पटना में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 को लेकर माहौल अचानक गर्म हो गया है। लंबे इंतजार से परेशान अभ्यर्थियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया। उनका आरोप है कि सरकार ने रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब सिर्फ तारीखें और आश्वासन मिल रहे हैं। इस नाराजगी ने अब आंदोलन का रूप ले लिया है।
पटना कॉलेज से BPSC दफ्तर तक मार्च
प्रदर्शनकारी छात्रों ने पटना कॉलेज से बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) कार्यालय तक मार्च निकालने की घोषणा की। नया टोला इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे प्रशासन की चिंता बढ़ गई। पुलिस ने एहतियात के तौर पर कई जगह बैरिकेडिंग कर दी है और अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।

छात्र नेता का आरोप-CM के आदेश की अनदेखी
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता दिलीप ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं TRE-4 प्रक्रिया जल्द शुरू करने के पक्ष में हैं, लेकिन आयोग के कुछ अधिकारी इसमें देरी कर रहे हैं। उन्होंने इसे “सरकारी इच्छाशक्ति और प्रशासनिक कार्रवाई के बीच टकराव” बताया।
दो साल से इंतजार, अब टूटा धैर्य
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। कई बार सरकार की ओर से जल्द नोटिफिकेशन जारी करने का भरोसा दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही वजह है कि अब उनका धैर्य जवाब दे रहा है और वे आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।
अल्टीमेटम के बाद आंदोलन तेज
छात्रों ने 17 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया था। समयसीमा खत्म होते ही 18 मार्च से आंदोलन तेज कर दिया गया। अब उनका साफ कहना है:
- नोटिफिकेशन जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा
- BPSC कार्यालय का घेराव किया जाएगा
- राज्यव्यापी विरोध की तैयारी की जा रही है
46,595 पदों पर भर्ती, फिर भी देरी
TRE-4 के तहत कुल 46,595 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। अधियाचना फरवरी में ही आयोग को भेजी जा चुकी है। संभावित टाइमलाइन:
- परीक्षा: सितंबर 2026
- परिणाम: नवंबर 2026
इसके बावजूद नोटिफिकेशन जारी नहीं होना छात्रों के गुस्से की सबसे बड़ी वजह बन गया है।
डोमिसाइल नीति और नई भर्तियों की तैयारी
इस बार भर्ती प्रक्रिया में डोमिसाइल नीति लागू किए जाने की चर्चा है। कक्षा 1 से 12 तक शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ SC-ST और पिछड़ा वर्ग विभाग में भी बहाली की योजना है। प्रधानाध्यापक पदों को भी इसमें शामिल किया जाएगा, लेकिन प्रक्रिया शुरू न होने से सारी योजनाएं अधर में लटकी हैं।
पहले हो चुकी हैं लाखों भर्तियां, फिर भी सवाल
राज्य में पहले ही लाखों शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के जरिए करीब 2.27 लाख पद भरे गए हैं। इसके बावजूद नई भर्ती में देरी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।










