Akhand Bharat Population 2026: अखंड भारत (Akhand Bharat) का मतलब है एक अविभाजित या एकीकृत भारत, जिसमें आज के भारत के अलावा पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, म्यांमार (बर्मा), मालदीव और कभी-कभी तिब्बत जैसे इलाके शामिल माने जाते हैं। यह विचार ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक आधार पर आता है, लेकिन आज यह सिर्फ एक काल्पनिक अवधारणा है।
सवाल यह है कि अगर आज (2026 में) ये सारे देश एक हो जाते, तो कुल आबादी कितनी होती? और दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश चीन से तुलना में भारत (अखंड भारत) कहाँ होता? आइए आसान भाषा में 2025-2026 के लेटेस्ट अनुमानों से समझते हैं।

अखंड भारत की परिभाषा और शामिल देश/Akhand Bharat Population 2026
अखंड भारत में मुख्य रूप से ये देश शामिल माने जाते हैं:
- भारत
- पाकिस्तान
- बांग्लादेश
- अफगानिस्तान
- नेपाल
- भूटान
- श्रीलंका
- म्यांमार (बर्मा)
- मालदीव (कभी-कभी)
कुछ लोग तिब्बत (अब चीन का हिस्सा) को भी जोड़ते हैं, लेकिन हम मुख्य SAARC + पड़ोसी देशों पर फोकस करेंगे। ये अनुमान UN World Population Prospects 2024 और Worldometer जैसे सोर्स से लिए गए हैं (जनवरी 2026 तक के डेटा)।
आज की आबादी (2025-2026 अनुमान)
- भारत: लगभग 1.46 अरब (1,463 मिलियन)
- पाकिस्तान: लगभग 255 मिलियन
- बांग्लादेश: लगभग 176 मिलियन
- म्यांमार: लगभग 55 मिलियन
- अफगानिस्तान: लगभग 42-45 मिलियन (अनुमानित)
- नेपाल: लगभग 30-31 मिलियन
- श्रीलंका: लगभग 22 मिलियन
- भूटान: लगभग 0.8 मिलियन
- मालदीव: लगभग 0.5 मिलियन
अगर सिर्फ भारत + पाकिस्तान + बांग्लादेश को जोड़ें (जो सबसे कॉमन अखंड भारत का कोर माना जाता है), तो कुल आबादी लगभग 1.89 अरब (1,894 मिलियन) हो जाती है।
अगर पूरा अखंड भारत (ऊपर वाले सारे देश) जोड़ें, तो कुल आबादी लगभग 2.05 से 2.1 अरब के आसपास पहुंच जाती है। कुछ रिपोर्ट्स में 1.9 से 2.1 अरब का अनुमान है, क्योंकि अफगानिस्तान और म्यांमार जैसे देशों की आबादी तेजी से बढ़ रही है।
चीन की आबादी से तुलना
चीन की आबादी 2026 में लगभग 1.416 अरब (1,416 मिलियन) है। चीन की आबादी अब घट रही है (वन चाइल्ड पॉलिसी के कारण), जबकि भारत की बढ़ रही है।
- अगर सिर्फ भारत + पाकिस्तान + बांग्लादेश अखंड भारत होता, तो इसकी आबादी 1.89 अरब– यानी चीन से लगभग 33% ज्यादा मानो 47 करोड़ ज्यादा लोग)।
- पूरा अखंड भारत (सभी देश मिलाकर) 2.05-2.1 अरब – यानी चीन से 45-48% ज्यादा। मतलब दुनिया का सबसे ज्यादा आबादी वाला देश अखंड भारत होता, और चीन दूसरे नंबर पर।
वर्ल्ड पॉपुलेशन में:
- अखंड भारत: दुनिया की कुल आबादी (लगभग 8.3 अरब) का 25% से ज्यादा।
- चीन: अभी भी 17% के आसपास।
क्यों इतनी ज्यादा आबादी?
- ब्रिटिश राज में अविभाजित भारत की आबादी 1940s में ही 40 करोड़ के आसपास थी।
- पार्टिशन के बाद भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश अलग हुए, लेकिन इनकी कुल आबादी आज 1.9 अरब है।
- इन देशों में हाई फर्टिलिटी रेट (बच्चे ज्यादा पैदा होना) और युवा आबादी है, जबकि चीन में अब बुजुर्ग ज्यादा हैं।
- अगर अखंड भारत होता, तो यह न सिर्फ आबादी में नंबर 1 होता, बल्कि युवा वर्कफोर्स (15-64 साल) में भी सबसे बड़ा होता।
फायदे और चुनौतियाँ क्या होतीं?
फायदे:
- दुनिया की सबसे बड़ी मार्केट और लेबर फोर्स।
- संसाधन (पानी, खनिज, कृषि भूमि) ज्यादा।
- आर्थिक ताकत – GDP मिलाकर बहुत बड़ा हो जाता।
चुनौतियाँ:
- इतनी बड़ी आबादी का मतलब ज्यादा गरीबी, बेरोजगारी, संसाधनों की कमी।
- अलग-अलग भाषा, धर्म, संस्कृति – एकजुट रखना मुश्किल।
- राजनीतिक मतभेद – पाकिस्तान, बांग्लादेश जैसे देश अलग होने के पीछे वजहें थीं।
निष्कर्ष
अगर आज अखंड भारत बन जाता, तो उसकी आबादी करीब 2 अरब (या कम से कम 1.9 अरब) होती। यह चीन (1.416 अरब) से काफी ज्यादा होती, और दुनिया का सबसे बड़ा देश बन जाता। लेकिन यह सिर्फ एक काल्पनिक विचार है – वास्तविकता में ये देश अलग-अलग हैं और उनके अपने इतिहास, संस्कृति और चुनौतियाँ हैं।










