रायबरेली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में शनिवार 9 मई 2026 की रात करीब 10 बजे एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। कहारों के अड्डे के पास रोजी-रोटी कमाने के लिए रेहड़ी लगाकर फल बेच रहे एक मेहनतकश फल विक्रेता पर अचानक जर्जर मकान का भारी-भरकम छज्जा गिर पड़ा। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान मोहम्मद सलीम (45 वर्ष) के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि मोहम्मद सलीम प्रतिदिन की तरह सड़क किनारे पुराने मकान के नीचे अपनी रेहड़ी लगाकर तरबूज और खरबूजा बेच रहे थे। भीषण गर्मी के चलते ग्राहक लगातार फल खरीदने पहुंच रहे थे। तभी अचानक पुराने और जर्जर मकान का छज्जा भरभराकर सीधे सलीम के ऊपर आ गिरा। देखते ही देखते चारों तरफ धूल और चीख-पुकार मच गई।

स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर सलीम को निकालने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मलबे में दबने से उनकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और भारी भीड़ जमा हो गई।
मोहम्मद सलीम अपने परिवार का पालन-पोषण फल बेचकर करते थे। हर दिन की तरह वह घर से इस उम्मीद में निकले थे कि कुछ पैसे कमाकर परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटा पाएंगे, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि जिस जर्जर इमारत की छाया में खड़े होकर वह धूप से बच रहे हैं, वही इमारत उनकी जिंदगी छीन लेगी।
हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि शहर में कई जर्जर मकान मौत बनकर खड़े हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ कागजों में कार्रवाई करता है। अगर समय रहते इन खतरनाक इमारतों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाती तो शायद आज एक गरीब मेहनतकश की जान बच सकती थी।
प्रशासनिक लापरवाही पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने नगर पालिका और प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का आरोप है कि शहर में दर्जनों जर्जर भवन खुलेआम हादसों को दावत दे रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू
सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित किया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद मलबे से शव को बाहर निकलवाया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि जर्जर भवन की जिम्मेदारी किसकी थी। वहीं इस दर्दनाक हादसे ने शहर में जर्जर इमारतों की भयावह स्थिति को एक बार फिर उजागर कर दिया है।










