Karma Puja 2026: रामगढ़ जिला के चित्तरपुर प्रखंड के अंतर्गत बोरोबिंग पंचायत के छोटकीपोना में प्रकृति का महापर्व करमा पूजा धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ शांति पूर्वक संपन्न, यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है करमा पूजा भादो एकादशी की माह में मनाया जाने वाला पर्व है इस पर्व को सृजन पर आधारित भी कहा जाता है। प्रखंड के छोटकीपोना बस्ती में बेहद भक्तिभाव, पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया।
विधि-विधान से हुई करमा डाल की पूजा

पूजा को लेकर छोटकीपोना के युवतियों और बहनों में खासा उत्साह देखा गया। संध्या काल में गांव के युवा गाजे-बाजे के साथ जंगल से करमा पेड़ की शाखा (डाल) काटकर लाए, जिसे अखड़ा में पूर्ण विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ स्थापित किया गया। इसके बाद बहनों ने उपवास रखकर अपने भाइयों की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और रक्षा के लिए करम राजा की पूजा-अर्चना की।
कथा श्रवण और जावा वितरण
पाहन और पुरोहितों ने श्रद्धालुओं को करमा और धरमा दो भाइयों की पौराणिक एवं पारंपरिक कथा सुनाई। कथा के माध्यम से कर्म की प्रधानता और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। पूजा के पश्चात अंकुरित अनाज (जावा) का वितरण किया गया, जिसे बहनों ने अपने भाइयों के कानों में लगाकर आशीर्वाद दिया और मंगल कामना की।

मांदर की थाप पर रात भर चला झुमर नृत्य
पूजा संपन्न होने के बाद अखड़ा में पारंपरिक झुमर गीतों का दौर शुरू हुआ। पारंपरिक लाल-पाड़ परिधान में सजी-धजी युवतियों और महिलाओं ने मांदर और बांसुरी की धुन पर समूह में गोल घेरा बनाकर रात भर झुमर नृत्य किया।
“आपण करम, भैया के धरम… कर्म गोसाईं तोरा आसरा, तोर आसरा से भाई के जिंदगी बीतो।” — इन्हीं पारंपरिक गीतों से पूरा छोटकीपोना गांव गूंजता रहा।
सामाजिक सौहार्द का दिखा अद्भुत नजारा, आज शाम करमा डाल को नाचते गाते हुए तालाब में विर्सजन किया गया। इस अवसर पर छोटकीपोना के बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों की भारी उपस्थिति रही। करमा पूजा के इस कार्यक्रम को सफल बनाने का श्रेय करमा पूजा समिति को जाता है।










