रायबरेली: जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला पोषण समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित पोषण संबंधी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पोषण सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा योजनाओं का लाभ पात्र बच्चों एवं माताओं तक समय से पहुंचाने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों, निर्माणाधीन परियोजना कार्यालयों, सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण वाटिकाओं तथा सैम एवं मैम श्रेणी के बच्चों के चिन्हांकन और उनकी स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से योजनावार प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों और समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

डीएम ने कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों और माताओं को उपलब्ध कराई जा रही पोषण सेवाओं की नियमित निगरानी की जाए। विशेष रूप से सैम (गंभीर तीव्र कुपोषण) एवं मैम (मध्यम तीव्र कुपोषण) श्रेणी के बच्चों का समय से चिन्हांकन कर उनके स्वास्थ्य और पोषण में सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि सैम श्रेणी के उपचारित 16 बच्चों में से 13 बच्चे अब गंभीर कुपोषण की श्रेणी से बाहर आ चुके हैं। इस पर जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी जारी रखने और उपचार के बाद भी उनकी पोषण स्थिति पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्रों एवं परियोजना कार्यालयों के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन स्थानों पर निर्माण कार्य की गति धीमी है, वहां संबंधित अधिकारी प्रभावी कार्रवाई करते हुए कार्य में तेजी लाएं। इसके साथ ही सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों और पोषण वाटिकाओं को अधिक उपयोगी एवं प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया, ताकि बच्चों और महिलाओं को योजनाओं का बेहतर लाभ मिल सके।










