Ramgarh: रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र में नकली अंग्रेजी शराब तैयार कर उसकी सप्लाई करने के मामले में फरार चल रहे दो आरोपित आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने सोमवार को गुप्त सूचना के आधार पर ऊपर खाखरा गांव के पत्थर गड्ढा टोला में दबिश देकर वजूल मांझी और जीवन मांझी को गिरफ्तार किया। दोनों लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे थे।
चार महीने से फरार चल रहे थे दोनों

पुलिस के मुताबिक, 26 वर्षीय वजूल मांझी और 50 वर्षीय जीवन मांझी इसी गांव के रहने वाले हैं। नकली शराब तैयार करने के मामले में नाम सामने आने के बाद दोनों करीब चार महीने से फरार चल रहे थे। सोमवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि दोनों चोरी-छिपे अपने घर लौटे हैं। इसके बाद पुलिस ने बिना समय गंवाए गिरफ्तारी की योजना तैयार की।
घर को चारों तरफ से घेरकर दबोचा
एसपी मुकेश कुमार लुनायत के निर्देश पर एसडीपीओ आलोक रंजन के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने ऊपर खाखरा गांव पहुंचकर दोनों के घर की घेराबंदी कर दी। पुलिस की मौजूदगी का पता चलते ही दोनों ने निकलकर भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उन्हें घेरकर पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों को गोला थाना लाया गया, जहां आवश्यक पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
10 मई की छापेमारी में सामने आई थी फैक्ट्री
मामले की शुरुआत 10 मई को हुई पुलिस कार्रवाई से हुई थी। उस दिन गोला पुलिस ने आरोपितों के घर पर छापेमारी की थी। पुलिस के अनुसार, घर के अंदर नकली अंग्रेजी शराब तैयार करने का कथित कारोबार चल रहा था। तलाशी के दौरान शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के अलावा बड़ी संख्या में नकली ब्रांडेड रैपर, खाली बोतलें और ढक्कन बरामद किए गए थे।
मशीन और शराब बनाने का सामान भी मिला था
छापेमारी के दौरान पुलिस को शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मशीन और अन्य उपकरण भी मिले थे। कार्रवाई के बाद पुलिस ने मौके से मनोज मुर्मू और भादरू सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वहीं मामले से जुड़े मुख्य कारोबारी बताए जा रहे विनोद शाह को 12 सितंबर को बोकारो से रिमांड पर लिया गया था।
अब दोनों फरार आरोपित भी पुलिस की गिरफ्त में
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई के दौरान वजूल मांझी और जीवन मांझी मौके से निकलने में सफल रहे थे। इसके बाद से पुलिस लगातार उनकी तलाश कर रही थी। करीब चार महीने बाद दोनों के गांव लौटने की सूचना मिली और पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी को मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
गिरफ्तारी अभियान में ये पुलिसकर्मी रहे शामिल
इस कार्रवाई में एसडीपीओ आलोक रंजन के अलावा गोला इंस्पेक्टर पंकज कुमार, थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, सुमित पैंथर मोबाइल और जिला बल के जवान शामिल रहे। पुलिस अब पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और नकली शराब की कथित सप्लाई से जुड़े संपर्कों की भी जांच कर रही है।










