Hemant Soren Australia Visit: सीएम हेमंत सोरेन का ऑस्ट्रेलिया दौरा,खनन, आदिवासी पुनर्वास और नई नीतियों पर रहेगा फोकस

Hemant Soren Australia Visit: हेमंत सोरेन ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं, खदानों की सुरक्षा, आदिवासियों का हक और नई नीतियां बनेंगी मजबूत

Hemant Soren Australia Visit: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जल्द ही ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाले हैं। यह दौरा राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां खनन क्षेत्र में उन्नत तकनीक, आदिवासी समुदायों के पुनर्वास और पर्यावरण संरक्षण की नई नीतियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने खुद सीएम को न्योता दिया है और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की बात की है। यह दौरा झारखंड को निवेश और विकास के नए रास्ते खोल सकता है।

ऑस्ट्रेलिया से निमंत्रण और मुलाकात की शुरुआत/Hemant Soren Australia Visit

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन रांची आए थे। उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी विधायक कल्पना सोरेन से उनके घर पर मुलाकात की। इस मीटिंग में खनन सुरक्षा, निवेश के अवसर और दोनों देशों के बीच सहयोग पर लंबी चर्चा हुई। हाई कमिश्नर ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया और झारखंड में खनन को लेकर काफी समानताएं हैं। वहां खदानों में सुरक्षा के लिए बहुत अच्छी तकनीक इस्तेमाल होती है और खनन खत्म होने के बाद जमीन को फिर से उपयोगी बनाया जाता है।

सीएम हेमंत सोरेन ने हाई कमिश्नर को झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों के बारे में बताया। राज्य में कोयला, लोहा और अन्य खनिजों की बहुतायत है, लेकिन खनन से पर्यावरण और स्थानीय लोगों को नुकसान होता है। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार निवेश को बढ़ावा देने के लिए अच्छी नीतियां बना रही है और श्रम आधारित अर्थव्यवस्था से ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ना चाहती है। हाई कमिश्नर ने इसी दौरान सीएम को ऑस्ट्रेलिया आने का औपचारिक निमंत्रण दिया, जिसे सीएम ने स्वीकार कर लिया।

खनन क्षेत्र में सहयोग का बड़ा मौका

झारखंड खनिजों से भरपूर राज्य है, लेकिन यहां अवैध खनन और सुरक्षा की समस्याएं आम हैं। ऑस्ट्रेलिया दुनिया में खनन के लिए मशहूर है। वहां सुरक्षित खनन की तकनीक बहुत आगे है। खनन के बाद जमीन को वापस मूल मालिकों को लौटाने या उसे फिर से हरा-भरा बनाने की नीति है। सीएम हेमंत सोरेन इसी अनुभव को झारखंड में लागू करना चाहते हैं।

दौरे में खनन कंपनियों की जिम्मेदारी, पर्यावरण संरक्षण और नई तकनीक पर फोकस रहेगा। ऑस्ट्रेलिया में खदानों की सुरक्षा के लिए आधुनिक उपकरण और ट्रेनिंग सिस्टम हैं। झारखंड में भी ऐसी व्यवस्था से दुर्घटनाएं कम हो सकती हैं और खनन ज्यादा वैज्ञानिक तरीके से हो सकता है। साथ ही, ऑस्ट्रेलियाई कंपनियां झारखंड में निवेश कर सकती हैं, जिससे रोजगार बढ़ेगा।

आदिवासी पुनर्वास,दौरा का सबसे अहम हिस्सा

झारखंड में ज्यादातर आदिवासी इलाके खनन क्षेत्रों में हैं। खदानों के लिए जमीन लेने से हजारों आदिवासी परिवार विस्थापित हो जाते हैं। कई बार उन्हें उचित मुआवजा या नई जगह नहीं मिलती। सीएम हेमंत सोरेन हमेशा आदिवासी अधिकारों की बात करते हैं। वे कहते हैं कि खनन से फायदा तो होता है, लेकिन आदिवासियों की जल, जंगल और जमीन की रक्षा सबसे जरूरी है।

ऑस्ट्रेलिया में भी बड़ी जनजातीय आबादी है। वहां खनन के बाद विस्थापित आदिवासी समुदायों के पुनर्वास की अच्छी नीतियां हैं। जमीन वापसी, नौकरी और समुदाय को हिस्सेदारी देने के नियम हैं। सीएम इस दौरे में इन नीतियों को करीब से देखेंगे और जानेंगे कि विस्थापित आदिवासियों का हाल कैसा है। झारखंड में सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां खनन करती हैं, लेकिन पुनर्वास का ठीक से पालन नहीं होता। ऑस्ट्रेलिया का मॉडल अपनाकर यहां नई नीति बनाई जा सकती है, जिसमें विस्थापितों को स्टेक होल्डर बनाया जाए।

नई नीतियां और झारखंड के लिए फायदे

यह दौरा सिर्फ खनन और पुनर्वास तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों देश शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी में भी सहयोग कर सकते हैं। सीएम ने कहा कि झारखंड युवाओं को स्किल ट्रेनिंग देकर आगे बढ़ाना चाहता है। ऑस्ट्रेलिया की कंपनियां यहां ट्रेनिंग सेंटर खोल सकती हैं।

इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण पर भी बात होगी। खनन से प्रदूषण बढ़ता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में पोस्ट-माइनिंग रेस्टोरेशन की अच्छी व्यवस्था है। जमीन को फिर से कृषि या जंगल के लिए उपयोगी बनाया जाता है। झारखंड में भी ऐसी नीति से आदिवासियों को उनकी जमीन वापस मिल सकती है।

क्यों है यह दौरा खास

हेमंत सोरेन आदिवासी नेता हैं और हमेशा जनजातीय समाज के हक की लड़ाई लड़ते हैं। पहले स्पेन और स्वीडन के दौरे में उन्होंने निवेश लाने की कोशिश की थी। अब ऑस्ट्रेलिया दौरा झारखंड को नई दिशा दे सकता है। राज्य में बेरोजगारी और विस्थापन बड़ी समस्या हैं। अगर ऑस्ट्रेलिया की नीतियां यहां लागू हुईं तो आदिवासियों को न्याय मिलेगा और विकास भी होगा।

यह दौरा दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करेगा। ऑस्ट्रेलिया झारखंड में निवेश करेगा तो नए उद्योग आएंगे, रोजगार बढ़ेगा। साथ ही, आदिवासी समुदाय मजबूत होगा। सीएम का यह कदम दिखाता है कि वे झारखंड को आगे ले जाना चाहते हैं, लेकिन आदिवासियों के हित को सबसे ऊपर रखते हुए।

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