Iran Israel War Updates: मध्य पूर्व में अमेरिका-इज़राइल बनाम ईरान के बीच चल रही जंग के लाइव अपडेट्स आज 12 मार्च 2026 को काफी तेज़ हो गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है कि उन्होंने जंग जीत ली है। वहीं ईरान ने सीजफायर (युद्धविराम) के लिए तीन शर्तें रखी हैं और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में तुरंत लड़ाई रोकने की मांग की जा रही है। यह खबर पूरी दुनिया की नज़रों में है क्योंकि इससे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है।
ट्रंप का जीत का दावा/Iran Israel War Updates
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया पर कहा कि “हमने जंग जीत ली है!” उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों को तबाह कर दिया है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान को ऐसा हमला उम्मीद नहीं था और अब उनके पास ज्यादा कुछ बचा नहीं है। ट्रंप ने कहा, “यह एक छोटी सी एक्सकर्शन (कार्रवाई) थी, जो जल्द खत्म हो जाएगी। हमने कई मायनों में जीत हासिल कर ली है, लेकिन अभी और काम बाकी है।”

ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भी दी कि अगर उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की सप्लाई रोकी तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा जोरदार हमला करेगा। उनका कहना है कि युद्ध तब खत्म होगा जब ट्रंप खुद चाहेंगे। कुछ रिपोर्ट्स में ट्रंप ने “अनकंडीशनल सरेंडर” (बिना शर्त आत्मसमर्पण) की मांग भी की है, यानी ईरान को बिना किसी शर्त के हार माननी होगी।
ईरान की तीन शर्तें सीजफायर के लिए
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ कहा है कि युद्ध खत्म करने के लिए तीन बड़ी शर्तें हैं:
- ईरान के अधिकारों की मान्यता – ईरान कहता है कि यह जंग अमेरिका और इज़राइल ने शुरू की, इसलिए उनके वैध अधिकारों को मानना होगा।
- युद्ध का मुआवजा – अमेरिका और इज़राइल को ईरान को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी।
- भविष्य में हमलों से सुरक्षा की गारंटी – अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठोस गारंटी मिलनी चाहिए कि आगे ऐसा हमला नहीं होगा।
ईरान का कहना है कि इन शर्तों के बिना कोई सीजफायर नहीं होगा। ईरान के विदेश मंत्री और अन्य अधिकारी कह रहे हैं कि वे हार नहीं मानेंगे और लड़ाई जारी रखेंगे। ईरान ने कहा है कि वे सेल्फ-डिफेंस (आत्मरक्षा) के अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं।
UNSC में तुरंत हमले रोकने की मांग की गई
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में कई देशों ने प्रस्ताव पेश किया है कि ईरान तुरंत अपने हमले रोके। प्रस्ताव में ईरान के खाड़ी देशों (जैसे सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन आदि) पर हमलों की निंदा की गई है। UNSC ने तुरंत लड़ाई बंद करने और पड़ोसी देशों पर हमले रोकने की मांग की है। हालांकि, इस प्रस्ताव में अमेरिका-इज़राइल की कार्रवाई की आलोचना नहीं की गई। ईरान इस प्रस्ताव का विरोध कर रहा है।
जंग के 12वें दिन की बड़ी घटनाएं
यह जंग 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई थी और आज इसका 12वां दिन है। इस दौरान कई बड़े हमले हुए:
- ईरान ने पर्सियन गल्फ में दो विदेशी तेल टैंकरों पर हमला किया, जिनमें एक अमेरिकी कंपनी का था। इनमें आग लग गई, एक व्यक्ति की मौत हुई और 38 क्रू मेंबर्स को बचाया गया।
- ईरान ने खाड़ी में कई मर्चेंट शिप्स पर अटैक किए, जिससे होर्मुज स्ट्रेट से तेल का ट्रांसपोर्ट पूरी तरह रुक गया।
- इज़राइल ने बेरूत (लेबनान) पर बड़े पैमाने पर हवाई और समुद्री हमले किए।
- मिडिल ईस्ट के एयरस्पेस बंद हो गए, 179 फ्लाइट्स कैंसल हुईं, दुबई से दोहा तक यात्रियों को परेशानी हुई।
ईरान के नए सुप्रीम लीडर की नियुक्ति भी हुई है। ईरान के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फिकार ने कहा, तेल 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है, क्योंकि आपने क्षेत्र की सुरक्षा बिगाड़ दी है।
तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक असर
ईरान के हमलों से तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद रहा तो तेल की कीमतें 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। इससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। अमेरिका कह रहा है कि उसने ईरान को कमजोर कर दिया है, लेकिन ईरान लगातार पलटवार कर रहा है।
निष्कर्ष
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप जीत का ऐलान कर रहे हैं, लेकिन ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं। दोनों तरफ से धमकियां जारी हैं। UNSC की बैठक में क्या फैसला होता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। दुनिया को डर है कि यह जंग और लंबी खिंचेगी या बड़े पैमाने पर फैलेगी। फिलहाल मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और हर कोई अपडेट्स पर नजर रखे हुए है।










