रायबरेली में कोतवाली नगर क्षेत्र के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए मौर्य समाज के लोगों और विभिन्न संगठनों द्वारा, हिस्ट्रीशीटर की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया। आरोप है कि उसने फेसबुक लाइव पर मौर्य समाज को गाली दी और उनके सर को काटकर पूरे उत्तर प्रदेश में घुमाने की धमकी दी। इस घटना के बाद मौर्य समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने रायबरेली के कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया गया, इसके बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस से काफी झड़प भी हुई जिसके वीडियो भी सामने आए हैं।
प्रदर्शन की वजह
सलोन थाना क्षेत्र के मटका खतिहारा निवासी आशीष तिवारी हिस्ट्रीशीटर द्वारा सोशल मीडिया पर कई वायरल वीडियो में मौर्य समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी किए जाने के बाद मौर्य समाज के नसों में खून खोल गया। हजारों की तादाद में मौर्य समाज के लोग कोतवाली नगर क्षेत्र के गोरा बाजार चौराहे पर एकत्र होकर रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचकर प्रदर्शन करने जा रहे थे। पुलिस ने कलेक्ट्रेट जा रहे प्रदर्शनकारियों को कलेक्ट्रेट में ज्ञापन देने जाने से रोका दिया, जिसके बाद अपर पुलिस अधीक्षक संजीव सिन्हा ने आरोपी की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर प्रदर्शन को समाप्त कराया।
प्रदर्शनकारी समझकर पुलिस ने नगर मजिस्ट्रेट को भी दे दिया धक्का
प्रदर्शन के दौरान कोतवाली पुलिस की इससे पहले प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी हुई, जिसमें नगर मजिस्ट्रेट राम अवतार को पुलिस ने धक्का देकर बाहर कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोपी आशीष तिवारी एक हिस्ट्रीशीटर है और पुलिस के लिए उसे गिरफ्तार करना एक बड़ी चुनौती है। पुलिस ने अभियोग तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। मौर्य समाज के लोग तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे जब तक आशीष तिवारी की गिरफ्तारी नहीं हो जाती। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आशीष तिवारी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि पुलिस प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए ताकि कोई भी इस तरह की कमेंट बाजी और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालकर माहौल को बिगाड़ ना सके। फिलहाल प्रदर्शन करने वाले मौर्य बंधुत्व क्लब के पदाधिकारी और अध्यक्ष संजय मौर्य ने बताया कि बीते दो दिनों पहले पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की गई थी, लेकिन मुकदमा दर्ज होने के बाद भी गिरफ्तारी नहीं की गई। जिसको लेकर यह विरोध किया गया है।