अक्षय तृतीया 2026: इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जा रही है। हिंदू धर्म में इस दिन को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी शादी, गृह प्रवेश, खरीदारी जैसे शुभ काम किए जा सकते हैं। यही वजह है कि इस बार दिल्ली और आसपास के इलाकों में हजारों जोड़े शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं।
जानकारों के अनुसार, इस बार करीब 10 से 15 हजार शादियां होने का अनुमान है। ऐसे में शहरभर में शहनाइयों की गूंज सुनाई देगी और हर तरफ शादी का माहौल नजर आएगा। लंबे समय से जिन लोगों की शादी टल रही थी, उन्होंने इस खास दिन का इंतजार किया और अब एक साथ बड़ी संख्या में विवाह तय किए गए हैं।

अक्षय तृतीया का शुभ समय
इस दिन पूजा का सबसे शुभ समय सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक रहेगा। यह समय करीब 1 घंटा 32 मिनट का है, जिसे बहुत शुभ माना जा रहा है।
तृतीया तिथि की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे से होगी और इसका समापन 20 अप्रैल 2026 को सुबह 07:27 बजे होगा।
बाजारों में बढ़ी रौनक, कारोबार में तेजी
अक्षय तृतीया के मौके पर बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। दिल्ली-एनसीआर के सर्राफा बाजार, कपड़ा बाजार और सजावट से जुड़े बाजारों में ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है। लोग शादी और पूजा के लिए सोना, चांदी, कपड़े और अन्य जरूरी सामान खरीद रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि इस बार कारोबार में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है। खासकर ज्वेलरी और कपड़ों की बिक्री में तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा कैटरिंग, डेकोरेशन और अन्य शादी से जुड़े कामों की मांग भी काफी बढ़ गई है।
बैंक्वेट हॉल और होटल पहले से फुल
शादियों की भारी संख्या को देखते हुए बैंक्वेट हॉल, होटल और धर्मशालाएं पहले से ही बुक हो चुकी हैं। कई जगहों पर एक ही दिन में कई शादियां आयोजित की जा रही हैं, जिससे व्यवस्थाओं को संभालना चुनौती बन गया है।
वेडिंग प्लानर्स का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर एक ही दिन में शादियां होना आसान नहीं होता। स्टाफ, खाना, सजावट और मेहमानों की व्यवस्था करना काफी मुश्किल हो जाता है, लेकिन इसके बावजूद लोग इस दिन शादी करना ज्यादा पसंद करते हैं क्योंकि इसे बेहद शुभ माना जाता है।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा शादियां
ग्राउंड इनपुट के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों में शादी समारोहों की बुकिंग सबसे ज्यादा देखी जा रही है। द्वारका, जनकपुरी और उत्तम नगर के बैंक्वेट हॉल और कम्युनिटी सेंटर पूरी तरह से बुक हैं।
इसके अलावा रोहिणी, पीतमपुरा, शालीमार बाग, लक्ष्मी नगर, शाहदरा और विवेक विहार में भी शादी समारोहों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। वहीं छतरपुर, महरौली और फतेहपुर बेरी जैसे इलाकों में फार्महाउस वेडिंग का ट्रेंड ज्यादा है, जहां हाई-प्रोफाइल शादियां आयोजित की जाएंगी।
दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी बड़ी संख्या में शादियां होने जा रही हैं, जिससे पूरे एनसीआर क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल रहेगा।
ट्रैफिक और पार्किंग को लेकर प्रशासन अलर्ट
एक ही दिन में इतनी ज्यादा शादियां होने के कारण ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या भी बढ़ सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। प्रमुख वेडिंग लोकेशनों के आसपास ट्रैफिक मैनेजमेंट की खास व्यवस्था की जा रही है ताकि लोगों को परेशानी न हो।
पुलिस और प्रशासन की टीमें भीड़भाड़ वाले इलाकों पर नजर रखेंगी और जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जा सकता है। लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे समय से निकलें और नियमों का पालन करें।
वेडिंग इंडस्ट्री पर बढ़ा दबाव
एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में शादियां होने से वेडिंग इंडस्ट्री पर भी दबाव बढ़ गया है। कैटरर्स, डेकोरेटर्स, मेकअप आर्टिस्ट और फोटोग्राफर्स की डिमांड काफी ज्यादा हो गई है। कई सर्विस प्रोवाइडर्स को एक ही दिन में कई इवेंट संभालने पड़ रहे हैं।
वेडिंग प्लानर्स का कहना है कि अक्षय तृतीया का दिन खास होता है, इसलिए लोग तारीख बदलने को तैयार नहीं होते। यही वजह है कि सभी सेवाओं पर एक साथ दबाव बढ़ जाता है।
क्यों खास है अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया को धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। “अक्षय” का मतलब होता है जो कभी खत्म न हो। मान्यता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों का फल हमेशा बना रहता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। इसी वजह से लोग इस दिन शादी, नई शुरुआत और खरीदारी को शुभ मानते हैं। हर साल की तरह इस बार भी यह दिन खुशियों और उत्सव से भरा रहने वाला है, जहां हजारों परिवार नए रिश्तों की शुरुआत करेंगे।










