Bokaro थर्मल में रामनवमी, ईद और सरहुल के लिए शांति समिति की बड़ी बैठक

रामनवमी-ईद-सरहुल,बोकारो थर्मल थाने में शांति कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई

Bokaro Thermal Peace Committee: बोकारो जिले के बोकारो थर्मल इलाके में आने वाले महत्वपूर्ण त्योहारों – रामनवमी, ईद और सरहुल – को लेकर बुधवार को एक बड़ी शांति समिति की बैठक हुई। यह बैठक बोकारो थर्मल थाना परिसर में आयोजित की गई थी। बैठक की अध्यक्षता बेरमो के बीडीओ मुकेश कुमार ने की। इसमें हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई समुदाय के प्रमुख लोग, विभिन्न अखाड़ा समितियों के अध्यक्ष और सचिव सहित इलाके के कई गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

इस बैठक का मुख्य मकसद था कि तीनों त्योहार शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ मनाए जाएं। कोई भी अनहोनी न हो, इसके लिए पुलिस और प्रशासन की तरफ से पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। थाना प्रभारी पिंकू यादव ने बैठक में सबको सरकार के जारी निर्देशों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने साफ कहा कि अगर कोई व्यक्ति या समूह इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने दी सख्त चेतावनी

थाना प्रभारी पिंकू यादव ने सभी लोगों से अपील की कि सरहुल, ईद और रामनवमी जैसे पवित्र त्योहारों को खुशी और एकता के साथ मनाएं। उन्होंने कहा, “किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। सोशल मीडिया पर गलत खबरें फैलाने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।” असामाजिक तत्वों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं होगी।

अखाड़ों से जुड़े लोगों को खास सलाह दी गई कि वे समय पर अपने स्थान पर पहुंचें। किसी भी धर्म के खिलाफ नारेबाजी न करें। आपत्तिजनक गाने-बजाने या ऐसे कोई काम न करें, जो माहौल खराब कर सकें। अगर कोई व्यक्ति या ग्रुप त्योहार के दौरान गड़बड़ करने की कोशिश करे, तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचना दें।

सभी समुदायों ने दी सहमति

बैठक में मौजूद सभी लोगों ने एक सुर में कहा कि वे तीनों त्योहारों को पूरी शांति और भाईचारे के साथ मनाएंगे। किसी भी तरह की तनाव या विवाद की स्थिति नहीं बनने देंगे। हिंदू, मुस्लिम और अन्य समुदायों के प्रतिनिधियों ने मिलकर वादा किया कि वे आपस में मिल-जुलकर उत्सव मनाएंगे और इलाके में अमन-चैन बनाए रखेंगे।

कौन-कौन शामिल हुए बैठक में

बैठक में कई प्रमुख लोग मौजूद थे। इनमें चंद्रदेव घांसी, चंदना मिश्रा, श्रवण सिंह, विश्वनाथ यादव, विश्वनाथ महतो, राजू पंडित, मंजूर आलम, सैयद मोहम्मद हारून, जानकी महतो, मोहम्मद करीम अंसारी, प्रदीप सिन्हा, अर्जुन साव, टिंकू पंडित, नरेश महतो, सौरभ दुबे, अमित घांसी, रंजीत यादव, हरेराम यादव, मोहम्मद इम्तियाज अंसारी, राजकुमार राम और सुदेश भुईयां जैसे लोग शामिल थे।

इसके अलावा बोकारो-कथारा रामनवमी अखाड़ा समिति, रमजान कमेटी और सरना समिति के सदस्य भी बड़ी संख्या में पहुंचे थे। इन सबकी मौजूदगी से यह साफ दिखा कि पूरा इलाका एकजुट होकर त्योहार मनाने के लिए तैयार है।

क्यों जरूरी है ऐसी बैठकें

झारखंड जैसे राज्य में जहां अलग-अलग धर्म और संस्कृति के लोग साथ रहते हैं, वहां त्योहारों के समय शांति समिति की बैठकें बहुत अहम होती हैं। रामनवमी में जुलूस निकलते हैं, ईद पर नमाज और खुशी का माहौल होता है, वहीं सरहुल आदिवासी समुदाय का प्रमुख त्योहार है जिसमें प्रकृति की पूजा और फूलों का महत्व है। इन तीनों के साथ-साथ होने से इलाके में भीड़ बढ़ जाती है और छोटी-मोटी बात से विवाद हो सकता है। इसलिए प्रशासन पहले से ही सबको एक मंच पर लाकर नियम समझाता है और सहमति बनवाता है।

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