Bokaro: बोकारो थर्मल (नावाडीह प्रखंड)। ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एक अच्छी पहल की गई है। नावाडीह प्रखंड के उपरघाट स्थित राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय लहिया में सोमवार को एक दिवसीय स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर डीवीसी सीएसआर और बोकारो थर्मल अस्पताल के संयुक्त तत्वावधान में लगाया गया था।
स्कूल के बच्चों के लिए यह शिविर बहुत उपयोगी साबित हुआ। छोटे-छोटे छात्र-छात्राएं डॉक्टर के पास अपनी जांच करवाने पहुंचे। कुल 63 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई और उन्हें जरूरी दवाइयां भी बिना किसी पैसे के दी गईं।

डॉक्टर ने बच्चों को स्वच्छता और स्वस्थ जीवन की सलाह दी
शिविर के दौरान डॉ. एस. साहा (चिकित्सा अधिकारी) ने बच्चों को खास तौर पर संबोधित किया। उन्होंने आसान भाषा में समझाया कि स्वच्छता कितनी जरूरी है। डॉक्टर साहब ने कहा, “रोजाना हाथ धोना, नाखून काटना, साफ कपड़े पहनना और घर-स्कूल को साफ रखना – ये छोटी-छोटी आदतें हमें कई बीमारियों से बचा सकती हैं।”
उन्होंने बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में भी बताते हुए कहा कि संतुलित खाना खाना, खेलना-कूदना और सही समय पर सोना-उठना बहुत जरूरी है। डॉक्टर की बातें सुनकर बच्चे ध्यान से सुन रहे थे और कई सवाल भी पूछ रहे थे। डॉक्टर साहब ने हर बच्चे की जांच की और अगर कोई समस्या दिखी तो तुरंत सलाह और दवा दी।
बच्चों की जांच में क्या-क्या हुआ?
शिविर में बच्चों का सामान्य स्वास्थ्य चेकअप किया गया। वजन, ऊंचाई, आंखों की रोशनी, कान-नाक-गला, बुखार, खांसी जैसी आम समस्याओं की जांच हुई। कई बच्चों को विटामिन की कमी, कुपोषण या छोटी-मोटी बीमारियों का पता चला। डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें दवाइयां दीं और आगे क्या करना है, यह भी समझाया।
सभी बच्चों को फ्री में दवाइयां मिलीं, जिससे अभिभावक बहुत खुश नजर आए। एक अभिभावक ने कहा, “स्कूल में ही डॉक्टर आकर बच्चों की जांच कर रहे हैं, यह बहुत अच्छी बात है। हमें बाहर जाकर महंगे डॉक्टर दिखाने की जरूरत नहीं पड़ी।”
डीवीसी सीएसआर की सराहनीय पहल
डीवीसी (दामोदर वैली कॉर्पोरेशन) अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत ऐसे स्वास्थ्य शिविर नियमित रूप से आयोजित करती है। बोकारो थर्मल अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ ने पूरे दिन स्कूल में रहकर सेवा दी।
शिविर में संजय कुमार, कलीम अंसारी, विकास कुमार यादव (डीवीसी अस्पताल से) विशेष रूप से मौजूद रहे। उन्होंने व्यवस्था संभाली और हर बच्चे तक पहुंच सुनिश्चित की। विद्यालय के सभी शिक्षकगण भी पूरे कार्यक्रम में सक्रिय रहे। उन्होंने बच्चों को लाइन में खड़ा करवाया, उनकी डिटेल नोट की और डॉक्टर के साथ समन्वय बनाए रखा।
Bokaro विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
विद्यालय प्रबंधन ने इस शिविर की काफी सराहना की। प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने कहा कि ऐसे शिविर बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए बहुत जरूरी हैं। आजकल गांवों में अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से नहीं मिलतीं, इसलिए स्कूल में ही शिविर लगना बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है।
अभिभावकों ने भी डीवीसी सीएसआर और बोकारो थर्मल अस्पताल को धन्यवाद दिया। एक मां ने भावुक होकर कहा, “हमारे बच्चे स्कूल में पढ़ते हैं और यहां स्वास्थ्य जांच हो रही है तो हमें कितनी राहत मिल रही है। सरकार और बड़े संगठनों को ऐसे काम और ज्यादा करने चाहिए।”
बच्चों में जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य
इस शिविर का मुख्य मकसद सिर्फ जांच और दवा देना नहीं था, बल्कि बच्चों और उनके माता-पिता में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना भी था। डॉक्टर साहब ने बताया कि अगर बचपन से ही अच्छी आदतें डाली जाएं तो बच्चे स्वस्थ रहकर अच्छे से पढ़ाई कर पाएंगे और भविष्य में बड़ी बीमारियों से बच सकेंगे।
शिविर के दौरान स्वच्छता पर भी खास चर्चा हुई। बच्चों को बताया गया कि गंदे हाथों से खाना खाने से पेट की बीमारी हो सकती है। कई बच्चों ने वादा किया कि अब वे रोज हाथ धोकर खाना खाएंगे और अपने आस-पास साफ-सफाई रखेंगे।
ऐसे शिविर क्यों जरूरी हैं?
ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों के बच्चे अक्सर छोटी-छोटी स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जो बाद में बड़ी समस्या बन जाती हैं। डीवीसी जैसी संस्थाएं CSR के जरिए इन बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही हैं, जो एक सराहनीय कदम है।
लहिया गांव के आस-पास के अन्य गांवों के लोग भी इस शिविर की तारीफ कर रहे हैं। कई अभिभावक कह रहे हैं कि अगली बार अगर फिर शिविर लगे तो वे अपने छोटे बच्चों को भी लेकर आएंगे।










