रायबरेली: मिल एरिया थाना क्षेत्र के बंदीपुर गांव में रविवार शाम एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वन संरक्षण कानूनों की जमीन पर हकीकत को उजागर कर दिया। करीब 4 बजे, नहर के किनारे खड़े पेड़ों पर एक लकड़ी ठेकेदार ने खुलेआम आरा चला दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरी कार्रवाई बिना किसी वैध अनुमति के की गई, जिससे प्रशासनिक सख्ती पर सवाल उठ रहे हैं।
प्रतिबंधित पेड़ों की कटाई से बढ़ी चिंता
ग्रामीणों के मुताबिक, जिन पेड़ों को काटा गया उनमें गूलर सहित कई कीमती और संरक्षित प्रजातियां शामिल हैं। ये पेड़ पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इसके बावजूद दिनदहाड़े इनकी कटाई होना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है।

वीडियो वायरल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
घटना के दौरान गांव के कुछ युवाओं ने पूरी कटाई का वीडियो बना लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे पेड़ों को काटकर मौके से हटाया जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि:
- कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई
- ठेकेदार बेखौफ होकर काम कर रहा है
- वन विभाग की भूमिका संदिग्ध लग रही है
वन विभाग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मामले की जानकारी वन विभाग को दी गई थी, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो पेड़ों को बचाया जा सकता था।
लिस का बयान: शिकायत पर होगी कार्रवाई
मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि अभी तक उनके पास कोई आधिकारिक शिकायत नहीं आई है। हालांकि, यदि शिकायत दर्ज होती है तो जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदारी किसकी है—वन विभाग की या पुलिस की?
ग्रामीणों की मांग: सख्त कार्रवाई हो
गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर ऐसे ही अवैध कटान जारी रहा, तो आने वाले समय में पर्यावरण को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।










