Raebareli : भूमाफिया के लिए बुरी खबर बिना ले-आउट पास कराये प्लाटिंग तथा भवन व अन्य निर्माण कार्यों का चिन्हांकन प्रारम्भ

Raebareli : आरडीए के अधिकारियों व कर्मचारी की काली कमाई पर डीएम की कार्रवाई से लग सकती है रोक

Raebareli : विकास प्राधिकरण अधिकारियों की मिली भगत से जिले में भूमाफियाओं का बोलबाला देखने को मिल रहा है। डीएम के इस सख्ती के बाद और इन दोनों के गठजोड़ से काली कमाई करने वाले विभाग के अधिकारियों की कमाई फीकी पड़ सकती है। बता दें विकास प्राधिकरण क्षेत्र में बिना ले-आउट पास कराये प्लाटिंग करने या बिना नक्शा पास कराये मकान बनाने या कि किसी भी प्रकार के निर्माण को लेकर सख्त हो गया है।

जानकारी अनुसार बता दे कि शुक्रवार को उपाध्यक्ष रायबरेली विकास प्राधिकरण हर्षिता माथुर के निर्देश पर सचिव,विकास प्राधिकरण अपर जिलाधिकारी विशाल कुमार यादव ने ऐसे बिना ले-आउट पास कराये प्लाटिंग तथा भवन व अन्य निर्माण कार्यों का चिन्हांकन प्रारम्भ कर दिया है। सचिव द्वारा बताया गया कि उपाध्यक्ष के निर्देश पर प्रवर्तन कार्य में तेजी लायी गयी है। प्राधिकरण क्षेत्र में पूर्व में भी बिना ले-आउट या नक्शा पास प्लाटिंग/भवनों आदि पर डिमोलीशन/ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गयी है। समय-समय पर अवैध प्लाटिंग, निर्माण पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही विकास प्राधिकरण द्वारा की जाती है।

सचिव, रायबरेली विकास प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि कोई भी प्लाट क्रय करने से पूर्व भूमि का भू-उपयोग (लैण्ड यूज) अवश्य पता कर ले तथा ले-आउट स्वीकृत प्लाट ही खरीदें। बिना ले-आउट स्वीकृत कॉलोनी विकसित करना और प्लाटिंग करना अवैधानिक है। ऐसे बिना ले-आउट पास कालोनी में मकान बनाने या अन्य निर्माण पर विकास प्राधिकरण द्वारा मानचित्र स्वीकृत नहीं किया जा सकता  तथा ऐसे अवैध प्लाटिंग और कालोनियों तथा अनधिकृत निर्माण की स्थिति में विधिक व ध्वस्तीकरण की कार्यवाही विकास प्राधिकरण द्वारा की जा सकती है।

सचिव, विकास प्राधिकरण द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में प्लाटिंग कर्ताओं को चेतावनी दी है कि बिना ले-आउट पास कराये अवैध प्लाटिंग,निर्माण आदि न करें साथ ही उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि कोई भी प्लाट खरीदने से पूर्व भूमि का भू-उपयोग (लैण्ड यूज) अवश्य पता कर ले, यदि किसी प्लाटिंग/कालोनी में प्लाट क्रय कर रहे हैं, तो यह अवश्य जानकारी कर लें कि प्लाटिंगकर्ताओं द्वारा कालोनी का ले-आउट विकास प्राधिकरण से स्वीकृत कराया गया है या नहीं। यदि ले-आउट अप्रूव है तभी प्लाट/भूमि खरीदें, अन्यथा जब कालोनी को अवैध मानते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही जायेगी तब आमजन के जीवन भर की पूंजी चली जायेगी। साथ ही अवैध कालोनी में आपके मकान का मानचित्र भी स्वीकृत नहीं होगा इसलिए उन्होंने आमजन से अपील की है।

विकास प्राधिकरण से ले-आउट स्वीकृत प्लाटिंग/कालोनी में ही प्लाट खरीदें। विकास प्राधिकरण लैण्ड यूज के अनुरूप 15 दिवस में मानचित्र स्वीकृति प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। मानचित्र स्वीकृत न पाये जाने की दशा में निर्माण कार्य रोकने, सीलिंग के साथ ध्वस्तीकरण की भी कार्यवाही की जा सकती है। इसलिए किसी भी प्रकार के निर्माण से पूर्व भूमि का भू-उपयोग जानने के साथ-साथ मानचित्र/ले-आउट स्वीकृत होना आवश्यक है, जिससे शहर का सुनियोजित विकास हो सके।

Other Latest News

Leave a Comment