Airtel Google RCS Partnership: एयरटेल और गूगल की बड़ी साझेदारी,RCS मैसेजिंग पर स्पैम से मिलेगा छुटकारा!

Airtel Google RCS Partnership: स्पैम और फ्रॉड से मिलेगी छुटकारा! एयरटेल-गूगल की ग्लोबल फर्स्ट पार्टनरशिप

Airtel Google RCS Partnership: भारत में स्पैम और डिजिटल फ्रॉड की समस्या से जूझ रहे लाखों मोबाइल यूजर्स के लिए अच्छी खबर है। भारती एयरटेल और गूगल ने हाथ मिलाकर एक नई साझेदारी की घोषणा की है, जिससे RCS (Rich Communication Services) मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर स्पैम और फर्जी मैसेज पर कड़ी नकेल कसी जाएगी। यह पार्टनरशिप एक ग्लोबल फर्स्ट है, जहां एयरटेल की AI-पावर्ड स्पैम डिटेक्शन तकनीक को गूगल के RCS प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट किया जा रहा है। इससे यूजर्स को सुरक्षित, हाई-क्वालिटी मैसेजिंग का अनुभव मिलेगा, जिसमें स्पैम और फ्रॉड का खतरा काफी कम हो जाएगा।

एयरटेल और गूगल की साझेदारी का मकसद क्या है?/Airtel Google RCS Partnership

भारत में स्पैम कॉल्स और मैसेज की समस्या बहुत बड़ी है। एयरटेल के मुताबिक, पिछले 1.5 साल में कंपनी ने अपनी AI-पावर्ड इनिशिएटिव्स से 71 अरब स्पैम कॉल्स और 2.9 अरब स्पैम SMS ब्लॉक किए हैं, जिससे नेटवर्क पर फाइनेंशियल लॉस में 68.7% की कमी आई है। लेकिन अब OTT मैसेजिंग ऐप्स (जैसे RCS) पर स्पैम बढ़ रहा है, जहां ट्रेडिशनल टेलीकॉम सुरक्षा काम नहीं करती। इसी गैप को भरने के लिए एयरटेल और गूगल ने मिलकर काम किया है।
इस पार्टनरशिप से एयरटेल की नेटवर्क इंटेलिजेंस और AI स्पैम फिल्टरिंग को गूगल के RCS प्लेटफॉर्म में जोड़ा जा रहा है। RCS मैसेजिंग गूगल मैसेजेस ऐप में उपलब्ध है, जो ज्यादातर एंड्रॉयड फोन्स में पहले से इंस्टॉल रहता है।

RCS मैसेजिंग में क्या-क्या नए फीचर्स मिलेंगे?

RCS मैसेजिंग SMS से बहुत आगे है। इसमें यूजर्स हाई-क्वालिटी फोटो, वीडियो शेयर कर सकते हैं, मैसेज पर रिएक्शन दे सकते हैं, और इंटरैक्टिव चैट कर सकते हैं। लेकिन स्पैम की वजह से RCS का इस्तेमाल कम हो रहा था। अब इस साझेदारी से:

  • बिजनेस सेंडर्स की पहचान टेलीकॉम-लेवल वेरिफिकेशन से होगी, ताकि फर्जी कंपनियां मैसेज न भेज सकें।
  • यूजर्स की DND (Do Not Disturb) प्राथमिकताओं का सम्मान किया जाएगा – प्रमोशनल या ट्रांजेक्शनल मैसेज को कैटेगरी के हिसाब से कंट्रोल किया जाएगा।
  • AI से रीयल-टाइम चेक होगा, संदिग्ध लिंक्स और हानिकारक मैसेज ऑटोमैटिकली फिल्टर हो जाएंगे।
  • मल्टी-लेयर सिक्योरिटी से स्पैम और फ्रॉड काफी कम होगा।

एयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा, हम लंबे समय से स्पैम पर लगाम लगाने के लिए काम कर रहे हैं। गूगल के साथ यह पार्टनरशिप रिच मैसेजिंग को ज्यादा सुरक्षित बनाने का बड़ा कदम है। हमने अब कस्टमर प्रोटेक्शन को टेलीकॉम से आगे बढ़ाकर RCS जैसे प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया है।

यूजर्स को कैसे होगा फायदा?

  • स्पैम और फर्जी मैसेज से राहत: बैंक OTP, प्रमोशनल ऑफर्स या स्कैम मैसेज कम आएंगे।
  • सुरक्षित मैसेजिंग: गूगल मैसेजेस ऐप में RCS चैट ज्यादा भरोसेमंद होगी।
  • बेहतर अनुभव: हाई-क्वालिटी मीडिया, रिएक्शन और इंटरैक्टिव फीचर्स बिना स्पैम के डर के इस्तेमाल कर सकेंगे।
  • फाइनेंशियल फ्रॉड में कमी: संदिग्ध लिंक्स और फेक मैसेज ब्लॉक होने से पैसे की चोरी का खतरा घटेगा।
    एयरटेल ने अन्य OTT प्लेटफॉर्म्स जैसे Meta (WhatsApp), Telegram और Signal से भी अपील की है कि वे इसी तरह सहयोग करें, ताकि पूरा मैसेजिंग इकोसिस्टम सुरक्षित हो।

यह पार्टनरशिप क्यों खास है?

यह दुनिया में पहली बार है जब किसी टेलीकॉम कंपनी की AI स्पैम फिल्टरिंग को RCS जैसे OTT प्लेटफॉर्म में इंटीग्रेट किया गया है। गूगल के एंड्रॉयड इकोसिस्टम प्रमुख समीर समत का कहना है कि यह पहल भारत के सभी मोबाइल यूजर्स को ज्यादा भरोसे के साथ मैसेजिंग करने में मदद करेगी। हम भविष्य में अन्य टेलीकॉम कंपनियों के साथ भी काम करके मैसेजिंग सुरक्षा को स्टैंडर्डाइज करेंगे।

एयरटेल के पास 46 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं, और यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर है। RCS पहले से Jio और Vi पर उपलब्ध है, लेकिन एयरटेल अब स्पैम प्रोटेक्शन के साथ आगे बढ़ रहा है।

निष्कर्ष

यह सिस्टम धीरे-धीरे रोलआउट होगा, और यूजर्स को गूगल मैसेजेस ऐप में अपडेट मिलेगा। स्पैम की समस्या से परेशान यूजर्स के लिए यह बड़ा राहत भरा कदम है। अगर आप एयरटेल यूजर हैं, तो जल्द ही आपके मैसेजिंग अनुभव में बड़ा बदलाव महसूस होगा – कम स्पैम, ज्यादा सुरक्षा और बेहतर फीचर्स!

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