रिपोर्ट : पवन पाटीदार
एक पेड़ माँ के नाम एक प्रयास है जो हमारी मातृभूमि और के प्रति हमारे सम्मान और समर्पण को दर्शाता है। इस अभियान का उद्देश्य माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना और एक स्थायी स्मृति बनाना है, जो न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा बल्कि एक हरे और अधिक समृद्ध भविष्य के निर्माण में भी योगदान देगा। इस अभियान में प्रिंसिपल मयंक नागर माही पाटीदार सागर पाटीदार भेरू कुशवाहा शुभ पाटीदार लक्षिता नागर ऋषभ वर्मा पंकज वर्मा एवं छात्र-छात्राओं ने बृहद पौधारोपण किया गया। फार्म हाउस घर एवं स्कूलों में बच्चों ने पौधे रोपने किया । पर्यावरण संरक्षण और जागरूकता के संदेश को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। यह बच्चों को पेड़ों के महत्व, ऑक्सीजन प्रदान करने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लाभों को समझाता है, साथ ही उनकी देखभाल करने की जिम्मेदारी भी सिखाता है। कई स्कूलों ने इस गतिविधि को अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों का हिस्सा बनाया है, जिससे बच्चों में प्रकृति के प्रति लगाव बढ़ता है और वे बड़े होकर जिम्मेदार नागरिक बनते हैं।
मयंक नागर ने पेड़-पौधों की जानकारी देते हुए बताया कि पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार है। पेड़ों से हमें शुद्ध वायु मिलती है। एक पेड़ अपने पूरे जीवन में जाने कितने लोगों को आक्सीजन देता है और जहरीली गैस को समाप्त करता है। हमें जीवन में अवश्य ही पेड़ लगाने चाहिए व उनकी देखभाल करनी चाहिए। लगातार बढ़ रहे प्रदूषण से बचने के पेड़ लगाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पेड़-पौधे पूरे जीवन कुछ न कुछ देते ही हैं जबकि मनुष्य से कुछ नहीं लेते हैं। पेड़-पौधे हमें आक्सीजन, लकड़ी व जड़ी-बूटी देते हैं। प्रत्येक मनुष्य को प्रति वर्ष कम से कम एक पेड़ अवश्य लगाना चाहिए। पेड़-पौधे द्वारा ही धरती पर बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग को भी कम किया जा सकता है। इसके साथ ही पेड़ वर्षा लाने के लिए भी सहायक होते हैं। बच्चों ने पेड़-पौधे के बारे में जानकारी लेने के साथ ही स्कूल, घर ,फार्म हाउस , प्रांगण में अपने हाथों से काफी पौधे लगाएं।
घर-स्कूलों में बच्चों की भागीदारी
स्कूलों में पौधारोपण: कई स्कूल अपने परिसर में, खेल के मैदान में या खाली जगहों पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित करते हैं। घर पर पौधे लगाना कुछ जगहों पर बच्चों को परिवार के सदस्यों के बराबर या एक निश्चित संख्या में पौधे अपने घर या आसपास लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।