Gomia: शिक्षा, स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में सक्रिय सामाजिक संस्था सत्यलोक – ए न्यू होप ने प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जरूरतमंद बच्चों एवं उनके परिवारों के साथ दीपावली का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया। संस्था का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के घरों तक दीपावली की खुशियां पहुंचाना और यह सुनिश्चित करना था कि संसाधनों के अभाव में किसी भी बच्चे का घर त्योहार की रोशनी से वंचित न रह जाए।
सत्यलोक संस्था पिछले कई वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों के सैकड़ों जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान कर रही है। इसी सेवा भावना को आगे बढ़ाते हुए संस्था ने इस वर्ष भी विशेष दीपावली उपहार पैकेट तैयार किए, जिनमें मिट्टी के दीये, बाती, सरसों का तेल, कम आवाज वाले पटाखे तथा मिठाइयां शामिल थीं। इन उपहारों का उद्देश्य बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने के साथ-साथ उनके परिवारों को भी दीपावली की खुशियों में सहभागी बनाना था।

कार्यक्रम की शुरुआत पिपराडीह से हुई, जहां सुबह सत्यलोक के स्वयंसेवक एकत्रित हुए। यहां संस्था के माध्यम से निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को दीपावली उपहार एवं पुरस्कार प्रदान किए गए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखते ही बन रहा था।
इसके पश्चात सत्यलोक की टीम नवाडीह पहुंची, जहां संस्था से जुड़े जरूरतमंद बच्चों के बीच विशेष दीपावली उपहार पैकेट का वितरण किया गया। स्वयंसेवकों ने बच्चों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दीं तथा उनके सुखद एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष मनोज महतो ने कहा, “दीपावली केवल अपने घरों को रोशन करने का पर्व नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी खुशियों का प्रकाश फैलाने का अवसर है। हमारा प्रयास रहता है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी बच्चे की दीपावली फीकी न पड़े। जब किसी जरूरतमंद बच्चे के चेहरे पर मुस्कान आती है, तो वही हमारे लिए दीपावली का सबसे बड़ा उपहार होता है।”
उन्होंने आगे कहा कि सत्यलोक का उद्देश्य केवल बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करना भी है। संस्था का मानना है कि शिक्षा से भविष्य संवरता है और संवेदनशीलता से समाज।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सत्यलोक के समर्पित स्वयंसेवकों रंजीत, अर्सलान, गणेश, जूलियस, सुबोध, रवि, अतुल, संजीत, मानस्वी, चांदनी, नंदिनी एवं फरमान का विशेष योगदान रहा। संस्था ने कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग करने वाले सभी दानदाताओं, शुभचिंतकों एवं स्वयंसेवकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
सत्यलोक ने समाज के सभी सक्षम लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास रहने वाले जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आएं, ताकि त्योहारों की वास्तविक खुशियां समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सकें।
संस्था का संदेश है — “दीपावली की असली रोशनी दीयों में ही नहीं, बल्कि उन मुस्कुराते चेहरों में भी होती है, जिनके जीवन में हम थोड़ी-सी खुशी ला सकें।”










