CM Yogi Ambedkar Heritage Plan: CM योगी का बड़ा फैसला, यूपी में बाबा साहेब की हर प्रतिमा पर बनेगी छत और बॉउंड्री वॉल

CM Yogi Ambedkar Heritage Plan: बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ से योगी का बड़ा ऐलान, सुनकर सभी हैरान

CM Yogi Ambedkar Heritage Plan: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) की विरासत और उनकी प्रतिमाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सामने आया है। लखनऊ (Lucknow) में महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने मंच से ऐसा ऐलान किया, जिसने पूरे प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब राज्य में जहां-जहां बाबा साहेब की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां उनके संरक्षण के लिए विशेष व्यवस्था लागू की जाएगी। यह निर्णय केवल सुरक्षा से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसके राजनीतिक और सामाजिक मायने भी बेहद गहरे माने जा रहे हैं। सरकार इस फैसले से क्या संदेश देना चाहती है? और इसका असर गांव से लेकर शहर तक कैसे दिखेगा? तो चलिए जानते हैं…

अंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा क्यों बनी बड़ा मुद्दा/CM Yogi Ambedkar Heritage Plan

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में बीते कुछ वर्षों के दौरान कई स्थानों पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) की प्रतिमाओं के साथ तोड़फोड़, अपमान और नुकसान की घटनाएं सामने आती रही हैं। इन घटनाओं को लेकर सामाजिक तनाव भी बढ़ा और कई बार कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हुई। दलित समाज के लिए अंबेडकर केवल एक नेता नहीं, बल्कि सम्मान, अधिकार और संविधान की आत्मा का प्रतीक हैं। ऐसे में उनकी प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाना सीधे सामाजिक सौहार्द पर चोट माना जाता है। इन्हीं घटनाओं की पृष्ठभूमि में सरकार लगातार प्रतिमाओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रही है। प्रशासन ने कई जगह पुलिस निगरानी और सीसीटीवी लगाने की पहल भी की, लेकिन राज्यव्यापी स्तर पर कोई ठोस नीति अब तक लागू नहीं हो सकी थी। महापरिनिर्वाण दिवस के मंच से सीएम योगी का यह ऐलान इसी लंबे विमर्श का निर्णायक चरण माना जा रहा है।

CM योगी का मंच से बड़ा ऐलान

लखनऊ (Lucknow) में आयोजित महापरिनिर्वाण दिवस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. B.R. Ambedkar) को श्रद्धांजलि देते हुए प्रदेशभर में नई सुरक्षा नीति लागू करने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश में जहां-जहां बाबा साहेब की मूर्तियां स्थापित हैं, वहां अब छत और बॉउंड्री वॉल बनाकर उन्हें सुरक्षित रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय समाज में सम्मान, सुरक्षा और स्थायित्व का प्रतीक बनेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि कुछ असामाजिक तत्व बार-बार प्रतिमाओं को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं और सरकार अब इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। हर प्रतिमा पर सुरक्षा घेराबंदी और आवश्यकतानुसार निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। सीएम योगी का यह फैसला प्रदेश के हजारों गांवों, कस्बों और शहरों में सीधे तौर पर लागू होने वाला एक बड़ा प्रशासनिक कदम माना जा रहा है।

कांग्रेस पर हमला और वंदे मातरम् प्रसंग

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कांग्रेस (Congress) की पुरानी नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 1923 के उस ऐतिहासिक प्रसंग का उल्लेख किया, जब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से इंकार कर दिया था। सीएम योगी ने बताया कि उस समय बाबा साहेब ने स्पष्ट कहा था कि जो व्यक्ति भारत की धरती को पवित्र नहीं मानता, उसका कोई भी वक्तव्य राष्ट्रहित में नहीं हो सकता। सीएम ने कहा कि बाबा साहेब न्याय, समानता और बंधुत्व के प्रबल समर्थक थे और राष्ट्रहित के खिलाफ किसी भी सोच को वे साफ तौर पर खारिज करते थे। इसी मंच से डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक (Brijesh Pathak) और केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने भी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) पर दलित हितों की अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए।

सरकार की रणनीति साफ

डिप्टी मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने कहा कि बाबा साहेब का दिया संविधान आज भी भारत की सबसे बड़ी शक्ति है और मोदी-योगी सरकार उसी के आदर्शों पर काम कर रही है। उन्होंने महिलाओं को 33% आरक्षण और मतदाता सूची के शुद्धिकरण को सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताया। वहीं मंत्री असीम अरुण (Asim Arun) ने कहा कि बाबा साहेब जाति से ऊपर उठकर भारतीय पहचान की बात करते थे। सीएम योगी ने यह भी ऐलान किया कि दलित बस्तियों की कनेक्टिविटी मजबूत की जाएगी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के न्यूनतम मानदेय पर जल्द फैसला लागू होगा। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि अंबेडकर प्रतिमाओं की सुरक्षा केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि स्थायी और सख्त व्यवस्था के तहत होगी। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि यह नीति जमीन पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू होती है।

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