इंदौर: विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत बिहार से मध्यप्रदेश भ्रमण पर पहुंचे 16 सदस्यीय इंफ्लूएंसर दल ने सोमवार को इंदौर में मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार से सौजन्य भेंट की। इस दौरान मंत्री ने दल के सदस्यों से संवाद कर उनकी यात्रा के अनुभव, भ्रमण किए गए स्थलों और मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक एवं विकास यात्रा को लेकर चर्चा की।
मध्यप्रदेश और बिहार की सांस्कृतिक समानताओं पर संवाद

मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि भारत की पहचान केवल शून्य की खोज तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा भी उसकी अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि नालंदा, गया और चंपारण जैसे ऐतिहासिक क्षेत्र भारतीय संस्कृति, शिक्षा और ज्ञान की गौरवशाली विरासत के प्रतीक हैं। उन्होंने बिहार और मध्यप्रदेश के बीच सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक समानताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों राज्यों की परंपराएं भारत की साझा विरासत को मजबूत करती हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में “विकास भी, विरासत भी” के विजन के साथ काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार आधुनिक विकास कार्यों के साथ-साथ सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दे रही है। जल संरक्षण, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में लगातार नए प्रयास किए जा रहे हैं।
इंफ्लूएंसर दल के सदस्यों ने साझा किया मध्यप्रदेश की यात्रा के अनुभव
बिहार से आए इंफ्लूएंसर दल के सदस्यों ने बताया कि मध्यप्रदेश की यात्रा उनके लिए बेहद ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रही। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें प्रदेश की आध्यात्मिक विरासत, सांस्कृतिक परंपराओं और विकास परियोजनाओं को करीब से देखने और समझने का अवसर मिला। दल ने उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, काल भैरव मंदिर, वेधशाला, वैदिक घड़ी, हरियाखेड़ी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, कान्ह डायवर्जन क्लोज्ड डक्ट टनल परियोजना, सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना और विक्रम उद्योगपुरी सहित कई महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण किया।
दल के सदस्यों ने बताया कि धार्मिक स्थलों के साथ-साथ आधुनिक विकास परियोजनाओं को देखने से उन्हें यह समझने का मौका मिला कि मध्यप्रदेश किस तरह विकास और विरासत दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यात्रा की व्यवस्थाओं की भी सराहना की और कहा कि हर स्थल पर उन्हें विस्तृत जानकारी दी गई।
वैदिक घड़ी की विशेषताओं से कराया परिचित
मंत्री इंदर सिंह परमार ने उज्जैन की वैदिक घड़ी की विशेषताओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैदिक घड़ी भारतीय कालगणना, खगोलीय ज्ञान और प्राचीन वैज्ञानिक परंपरा का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उज्जैन सदियों से भारतीय समय गणना और खगोल विज्ञान का प्रमुख केंद्र रहा है और इसकी विरासत आज भी देश की वैज्ञानिक सोच को दर्शाती है।

इंफ्लूएंसर दल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से हुई मुलाकात को भी अपनी यात्रा का यादगार अनुभव बताया। सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान उन्हें मध्यप्रदेश के विकास मॉडल और सांस्कृतिक विरासत के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं।
मंत्री परमार ने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा जैसे कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और विकास मॉडल को समझने का अवसर देते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार से आए इंफ्लूएंसर अपने अनुभवों को सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए देशभर के लोगों तक पहुंचाएंगे, जिससे मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और विकास कार्यों की जानकारी व्यापक स्तर पर साझा हो सकेगी।
इस अवसर पर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण निगम के उपाध्यक्ष संजीव ककर, सुमित मिश्रा, हितेश नागदेव, अतिरिक्त जिला पंचायत सीईओ संजय तिवारी सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं बिहार से आए इंफ्लूएंसर दल में अमित कुमार, कृष्णमुरारी, गौतम कुमार, संतोष कुमार, दीपक कुमार, दुर्गेश कुमार, शिवानी कुमारी, मुस्कान कुमारी और अंकित कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।










