना, घोकाशिल्वी देजी और स्वयंकु। ये सभी कलाकार या गुरु इस फेस्टिवल में मौजूद थे और उनके काम की तारीफ हुई। कई युवा कलाकारों ने भी परफॉर्मेंस दीं, जैसे अंगिरा भट्टाचार्य ने सोलो डांस किया, जिसकी खूब वाहवाही हुई। ओडिशा से उटकलिका नृत्यानुस्थान की टीम ने भी ओडिसी नृत्य पेश किया।
फेस्टिवल में भारत के अलावा बांग्लादेश और भूटान से भी कलाकार आए थे। कुल मिलाकर 150 से ज्यादा कलाकारों ने हिस्सा लिया। ये देखकर अच्छा लगा कि संस्कृति की कोई सीमा नहीं होती – ये सबको जोड़ती है।
क्यों खास था ये आयोजन?
‘चित्रलेखा’ का नाम ही बहुत सुंदर है। चित्रलेखा मतलब वो जो चित्र बनाती है, यानी कला की रचयिता। फाउंडेशन ने इस नाम से ही संदेश दिया कि नृत्य और संगीत जीवन को रंगीन बनाते हैं। दो दिनों में अलग-अलग स्टाइल के डांस और म्यूजिक परफॉर्मेंस हुए। दर्शक फ्री में एंट्री लेकर आए और पूरे ऑडिटोरियम में तालियां गूंजती रहीं।
ICCR का सत्यजीत रे ऑडिटोरियम ऐसा जगह है जहां बड़े-बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। सत्यजीत रे जैसे महान फिल्मकार के नाम पर बना ये हॉल कला के लिए मशहूर है। यहां का माहौल ही इतना अच्छा है कि कलाकारों का जोश दोगुना हो जाता है।
महिलाओं को मिला विशेष फोकस
समारोह में महिला वर्ग को बहुत बढ़ावा दिया गया। कई महिला कलाकारों ने अपनी कला से सबको प्रभावित किया। फाउंडेशन ने कहा कि आज के समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे हैं, और कला में उनका योगदान अनमोल है। ये आयोजन महिलाओं के सशक्तिकरण का भी एक संदेश था।
निष्कर्ष
दो दिनों तक चले इस फेस्टिवल की सफलता से सब खुश थे। डॉ. उपेंद्र शर्मा ने बताया कि ऐसे आयोजन आगे भी जारी रहेंगे। उनका मकसद है कि भारतीय संस्कृति को दुनिया भर में फैलाया जाए और युवाओं को इससे जोड़ा जाए। CA TV LIVE जैसे मीडिया पार्टनर ने भी इसे लाइव कवर किया, जिससे ज्यादा लोग जुड़ सके।










