Ansh Anshika Missing Ranchi: रांची से लापता भाई-बहन अंश और अंशिका 12 दिनों बाद सकुशल बरामद,रामगढ़ पुलिस की बड़ी सफलता

Ansh Anshika Missing Ranchi: 13 दिन की चिंता खत्म, बच्चों को अपहरणकर्ताओं से छुड़ाया

Ansh Anshika Missing Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में 2 जनवरी को धुर्वा थाना क्षेत्र से रहस्यमय तरीके से लापता हुए दो मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका को आखिरकार 14 जनवरी को रामगढ़ जिले से पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। यह खबर सुनकर न सिर्फ बच्चों के परिवार वालों ने राहत की सांस ली, बल्कि पूरे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई। पुलिस की तेज कार्रवाई और स्थानीय लोगों की मदद से यह संभव हो पाया। इस मामले में दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो बच्चों को बिहार ले जाकर बेचने की साजिश रच रहे थे।

कैसे गायब हुए थे अंश और अंशिका?/Ansh Anshika Missing Ranchi

2 जनवरी को शाम के समय रांची के धुर्वा इलाके के मौसीबाड़ी मल्लार कोचा (जगन्नाथपुर क्षेत्र) में रहने वाले 7 साल के अंश कुमार और उनकी 6 साल की बहन अंशिका कुमारी घर से पास की दुकान पर कुछ सामान लेने गए थे। लेकिन वे वापस नहीं लौटे। परिवार वालों ने जब काफी देर तक इंतजार किया तो पूरे मोहल्ले में खोजबीन शुरू हुई। आसपास के लोग, पड़ोसी सब ढूंढते रहे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। यह इलाका हाई-सिक्योरिटी जोन के पास है, जहां पुलिस मुख्यालय, सीएम सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण दफ्तर हैं। फिर भी दो छोटे बच्चे गायब हो गए, जिससे सब हैरान थे।

परिवार ने तुरंत धुर्वा थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रांची पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई। 40 पुलिसकर्मियों की टीम लगाई गई। सीसीटीवी फुटेज चेक किए गए, डॉग स्क्वॉड बुलाए गए, फॉरेंसिक टीम ने काम किया। बच्चों की तस्वीरें नेशनल पोर्टल पर डाली गईं और व्हाट्सएप ग्रुप्स में शेयर की गईं। इनाम भी घोषित किया गया – कुछ रिपोर्टों में 4 लाख तक का इनाम बताया गया। झारखंड पुलिस के साथ अन्य राज्यों की पुलिस भी जुटी हुई थी।

रामगढ़ में कैसे मिले बच्चे?

पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि दोनों बच्चे रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र के चितरपुर इलाके में अहमद नगर (पहाड़ी इलाका) में हैं। रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने तुरंत कार्रवाई की। रजरप्पा थाने के एसआई संजय सिंह को निर्देश दिए गए। एसआई संजय सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि बच्चे वहां हैं। उन्होंने एसपी को सूचित किया और एसपी के आदेश पर टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया।

स्थानीय समाजसेवी विक्की प्रजापति और कुछ युवकों ने सबसे पहले बच्चों को देखा और पहचाना। रांची पुलिस के पोस्टर और फोटो की वजह से उन्हें पता चला कि ये वही लापता बच्चे हैं। उन्होंने तुरंत रजरप्पा पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्चों को एक किराए के मकान से निकाला, जहां वे छिपाए गए थे। मकान मालिक रोशन आरा ने बताया कि एक युवक-युवती (सूरज और सोनम उर्फ सोनी) ने पति-पत्नी बताकर मकान 1000 रुपये महीना किराए पर लिया था। लेकिन वे बच्चे साथ लाए थे।

अपहरण की साजिश क्या थी?

पुलिस जांच में पता चला कि अपहरणकर्ता बच्चों को बिहार ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे। एक महिला और पुरुष (कपल) ने बच्चों को रांची से भगा लिया था। वे रामगढ़ में किराए के मकान में छिपे हुए थे। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। बच्चों की हालत ठीक है, कोई चोट नहीं आई। उन्हें रामगढ़ एसपी कोठी लाया गया, जहां से रांची पुलिस की टीम ने उन्हें परिजनों के साथ रांची ले जाया।

एसपी और पुलिस की बात

रामगढ़ एसपी अजय कुमार ने प्रेस में कहा कि दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। एसआई संजय सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही एसपी के आदेश पर बच्चे एसपी कोठी लाए गए और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं। समाजसेवी विक्की प्रजापति ने कहा कि हमने सबसे पहले बच्चों को देखा और पुलिस को सूचना दी।

निष्कर्ष

12-13 दिनों की चिंता के बाद बच्चे घर लौट आए। परिवार में खुशी का माहौल है। पड़ोसी, रिश्तेदार सब जश्न मना रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी राहत जताई और पुलिस की सराहना की। उन्होंने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।

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