Ramgarh: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Hemant Soren) अपने दिवंगत माता रूपी सोरेन (Rupi Soren) के श्राद्धकर्म से जुड़ी परंपराओं का निर्वहन कर रहे हैं। रामगढ़ (Ramgarh) जिले के नेमरा (Nemra) गांव स्थित पैतृक आवास पर उन्होंने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ स्थानीय रीति-रिवाजों के अनुसार माता की स्मृति में भोजन परोसने की रस्म पूरी की। संथाली समाज की परंपराओं के अनुरूप आयोजित इन अनुष्ठानों के बीच पैतृक गांव में श्राद्धकर्म की तैयारियां भी की जा रही हैं।
माता की स्मृति में निभाई गई भोजन परोसने की परंपरा

नेमरा स्थित मुख्यमंत्री के पैतृक आवास पर दिवंगत रूपी सोरेन के निमित्त भोजन परोसने की रस्म पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने स्थानीय मान्यताओं और सामाजिक परंपराओं के अनुरूप अनुष्ठान में भाग लिया। संथाली समाज में प्रचलित रीति-रिवाजों के अनुसार दिवंगत परिजन की स्मृति में किए जाने वाले इन कार्यों को विशेष महत्व दिया जाता है।
10 अक्टूबर को पूरी होंगी श्राद्धकर्म की प्रमुख रस्में
निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, 10 अक्टूबर को श्राद्धकर्म से जुड़ी तीन दिनों की रस्मों को पूरा किया जाएगा। इस दिन गांव में छुतका उतारने की परंपरा निभाई जाएगी। इसके तहत ग्रामीण दाढ़ी-मूंछ बनवाने सहित अन्य निर्धारित धार्मिक और सामाजिक प्रक्रियाओं को पूरा करेंगे। इन रस्मों के संपन्न होने के साथ गांव में शोक से जुड़ी परंपराओं का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा होगा।
दस दिनों तक संथाली रीति-रिवाजों का करेंगे पालन
माता को मुखाग्नि देने के कारण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दस दिनों तक संथाली समाज की निर्धारित परंपराओं का पालन करेंगे। इस अवधि में उनके खान-पान को लेकर भी विशेष नियम रखे गए हैं। परंपरा के अनुसार, वह हल्दी, तेल और नमक का सेवन नहीं करेंगे। उनके भोजन में बिना नमक का अरवा चावल का भात शामिल रहेगा। यह व्यवस्था श्राद्धकर्म के दौरान निभाई जाने वाली पारिवारिक और सामुदायिक मान्यताओं के अनुरूप की गई है।
सुबह-शाम निर्धारित स्थान पर पहुंचाया जाएगा भोजन और प्रसाद
श्राद्धकर्म की परंपरा के तहत प्रतिदिन सुबह और शाम गांव के कुल्ही मोड़ा तथा दो बटिया स्थान के पास दिवंगत रूपी सोरेन के निमित्त भोजन और प्रसाद ले जाया जाएगा। इसमें चावल, दातून और पानी दोने में रखकर ले जाने की व्यवस्था है। इन गतिविधियों के जरिए परिवार संथाली समाज में प्रचलित रीति-रिवाजों का निर्वहन करेगा।










