Army Chief Upendra Dwivedi: भारतीय सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने 13 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को साफ-साफ चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और नियंत्रण रेखा (एलओसी) के उस पार अभी भी कुल 8 आतंकी ट्रेनिंग कैंप पूरी तरह सक्रिय हैं। इनमें ट्रेनिंग और अन्य संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। जनरल द्विवेदी ने दो टूक कहा कि अगर इन कैंपों से भारत के खिलाफ कोई भी हरकत हुई, तो भारतीय सेना पहले जैसा संयम नहीं बरतेगी। जवाब पहले से कहीं ज्यादा तेज, सख्त और निर्णायक होगा।
ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है/Army Chief Upendra Dwivedi
जनरल द्विवेदी ने बताया कि मई 2025 में हुआ ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अब भी जारी है। यह ऑपरेशन अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब था, जिसमें 26 निर्दोष लोग मारे गए थे। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में 9 बड़े आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। ब्रह्मोस मिसाइलों, ड्रोनों और अन्य उन्नत हथियारों से मात्र 22 मिनट में 7 ठिकाने पूरी तरह तबाह हो गए। 100 से ज्यादा आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान ने 10 मई को सीजफायर की गुहार लगाई और हालात नियंत्रण में आए। सेना प्रमुख ने कहा कि यह ऑपरेशन ट्राई-सर्विस (थल, वायु और नौसेना) की बेहतरीन तालमेल का उदाहरण था। अब भी बचे ठिकानों पर नजर है।

8 एक्टिव कैंपों पर लगातार नजर
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनरल द्विवेदी ने खुलासा किया कि खुफिया एजेंसियों और सेना की निगरानी से पता चला है कि एलओसी के उस पार 6 और अंतरराष्ट्रीय सीमा के दूसरी तरफ 2 आतंकी कैंप अभी भी सक्रिय हैं। इनमें आतंकवादियों की मौजूदगी और ट्रेनिंग जैसी गतिविधियां चल रही हैं। उन्होंने कहा, “हम इनकी हर हरकत पर पैनी नजर रखे हुए हैं। अगर कोई गलती हुई तो कार्रवाई तुरंत और प्रभावी होगी।” यह बयान पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका है, क्योंकि भारत अब जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रहा है।
पाकिस्तान को आतंकवाद बंद करने की नसीहत
जनरल द्विवेदी ने पहले भी कई बार कहा था कि पाकिस्तान को फैसला करना होगा कि वह दुनिया के नक्शे पर रहना चाहता है या नहीं। अगर राज्य प्रायोजित आतंकवाद जारी रहा, तो भारत कोई संयम नहीं दिखाएगा। जम्मू-कश्मीर में ज्यादातर हमलों के पीछे पाकिस्तान स्थित संगठन जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा का हाथ होता है। भारत ने कई बार सबूत पेश किए, लेकिन पाकिस्तान हमेशा इनकार करता रहा। अब सेना प्रमुख ने साफ कहा कि ऐसे झूठ अब नहीं चलेंगे।
सेना की तैयारियां और नई ताकत
सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना पूरी तरह तैयार है। जरूरत पड़ी तो जमीनी ऑपरेशन भी हो सकता है। ऑपरेशन सिंदूर में पारंपरिक और गैर-पारंपरिक दोनों क्षमताओं का इस्तेमाल हुआ। अब ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक मिसाइलें, बेहतर ड्रोन, लॉयटरिंग म्यूनिशन और अन्य हथियार जल्द शामिल हो रहे हैं। इससे सेना की मारक क्षमता और बढ़ गई है। जनरल द्विवेदी ने कहा कि 88 घंटे के दौरान सेना जमीनी हमले के लिए भी पूरी तरह तैयार थी, अगर पाकिस्तान कोई गलती करता।
जम्मू-कश्मीर में सुधार की बात
जनरल द्विवेदी ने जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भी अपडेट दिया। उन्होंने कहा कि 10 मई 2025 के बाद से घाटी में हालात संवेदनशील लेकिन नियंत्रण में हैं। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन महादेव में पहलगाम हमले के तीन हमलावर को भी खत्म किया गया था जिसमें 65% पाकिस्तानी थे, साल 2025 की बात करें तो 31 आतंकवादियों को मार गिराया, इसी के साथ अब स्थानीय आतंकवादियों की संख्या मात्र सिंगल डिजिट में दिख रही है। आतंकवाद से पर्यटन की ओर बदलाव हो रहा है। अमरनाथ यात्रा में रिकॉर्ड तीर्थयात्री आए।
निष्कर्ष
यह चेतावनी पाकिस्तान को साफ संकेत है। अगर वह आतंकी कैंप बंद कर दे और आतंकवाद का समर्थन रोक दे, तो शांति का रास्ता निकल सकता है। लेकिन अगर हरकत हुई, तो भारतीय सेना तैयार है। हमारे जवान सीमा पर डटे हैं और किसी भी चुनौती का मुकाबला करने को तैयार हैं। अब भारत आतंकवाद के खिलाफ कोई समझौता नहीं करेगा।










