Awareness To Girls Under Mission Shakti Phase-5.0 : उत्तर प्रदेश सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन शक्ति फेज-5.0’ ( Mission Shakti Phase-5.0 ) के अंतर्गत रायबरेली जिले में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत बनाने के लिए लगातार जागरूकता ( Awareness) कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। जिले के पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह और जिलाधिकारी हर्षिता माथुर के सख्त निर्देशों पर थानों की एंटी रोमियो/मिशन शक्ति टीमें सक्रिय मोड में कार्यरत हैं। इन प्रयासों के तहत सदर तहसील क्षेत्र के थाना कोतवाली नगर और थाना गुरबक्शगंज की टीमों ने विभिन्न ग्रामीण व शहरी स्थानों पर बालिकाओं व महिलाओं को उनके अधिकारों, हेल्पलाइन नंबरों, साइबर क्राइम से बचाव और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास जगाना, अपराधों के प्रति सतर्कता बढ़ाना और समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देना है।
चक अहमदपुर में आदर्श कंपोजिट विद्यालय में जागरूकता सत्र

सदर तहसील क्षेत्र के थाना कोतवाली नगर की एंटी रोमियो/मिशन शक्ति ( Mission Shakti ) टीम ने बुधवार को थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित आदर्श कंपोजिट विद्यालय चक अहमदपुर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में 100 से अधिक बालिकाओं ने हिस्सा लिया, जिन्हें मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत सुरक्षा उपायों और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित जानकारी दी गई।
टीम की प्रमुख सदस्य महिला उप निरीक्षक (एसआई) नेत्रा सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत एक छोटे से नुक्कड़ नाटक से हुई, जिसमें बालिकाओं को साइबर क्राइम के खतरे जैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया पर उत्पीड़न और फिशिंग अटैक से बचाव के गुर सिखाए गए। उन्होंने कहा, “आज के डिजिटल युग में साइबर क्राइम महिलाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गया है। बालिकाओं को सिखाया गया कि संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और किसी भी असुविधा पर तुरंत हेल्पलाइन का सहारा लें।”
कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा जारी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई, जिनमें शामिल हैं:
- 112 : इमरजेंसी पुलिस हेल्पलाइन (किसी भी आपात स्थिति के लिए तत्काल सहायता)।
- 1090 : महिला हेल्पलाइन (महिलाओं के खिलाफ अपराधों की शिकायत के लिए 24×7 सेवा)।
- 102 : प्रसव पूर्व देखभाल और गर्भवती महिलाओं के लिए एम्बुलेंस सेवा।
- 108 : आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं (एम्बुलेंस और प्राथमिक उपचार)।
- 1930 : स्टॉक मार्केट या वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्टिंग।
- 1098 : चाइल्डलाइन (बच्चों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए)।
- 1076 : आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन (प्राकृतिक आपदाओं में सहायता)।
इसके अलावा, टीम ने बालिकाओं को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं जैसे ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’, ‘महिला ई-हाट’, ‘सुकीर्ति योजना’ (महिला स्वरोजगार के लिए) और ‘पीएम सम्मान निधि’ के बारे में विस्तार से बताया। एसआई नेत्रा सिंह ने जोर देकर कहा, “ये योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए हैं। बालिकाओं को प्रोत्साहित किया गया कि वे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ इन योजनाओं का लाभ उठाकर स्वावलंबी बनें।”
कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और सम्मान पर केंद्रित रहा। टीम ने बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर व्याख्यान दिया। एक छोटे से इंटरैक्टिव सत्र में बालिकाओं से उनके अनुभव साझा करने को कहा गया, जहां कई ने साइबर बुलिंग के डर को व्यक्त किया। टीम ने उन्हें आत्मरक्षा के बुनियादी तरीके भी सिखाए, जैसे जोर से चिल्लाना, त्वरित भागना और आसपास के लोगों से मदद मांगना। अंत में, सभी बालिकाओं को हेल्पलाइन नंबरों वाली पंपलेट और सशक्तिकरण पोस्टर वितरित किए गए।
