WFH in Delhi Amid Rising Pollution: WFH नियम को 100% लागू करने का अल्टीमेटम, दिल्ली सरकार की सख्त चेतावनी

WFH in Delhi Amid Rising Pollution: दिल्ली सरकार का सरकारी-निजी दफ्तरों को निर्देश, ‘एक भी उल्लंघन बरदाश्त नहीं’

WFH in Delhi Amid Rising Pollution: दिल्ली (Delhi) में लगातार बिगड़ते वायु प्रदूषण ने एक बार फिर सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। राजधानी में लागू ग्रैप-4 (GRAP-4) के बीच दिल्ली सरकार ने वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) नियम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार पहले ही 50 फीसदी कर्मचारियों के लिए WFH व्यवस्था लागू कर चुकी है, लेकिन अब इसके पालन को लेकर चेतावनी भी जारी कर दी गई है। दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने साफ कहा है कि सरकारी और निजी, दोनों क्षेत्रों में इस नियम को शत-प्रतिशत लागू किया जाए, वरना कार्रवाई तय है। आखिर सरकार ने अब सख्ती क्यों बढ़ाई, किन विभागों को छूट मिलेगी और उल्लंघन पर क्या होगा, जानते हैं विस्तार से…

क्यों सख्त हुआ ये फैसला /WFH in Delhi Amid Rising Pollution

दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार ‘गंभीर’ श्रेणी में बनी हुई है। इसी को देखते हुए रेखा गुप्ता सरकार (Rekha Gupta Government) ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम नीति लागू की थी, ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और प्रदूषण पर कुछ हद तक अंकुश लगाया जा सके। ग्रैप-4 लागू होने के बाद यह कदम और जरूरी हो गया है। सरकार का मानना है कि अगर ऑफिसों में आधी उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है, तो ट्रैफिक और निर्माण गतिविधियों का दबाव कम होगा। इसी पृष्ठभूमि में अब सरकार ने साफ कर दिया है कि यह आदेश सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीन पर लागू होना चाहिए।

WFH का 100% पालन अनिवार्य

दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने स्पष्ट किया कि राजधानी के सभी सरकारी और निजी विभागों में 50 फीसदी वर्क फोर्स को वर्क फ्रॉम होम पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि इस नियम को शत-प्रतिशत लागू किया जाना चाहिए और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्रम विभाग (Labour Department) को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह इस आदेश की निगरानी करे। सरकार ने संकेत दिए हैं कि यदि किसी प्रतिष्ठान में नियमों का उल्लंघन पाया गया, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। यह सख्ती ऐसे समय पर आई है, जब प्रदूषण को लेकर दिल्लीवासियों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

किन विभागों को मिलेगी छूट, क्या बोले मंत्री

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने बताया कि कुछ जरूरी सेवाओं को WFH नियम से छूट दी गई है। इनमें हेल्थ केयर (Health Care), अस्पताल (Hospitals), फायर डिपार्टमेंट (Fire Department), जेल (Jail) और सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) शामिल हैं। इन सेवाओं पर किसी भी तरह की रोक नहीं होगी और वे फुल वर्कफोर्स के साथ काम करती रहेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि CAQM और पर्यावरण विभाग (Environment Department) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत यह फैसला लिया गया है और कल से 50% उपस्थिति का नियम पूरी सख्ती से लागू रहेगा।

सियासी बयानबाजी और कार्रवाई

प्रदूषण को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा सरकार पर हमले के बीच कपिल मिश्रा ने पलटवार किया। उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) हर साल प्रदूषण के समय छुट्टी पर क्यों चले जाते थे। मंत्री ने कहा कि आज जब दिल्ली को महिला मुख्यमंत्री मिल रही है और वह लगातार काम कर रही हैं, तब विपक्ष बदसलूकी पर उतर आया है। सरकार ने यह भी ऐलान किया कि ग्रैप-4 के दौरान और बाद में पंजीकृत मजदूरों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। फिलहाल सरकार का साफ संदेश है” प्रदूषण से लड़ाई में नियमों का पालन जरूरी है, वरना कार्रवाई तय है।

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