Dav Kathara: शिक्षक बनें नैतिक और सत्यनिष्ठ, डीएवी कथारा कार्यशाला में दिया गया संदेश

नैतिकता और सत्यनिष्ठा शिक्षक का सबसे बड़ा गुण- डॉ. जी.एन. खान

Dav Kathara: शिक्षकों को और बेहतर बनाने के लिए आयोजित तीन दिन की क्षमता संवर्धन कार्यशाला का समापन सोमवार 23 मार्च को डीएवी पब्लिक स्कूल सीसीएल कथारा में हुआ। कार्यशाला में शिक्षकों ने बाल-वाटिका से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की नई-नई शिक्षण विधियां, नैतिक मूल्य और नई शिक्षा नीति के बारे में विस्तार से जाना।

तीन दिनों में सीखीं कई नई बातें

कार्यशाला के दौरान अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए। बाल-वाटिका और प्राथमिक स्तर पर डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर-VI, बोकारो की प्राचार्या अनुराधा सिंह ने ‘नैतिकता और सत्यनिष्ठा’ पर खास सत्र लिया।

माध्यमिक स्तर पर झारखंड जोन-I के सहायक क्षेत्रीय पदाधिकारी डॉ. जी.एन. खान ने ‘नई शिक्षा नीति’ के संदर्भ में प्रेरणादायक व्याख्यान दिया।

उच्चतर माध्यमिक स्तर पर डीएवी पब्लिक स्कूल स्वांग की प्राचार्या डोलन चंपा बनर्जी ने ‘किशोरावस्था की शैक्षिक समस्याएं’ विषय पर सत्र संचालित किया।

गणित विषय पर डीएवी बुंडू के प्राचार्य आकाश सिन्हा, जीव विज्ञान पर डीएवी ललपनिया के प्राचार्य तन्मय बनर्जी, और रसायन शास्त्र पर डीएवी तेनुघाट की प्राचार्या स्तुति सिन्हा ने भी अपने-अपने विषयों पर विस्तृत सत्र लिए।

नैतिकता शिक्षक का अनिवार्य गुण – डॉ. जी.एन. खान

समापन समारोह में मुख्य वक्ता डॉ. जी.एन. खान ने कहा,
“व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण के लिए शिक्षकों द्वारा नैतिक सिद्धांतों का पालन करना आज बहुत जरूरी है। शिक्षक अगर अपने काम के प्रति सच्चा और समर्पित होगा, तभी वह विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास कर पाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि किशोरावस्था में आने वाली शैक्षिक और व्यवहारिक समस्याओं को घर और स्कूल दोनों मिलकर समय रहते सुलझाएं, तभी हम एक आदर्श विद्यार्थी तैयार कर सकते हैं। यही आदर्श छात्र भविष्य में विकसित भारत के सपने को साकार करेंगे।

प्रतिभागियों ने साझा किए अपने अनुभव

समापन के दौरान शिक्षकों ने अपने विचार रखे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यह तीन दिवसीय कार्यशाला बहुत उपयोगी रही। उन्होंने कहा, “जो कुछ भी यहां सीखा है, उसे हम अपनी कक्षाओं में जरूर लागू करेंगे।”

कार्यशाला की खास बात यह रही कि सभी विद्यालयों के संगीत शिक्षकों ने मिलकर एक सुंदर गीत प्रस्तुत किया, जिसने पूरे समारोह में चार चांद लगा दिए। गीत सुनकर हर कोई भाव-विभोर हो गया।

मौजूद रहे ये प्रमुख शिक्षक

समापन समारोह में डीएवी पब्लिक स्कूल दुग्धा के प्राचार्य प्रसेनजीत पॉल, डीएवी ललपनिया के प्राचार्य तन्मय बनर्जी, डीएवी तेनुघाट की प्राचार्या स्तुति सिन्हा, डीएवी बुंडू के प्राचार्य आकाश सिन्हा सहित कई अन्य प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित रहे।

मेजबान स्कूल के प्राचार्य डॉ. जी.एन. खान ने सभी का स्वागत किया। एस.टी.एन.सी. नागेंद्र प्रसाद ने ट्रेनिंग की जरूरत पर अपने विचार रखे।

मंच संचालन सीसीए समन्वयक जितेंद्र दुबे ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डीएवी स्वांग की प्राचार्या डोलन चंपा बनर्जी ने दिया। संस्कृत शिक्षक चंदन झा ने शांति पाठ से समारोह का समापन किया।

कार्यशाला को सफल बनाने में किसकी अहम भूमिका?

कार्यशाला को सफल बनाने में विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षकों पंकज कुमार, डॉ. आर.एस. मिश्रा, आराधना, बी.के. दसौंधी, मधुमल्लिका उपाध्याय, खुशबू कुमारी, संगीत कुमार, ओशीन, जय प्रकाश गिरी, रिया सिन्हा और अन्य सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने दिन-रात मेहनत की।

कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य

यह कार्यशाला शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने, नई शिक्षा नीति को समझने, नैतिक मूल्यों को मजबूत करने और किशोरावस्था की समस्याओं को सुलझाने के लिए आयोजित की गई थी। तीन दिनों की मेहनत के बाद शिक्षक उत्साहित और नई ऊर्जा के साथ अपने स्कूल लौट रहे हैं।

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