विद्यालय की प्राचार्या सुनीता देवी ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा, “ऐसे प्रयास स्कूल स्तर पर बालिकाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाते हैं। हम प्रतिदिन इन संदेशों को कक्षा में दोहराएंगे।” कार्यक्रम में स्थानीय ग्राम प्रधान राम सिंह और अभिभावक भी उपस्थित रहे, जिन्होंने पुलिस टीम के प्रयासों को उत्कृष्ट बताया।
ग्राम कोरिहर में उच्च प्राथमिक विद्यालय में महिलाओं व बालिकाओं का सशक्तिकरण
इसी क्रम में थाना गुरबक्शगंज की एंटी रोमियो/मिशन शक्ति टीम ( Mission Shakti ) ने गुरुवार को थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोरिहर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक चौपाल का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में लगभग 75 महिलाओं और बालिकाओं ने भाग लिया, जो मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र की हैं। टीम ने यहां उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और साइबर क्राइम से निपटने पर फोकस किया।
टीम प्रभारी महिला कांस्टेबल रानी यादव ने बताया कि कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं की पहुंच को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया था। उन्होंने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं अक्सर अपनी आवाज को दबा लेती हैं। हमने उन्हें बताया कि घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या कार्यस्थल पर छेड़छाड़ जैसी किसी भी समस्या में वे बिना डरे शिकायत दर्ज करा सकती हैं।” सत्र में महिलाओं को भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (महिलाओं के खिलाफ अपराध) और POCSO एक्ट के बारे में भी जागरूक किया गया।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी के साथ-साथ साइबर क्राइम पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं को सिखाया गया कि व्हाट्सएप या फेसबुक पर आने वाले संदिग्ध मैसेज कैसे पहचानें और रिपोर्ट करें। एक प्रदर्शनी के माध्यम से साइबर फिशिंग के उदाहरण दिखाए गए, जहां महिलाओं ने सक्रिय रूप से सवाल पूछे। कल्याणकारी योजनाओं में ‘उज्ज्वला योजना’ (गैस कनेक्शन के लिए), ‘मुद्रा लोन’ (स्वरोजगार के लिए) और ‘आयुष्मान भारत’ (स्वास्थ्य बीमा) पर चर्चा हुई।
महिला स्वास्थ्य के मुद्दों पर एक पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें टीमें ने एनीमिया, कुपोषण और प्रजनन स्वास्थ्य पर टिप्स दिए। स्वावलंबन के लिए महिलाओं को सिलाई, खेती और डिजिटल लिटरेसी जैसे कौशल सीखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के अंत में एक सामूहिक प्रतिज्ञा ली गई, जिसमें सभी ने कहा, “हम अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहेंगी और दूसरों को भी जागरूक करेंगी।”
ग्राम कोरिहर की महिला सरपंच मीरा देवी ने कहा, “पुलिस टीम का यह प्रयास गांव की महिलाओं के लिए वरदान है। अब हम हेल्पलाइन नंबर याद रखेंगी और जरूरत पड़ने पर उपयोग करेंगी।” कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और स्थानीय स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
यह भी पढ़ें : Mission Shakti Empowers Students: गोरखपुर में मिशन शक्ति अभियान के तहत छात्राओं ने सीखी बैंकिंग प्रणाली की बारीकियां
मिशन शक्ति फेज-5.0 ( Mission Shakti Phase-5.0 ) का व्यापक प्रभाव
मिशन शक्ति फेज-5.0, जो 22 सितंबर 2025 से शारदीय नवरात्रि के साथ शुरू हुआ है, 30 दिनों तक चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यह अभियान पूरे प्रदेश में 1,663 थानों में मिशन शक्ति केंद्र स्थापित करने के साथ आगे बढ़ रहा है। रायबरेली जिले में अब तक 50 से अधिक ऐसे कार्यक्रम हो चुके हैं, जिनमें हजारों महिलाओं को लाभ मिला है। जिला प्रशासन ने एंटी रोमियो स्क्वायड को और मजबूत किया है, जो सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी रख रही है।
डॉ. यशवीर सिंह, एसपी रायबरेली ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। ये जागरूकता सत्र न केवल अपराध रोकते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।” जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने भी अपील की कि महिलाएं सक्रिय रूप से इन योजनाओं का लाभ लें और अपनी आवाज बुलंद करें।
ये प्रयास न केवल महिलाओं को सशक्त बना रहे हैं, बल्कि एक सुरक्षित और समावेशी समाज की नींव रख रहे हैं। जिला प्रशासन ने आगामी दिनों में और अधिक कार्यक्रमों की घोषणा की है, जिसमें स्कूलों, कॉलेजों और बाजारों में जागरूकता रैलियां शामिल हैं। अधिक जानकारी के लिए नजदीकी थाने या हेल्पलाइन 112 पर संपर्क करें।










