Sambhal ASP Anuj Chaudhary Transfer : उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर फेरबदल किया है, जिसमें 44 एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) अधिकारियों के तबादले शामिल हैं। इस सूची में संभल जिले के चर्चित ASP अनुज चौधरी का नाम भी है, जिन्हें चंदौसी ASP के पद से हटाकर फिरोजाबाद के ASP ग्रामीण के रूप में तैनात किया गया है। संभल हिंसा के बाद चर्चा में आए अनुज चौधरी की यह पोस्टिंग क्या नई जिम्मेदारियों का संकेत है? उनके विवादास्पद बयानों और साहसी रुख ने हमेशा सुर्खियां बटोरीं, लेकिन अब फिरोजाबाद में उनकी भूमिका क्या होगी? आइए, इस बड़े तबादले की पूरी तस्वीर को समझें, जहां प्रशासनिक बदलाव के साथ कई सवाल भी जुड़े हैं।
तबादले का आदेश: 44 ASP अधिकारियों पर फोकस

उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में पुलिस विभाग में व्यापक फेरबदल किया है। बुधवार को जारी आदेश के तहत 44 एडिशनल सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) अधिकारियों के स्थानांतरण की सूची जारी की गई। यह कदम राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। संभल जिले के ASP अनुज चौधरी को चंदौसी ASP के पद से हटाकर फिरोजाबाद के ASP ग्रामीण के रूप में नियुक्त किया गया है। इसी तरह, संभल ASP राजेश श्रीवास्तव को सीतापुर स्थानांतरित किया गया है, जबकि कुलदीप सिंह को संभल का नया ASP उत्तरी बनाया गया है। यह फेरबदल विभिन्न जिलों और इकाइयों को प्रभावित करता है, जो पुलिस महकमे में नई ऊर्जा लाने का प्रयास लगता है।
अनुज चौधरी की चर्चित यात्रा: संभल से रामपुर तक
अनुज चौधरी का नाम पुलिस हलकों में हमेशा चर्चा का विषय रहा है। संभल शाही जामा मस्जिद और मंदिर विवाद के बाद हुई हिंसा के दौरान वे सुर्खियों में आए थे। इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि पूरे राज्य में तनाव पैदा किया था। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अवसर पर अनुज चौधरी को ‘पहलवान’ कहकर संबोधित किया था, जो उनके साहसी स्वभाव को दर्शाता है। इससे पहले, रामपुर पोस्टिंग के दौरान उनकी समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान के साथ तीखी बहस हुई थी। सपा कार्यालय पहुंचे आजम खान को रास्ते में पुलिस ने रोका, तो वे गाड़ी से उतरकर अनुज चौधरी से बात करने लगे। आजम ने कहा, “आप सीओ सिटी हैं? सपा ने ही आपको ऑर्गेनाइज किया था, हमारा एहसान याद नहीं आपको।” इस पर अनुज चौधरी ने जवाब दिया, “एहसान कैसा? हम पहलवान थे, अर्जुन अवॉर्ड लाया हूं, एहसान की क्या बात है।” यह वाकया मीडिया में खूब छपा और अनुज की बेबाकी को उजागर किया।
जिलों और इकाइयों में प्रमुख बदलाव
तबादला सूची में विभिन्न जिलों से अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। विजय प्रताप यादव को सोनभद्र से अपर पुलिस अधीक्षक पीएसी, सोनभद्र बनाया गया है। शीतांशु कुमार को लखनऊ, अभिषेक यादव को अयोध्या और अमित कुमार राय को खीरी भेजा गया है। आनंद कुमार पांडेय को अपर पुलिस अधीक्षक देवरिया, अभिषेक कुमार सिंह को पुलिस अधीक्षक एटीएस लखनऊ, प्रभात कुमार को सीआईडी मुख्यालय लखनऊ और श्यामकांत को बस्ती का नया कार्यभार सौंपा गया है। इसी तरह, बृजनन्दन राय को प्रतापगढ़, संजीव कुमार दीक्षित को एसटीएफ लखनऊ, कृष्ण गोपाल सिंह को बिजनौर, दिनेश कुमार शुक्ला को बलिया, संतोष कुमार को गौतमबुद्धनगर, राजकुमार पांडेय को गोरखपुर, सोहराब आलम को केन्द्रीय वस्त्र भंडार कानपुर और प्रीति सिंह को झांसी स्थानांतरित किया गया है। ये तबादले ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों को कवर करते हैं।
लखनऊ से वाराणसी तक बड़ा फेरबदल
तबादलों का सिलसिला जारी है। बाबा साहब वीर कुमार को गौतमबुद्धनगर से कमिश्नरेट वाराणसी, ज्ञानेंद्र कुमार सिंह को झांसी से अमेठी, रंजन सिंह को लखनऊ, गोपी नाथ सोनी को बरेली से लखनऊ, अनुराग सिंह को गोरखपुर से रामपुर तथा राम अर्ज को अयोध्या से पीटीएस जालौन का कार्यभार दिया गया है। राहुल मिश्रा के लखनऊ से देवरिया स्थानांतरण को निरस्त कर दिया गया है। विशाल यादव को लखनऊ सीआईडी से लॉजिस्टिक मुख्यालय लखनऊ, मनीष कुमार मिश्रा को गौतमबुद्धनगर से मिर्जापुर, बंशराज सिंह यादव को 9वीं पीएसी वाहिनी मुरादाबाद से सीआईडी मुख्यालय लखनऊ भेजा जा रहा है। कुलदीप सिंह को प्रयागराज से संभल, राजकुमार को 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़ से 34वीं वाहिनी पीएसी वाराणसी, प्रकाश कुमार को खीरी से बिजनौर, अनित कुमार को प्रयागराज से मुरादाबाद, रचना मिश्रा को गोरखपुर सीआईडी से पीटीएस गोरखपुर, सुशील कुमार गंगा प्रसाद को वाराणसी से कासगंज, राजेश कुमार श्रीवास्तव को संभल से सीतापुर, राकेश कुमार मिश्रा को मेरठ से लखनऊ स्थानांतरित किया गया है।
पुलिस व्यवस्था पर असर और प्रभाव
सूची के अंतिम भाग में अमिता सिंह को आगरा से यूपी 112 मुख्यालय लखनऊ, श्वेताभ पाण्डेय को साइबर क्राइम से ईओडब्ल्यू लखनऊ, पंकज कुमार सिंह को लखनऊ से आजमगढ़, राजेश कुमार भारतीय को कासगंज से सीतापुर, मोनिका चढ्ढा को लखनऊ से अलीगढ़, अंकिता सिंह को यूपीपीसीएल से यूपी पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड लखनऊ, संतोष कुमार को डीजीपी लखनऊ से गोरखपुर, विजय आनन्द को सोनभद्र से प्रयागराज और जंग बहादुर यादव को प्रयागराज से कमिश्नरेट वाराणसी भेजा गया है। ये तबादले न केवल जिलों में बल्कि विशेष इकाइयों जैसे साइबर क्राइम, एसटीएफ और सीआईडी में भी बदलाव लाते हैं। कुल मिलाकर, यह फेरबदल यूपी पुलिस की कार्यक्षमता को बढ़ाने का प्रयास है, जिसमें अनुज चौधरी जैसे चर्चित अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।










