Deoband Police Encounter : सहारनपुर (Saharanpur) जिले के देवबंद थाना क्षेत्र में देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल गया। लोग अपने घरों में दुबक गए और अफरा-तफरी मच गई। यह सब तब हुआ जब पुलिस की एक टीम गौकशी रोकने के लिए रेलवे लाइन के पास चेकिंग कर रही थी। वरिष्ठ उप निरीक्षक अजब सिंह अपनी टीम के साथ मालगाड़ी वाली रेलवे लाइन पुल के नीचे ग्राम झबीरन की तरफ संदिग्ध लोगों और गाड़ियों की जांच कर रहे थे।
तभी रहमतनगर की ओर से एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस को देखते ही पीछे बैठे शख्स ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। दोनों बदमाश भागने की कोशिश में लग गए। तेज रफ्तार से भागते हुए उनकी बाइक फिसल गई और दोनों नीचे गिर पड़े। गिरते ही वे पेड़ों की आड़ लेकर पुलिस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाने लगे। आसपास के लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई: दोनों बदमाश गोली लगने से घायल
पुलिस वाले भी चौकन्ने थे। उन्होंने खुद को बचाते हुए जवाबी फायरिंग की। इस गोलीबारी में दोनों बदमाश घायल हो गए। पुलिस ने तुरंत उन्हें घेर लिया और काबू में कर लिया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज शुरू हुआ। अच्छी बात यह रही कि पुलिस टीम का कोई जवान घायल नहीं हुआ।
घायल बदमाशों की पहचान नदीम उर्फ दानिश (उम्र करीब 30 साल) और शाकिब कुरैशी उर्फ छोटा (उम्र करीब 24 साल) के रूप में हुई। नदीम मोहल्ला बैरुन कोटला का रहने वाला है, जबकि शाकिब मोहल्ला सरसटा उर्फ अबुलमाली का। दोनों देवबंद क्षेत्र के ही हैं।
पूछताछ में बड़ा खुलासा: गौकशी करने जा रहे थे बदमाश
पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो सच सामने आ गया। दोनों ने कबूल किया कि वे गौकशी की वारदात को अंजाम देने के इरादे से घर से निकले थे। उनके पास से गौकशी के औजार भी मिले, जो उनकी मंशा को साफ जाहिर कर रहे थे। उत्तर प्रदेश में गौकशी पर सख्त कानून है और ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है।
पुलिस रिकॉर्ड चेक करने पर पता चला कि दोनों पुराने अपराधी हैं। नदीम पर तो गैंगस्टर एक्ट के साथ-साथ गौकशी और अन्य संगीन मामलों में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। वह पुलिस की नजर में काफी समय से था। शाकिब पर भी गौकशी से जुड़े कई केस हैं। ऐसे में यह मुठभेड़ पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
मौके से क्या-क्या बरामद हुआ
पुलिस ने घटनास्थल से कई अहम चीजें बरामद कीं:
- दो तमंचे (315 बोर के)
- दो खोखा कारतूस
- चार जिंदा कारतूस
- एक होंडा शाइन मोटरसाइकिल (जिस पर दोनों सवार थे)
- गौकशी करने के औजार (जैसे चाकू वगैरह)
ये सब सामान बदमाशों की आपराधिक मंशा को और पक्का करते हैं। पुलिस ने इन चीजों को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है।
इलाके में क्यों बढ़ रही हैं ऐसी वारदातें
देवबंद और सहारनपुर क्षेत्र में गौकशी और गोतस्करी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। पुलिस लगातार ऐसे गिरोहों पर नजर रखती है और चेकिंग अभियान चलाती है। इस बार भी गौकशी रोकने के मकसद से चेकिंग हो रही थी, जो सही साबित हुई। लोग कहते हैं कि ऐसे बदमाशों को सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि दूसरों को सबक मिले। गाय को हिंदू धर्म में माता का दर्जा दिया जाता है, इसलिए ऐसी वारदातें समाज में गुस्सा भी पैदा करती हैं।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मुठभेड़ से इलाके में अपराधियों को साफ संदेश गया है कि कानून से भागने की कोशिश मत करो। अब दोनों घायल बदमाश अस्पताल में हैं और ठीक होने के बाद जेल भेजे जाएंगे। उनके खिलाफ नए मुकदमे भी दर्ज होंगे, जैसे पुलिस पर हमला करना, हथियार रखना और गौकशी की साजिश रचना।
पुलिस की मुस्तैदी की तारीफ
इस घटना में पुलिस की सतर्कता और बहादुरी की काफी तारीफ हो रही है। देर रात ड्यूटी करते हुए उन्होंने न सिर्फ खुद को बचाया बल्कि संभावित बड़ी वारदात को भी रोक दिया। अगर ये बदमाश गौकशी कर लेते तो इलाके में तनाव बढ़ सकता था। ऐसे में पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है।










