रायबरेली: सदर विधानसभा से प्रत्याशी व भाजपा नेता पुष्पेंद्र सिंह ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आगमन से पहले निशान साधा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 24 सितंबर को रायबरेली दौरे से पहले जिले की सियासत गरमा गई है। अखिलेश यादव 24 सितंबर को पीडीए रथ के जरिए रायबरेली पहुंचेंगे और हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी के आवास पर पहुंचकर चाय पीने का कार्यक्रम है। इसके बाद वह कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। अखिलेश यादव के प्रस्तावित पीडीए अभियान को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता पुष्पेंद्र सिंह ने सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें हाल ही में मीडिया के माध्यम से पीडीए का अर्थ समझ में आया है। उनके मुताबिक इसमें पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज को शामिल किया गया है। पुष्पेंद्र सिंह ने सवाल उठाया कि यदि पीडीए समाज की इतनी चिंता है तो वर्ष 2022 से 2026 के बीच इस मुद्दे को लेकर सक्रियता क्यों नहीं दिखाई गई और चुनाव नजदीक आते ही इसे प्रमुखता क्यों दी जा रही है।

भाजपा नेता ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि अखिलेश यादव आखिर किस ‘पी’ पर चल रहे हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि एक ‘पी’ पंडित है तो दूसरा ‘पी’ पिछड़ा। हालांकि उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार में पिछड़े, दलित और अन्य वर्गों को योजनाओं और विकास कार्यों में प्राथमिकता दी जा रही है।
पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा संगठन में भी पिछड़े वर्ग को प्रतिनिधित्व दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर संगठन के सैकड़ों पदाधिकारी पिछड़े वर्ग से आते हैं। उनके अनुसार भाजपा सरकार के कार्यकाल में विभिन्न वर्गों के लिए योजनाएं संचालित की गई हैं और विकास कार्य कराए गए हैं।
उन्होंने समाजवादी पार्टी से यह भी सवाल किया कि यदि पीडीए के तहत पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की बात की जा रही है तो ठाकुर,पंडित और अन्य सवर्ण बिरादरियों को पार्टी में कितना प्रतिनिधित्व और कितने टिकट दिए जाएंगे।
पुष्पेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि जातिगत पहचान को राजनीतिक मुद्दा बनाकर समाज को अलग-अलग खांचों में बांटने की कोशिश की जा रही है। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए को सामाजिक न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जोड़कर अभियान चलाया जा रहा है। 24 सितंबर को रायबरेली से पीडीए रथ अभियान की शुरुआत इसी रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है। इस राजनीतिक बयानबाजी के बीच अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा जिले में सियासी हलचल बढ़ाने वाला माना जा रहा है। फिलहाल दोनों प्रमुख दलों के नेताओं के बीच पीडीए को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है।










