Bokaro Thermal : रंग और भक्ति में डूबा बोकारो थर्मल, जय श्री राम हनुमान मंदिर में सजा होली मिलन का दरबार

Bokaro Thermal : रेलवे स्टेशन परिसर स्थित जय श्री राम हनुमान मंदिर शुक्रवार को भक्ति और रंगों की छटा से सराबोर नजर आया। होली मिलन समारोह के बहाने यहां श्रद्धालुओं का ऐसा संगम दिखा, जिसमें परंपरा और उत्साह दोनों का सुंदर मेल देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना से की गई। जैसे ही भजन की स्वर लहरियां गूंजीं, पूरा मंदिर प्रांगण आध्यात्मिक वातावरण में डूब गया।

कीर्तन मंडली ने बांधा समां

गणेश भजन के बाद कीर्तन मंडली की महिलाओं ने एक के बाद एक भक्ति और फाग गीतों की प्रस्तुति दी। “मैया की चुनरी”, “हनुमान लाल”, “शिया निकालाले अवधवा के ओर” और “रंग बरसे” जैसे गीतों ने माहौल को जीवंत बना दिया। ढोलक और मंजीरे की थाप पर उपस्थित महिलाएं झूम उठीं।

गीतों की प्रस्तुति के दौरान मंदिर परिसर में बैठे श्रद्धालु भी तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे। वातावरण ऐसा बना कि हर कोई कुछ पल के लिए रोजमर्रा की व्यस्तता भूलकर रंग और रस में खो गया।

गुलाल-अबीर से सजा अपनत्व का रंग

समारोह का सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल और अबीर लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। यह दृश्य केवल रंगों का नहीं, बल्कि आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक था।

होली मिलन के दौरान उपस्थित महिलाओं ने सुरक्षित और शांति पूर्ण तरीके से पर्व मनाने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि त्योहार का असली आनंद भाईचारे और सम्मान में है।

इनकी रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम को सफल बनाने में कीर्तन मंडली की महिलाओं की अहम भूमिका रही। इनमें प्रमुख रूप से शामिल रहीं—

  • पूजा मिश्रा
  • अंजली कुमारी
  • निधि कुमारी
  • रागिनी देवी
  • आशा नैयर
  • रीता देवी
  • निर्मला देवी
  • रिंकू देवी
  • संगीता देवी
  • सुनीता देवी
  • रानी
  • अलका तिवारी
  • आंशिक

इनके अलावा भी कई श्रद्धालु महिलाएं समारोह में उपस्थित रहीं और पूरे आयोजन को गरिमामय बनाया।

सांस्कृतिक एकता का संदेश

होली मिलन समारोह केवल एक धार्मिक आयोजन भर नहीं था, बल्कि यह सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक बनकर सामने आया। मंदिर परिसर में सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि त्योहारों का उद्देश्य समाज को जोड़ना है, न कि बांटना।

बोकारो थर्मल में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि छोटे शहरों की सांस्कृतिक परंपराएं आज भी उतनी ही सशक्त हैं। भक्ति, संगीत और रंगों के संगम ने इस होली मिलन को यादगार बना दिया।

Other Latest News

Leave a Comment