Jharkhand Air Ambulance Crash: झारखंड के चतरा जिले में सोमवार शाम एक बेहद दर्दनाक हादसा हुआ है। रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली एक एयर एंबुलेंस (मेडिकल एवेक्यूएशन फ्लाइट) क्रैश हो गई। इस हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक गंभीर रूप से झुलसा मरीज, उसके परिजन, डॉक्टर, पैरामेडिक और दो क्रू मेंबर्स शामिल हैं। यह घटना इलाज की आशा लेकर उड़े विमान को मौत की सौगात बन गई।
हादसे का समय और शुरुआती जानकारी

एयर एंबुलेंस ने रांची एयरपोर्ट से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी। यह रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड का बीचक्राफ्ट C90 एयरक्राफ्ट (रजिस्ट्रेशन VT-AJV) था, जो मेडिकल इमरजेंसी के लिए चार्टर्ड था। उड़ान भरने के महज 23 मिनट बाद, यानी शाम 7:34 बजे, विमान का संपर्क कोलकाता एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से टूट गया। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अनुसार, पायलट्स ने खराब मौसम के कारण रूट डिविएशन (मार्ग परिवर्तन) की रिक्वेस्ट की थी। इसके तुरंत बाद विमान रडार से गायब हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, सिमरिया थाना क्षेत्र के कसरिया पंचायत में करम टांड़ के घने जंगलों के ऊपर विमान लड़खड़ाता दिखा। फिर तेज धमाके के साथ वह जंगल में जा गिरा। आसमान में आग की लपटें और धुआं देखा गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
विमान में सवार कौन थे?
विमान में कुल सात लोग सवार थे:
- दो पायलट (कैप्टन विवेक विकास भगत और कैप्टन सवरजदीप सिंह)
- गंभीर मरीज संजय कुमार (41 वर्षीय, 65% जलन से घायल, देवकमल हॉस्पिटल रांची से दिल्ली बेहतर इलाज के लिए ले जाया जा रहा था)
- डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता
- पैरामेडिक/मेल नर्स सचिन कुमार मिश्रा
- दो अटेंडेंट्स/परिजन (अर्चना देवी और धुरु कुमार)
मरीज को दिल्ली के किसी बड़े अस्पताल में स्पेशलाइज्ड बर्न ट्रीटमेंट के लिए एयरलिफ्ट किया जा रहा था। परिवार की उम्मीदें इस उड़ान से जुड़ी थीं, लेकिन यह सफर मौत का सफर बन गया।
क्रैश साइट और रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसा चतरा जिले के सिमरिया ब्लॉक के कसरिया पंचायत में हुआ, जो घना जंगली इलाका है। शाम का समय और खराब मौसम (थंडरस्टॉर्म) होने से रेस्क्यू टीमों को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने सबसे पहले सूचना दी, जिसके बाद सिमरिया थाना पुलिस, जिला प्रशासन और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं।
चतरा की डिप्टी कमिश्नर कीर्तिश्री जी ने पुष्टि की कि सभी सात शव बरामद कर लिए गए हैं और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजे गए हैं। मलबे से जांच के लिए सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। दुर्गम इलाका होने से पहुंचने में देरी हुई, लेकिन रात भर ऑपरेशन जारी रहा।
संभावित कारण और जांच
DGCA ने प्रारंभिक बयान में खराब मौसम को प्रमुख कारण बताया है। पायलट्स ने वेदर डिविएशन मांगा था, लेकिन इसके बाद संपर्क टूट गया। यह पिछले एक महीने में दूसरा बड़ा एयरक्राफ्ट हादसा है, जिससे एविएशन सेफ्टी पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच में शामिल होंगे:
- DGCA की टीम
- एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB)
- पुलिस और फॉरेंसिक एक्सपर्ट
ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद होने पर सटीक कारण पता चलेगा। शुरुआती रिपोर्ट्स में टेक्निकल फेलियर या वेदर से जुड़ी समस्या की आशंका जताई जा रही है।
परिवारों का दर्द और उनका कहना
मृतक मरीज संजय कुमार के परिजनों ने बताया कि वे इलाज की आखिरी उम्मीद लेकर विमान में सवार हुए थे। अब पूरा परिवार सदमे में है। स्थानीय लोग इस हादसे को “दिल दहला देने वाला” बता रहे हैं। झारखंड सरकार ने शोक व्यक्त किया है और पीड़ित परिवारों को मदद का ऐलान किया है।










