Colon Cancer: युवाओं में कोलन कैंसर का खतरा, ये 5 साइलेंट लक्षण दिखें तो तुरंत अलर्ट हो जाएं

डॉक्टरों की चेतावनी,युवा हैं और ये 5 हल्के संकेत नजर आएं तो कोलन कैंसर हो सकता है

Colon Cancer: आजकल युवाओं में कोलन कैंसर (बड़ी आंत का कैंसर) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पहले यह बीमारी ज्यादातर 50 साल से ऊपर के लोगों में होती थी, लेकिन अब 20-40 साल के युवा भी शिकार हो रहे हैं। डॉक्टरों की चेतावनी है कि शुरुआती लक्षण इतने हल्के और सामान्य होते हैं कि लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। अगर बीमारी फैल गई तो सर्वाइवल रेट सिर्फ 10% रह जाता है। इसलिए समय रहते इन संकेतों को पहचानना बहुत जरूरी है।

ब्रिस्टल के द लैगॉम क्लिनिक के जीपी डॉ. जैक ओग्डेन कहते हैं, “ये पांच लक्षण अक्सर इतने हल्के होते हैं कि लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि इनमें ज्यादा दर्द महसूस नहीं होता।” ये लक्षण दर्द रहित होते हैं, इसलिए लोग सोचते हैं कि कोई बड़ी बात नहीं है। लेकिन ये शरीर का अलार्म हैं।

डॉक्टरों द्वारा बताए गए 5 साइलेंट लक्षण

डॉक्टरों ने युवाओं में कोलन कैंसर के इन 5 मुख्य शुरुआती संकेतों पर खास जोर दिया है। अगर ये लक्षण 2-4 हफ्ते से ज्यादा समय तक रहें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं:

  1. आयरन की कमी यानी एनीमिया (Iron Deficiency Anemia)
    बिना किसी वजह के लगातार थकान महसूस होना, त्वचा का पीला पड़ना, सांस फूलना या कमजोरी आना। यह अक्सर आंत में छिपी ब्लीडिंग की वजह से होता है, जो ट्यूमर से हो सकती है। खून की कमी से बॉडी में ऑक्सीजन कम पहुंचता है, इसलिए थकान रहती है।
  2. मल त्याग में बदलाव (Changes in Bowel Habits)
    बार-बार कब्ज होना, दस्त होना, या मल बहुत पतला (रिबन जैसा) आना। कभी-कभी ऐसा लगता है कि पॉटी पूरी तरह नहीं हुई। यह ट्यूमर से आंत में रुकावट बनने का संकेत हो सकता है। कई लोग इसे सामान्य पेट की गड़बड़ी समझ लेते हैं।
  3. बिना कोशिश के अचानक वजन कम होना (Unexplained Weight Loss)
    डाइटिंग या एक्सरसाइज नहीं कर रहे, फिर भी वजन तेजी से घट रहा है। ट्यूमर शरीर के पोषक तत्वों को सही से अब्जॉर्ब नहीं होने देता, या कैंसर से बॉडी ज्यादा एनर्जी खर्च करती है। यह बहुत गंभीर संकेत है।
  4. पेट से जुड़े लक्षण (Abdominal Discomfort)
    लगातार पेट में दर्द, ऐंठन, गैस, सूजन या खाना खाते ही पेट भरा हुआ महसूस होना। कभी-कभी पेट में क्रैम्प्स या असहजता रहती है। यह आंत में ट्यूमर बढ़ने का इशारा करता है।
  5. मल में खून आना (Blood in Stool)
    मल में लाल खून, गहरा लाल या काला रंग दिखना। काला मल ऊपरी हिस्से से ब्लीडिंग का संकेत है। कई बार लोग इसे बवासीर या फिशर समझकर इग्नोर कर देते हैं, लेकिन बार-बार होने पर जांच जरूरी है।

अगर ये लक्षण दिखें तो क्या करें?

  • इनमें से कोई भी लक्षण 2-4 हफ्ते से ज्यादा रहे तो डॉक्टर से मिलें।
  • स्टूल टेस्ट (फेकल ऑकल्ट ब्लड टेस्ट), कोलोनोस्कोपी या ब्लड टेस्ट से शुरुआती जांच हो सकती है।
  • युवाओं में स्क्रीनिंग अब पहले शुरू हो रही है, खासकर अगर फैमिली हिस्ट्री हो या जोखिम ज्यादा हो।

जोखिम बढ़ाने वाले फैक्टर

  • प्रोसेस्ड फूड, रेड मीट ज्यादा खाना
  • कम फाइबर वाली डाइट
  • सेडेंटरी लाइफस्टाइल (कम मूवमेंट)
  • मोटापा, धूम्रपान, शराब
  • फैमिली में कैंसर का इतिहास

बचाव के आसान उपाय

  • रोजाना फल, सब्जियां, साबुत अनाज खाएं (फाइबर बढ़ाएं)
  • रेगुलर एक्सरसाइज करें
  • वजन कंट्रोल रखें
  • धूम्रपान और ज्यादा शराब से दूर रहें
  • 45 साल से पहले अगर लक्षण हों तो स्क्रीनिंग कराएं

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