Deoria Road News : किसी भी क्षेत्र का विकास का पैमाना होती हैं सड़क, लेकिन अपनी बदहाल स्थिति के कारण सड़क पर यदि मौतें होने लगे तो आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि क्षेत्र में किस तरह का कितना विकास हुआ होगा। वही बात करे तो भ्रष्ट हो चुकी सिस्टम और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही व जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का खामियां आम जनता को अपनी जान गवाकर चुकानी पड़ रही हैं।
हम बात कर रहे हैं यूपी और बिहार राज्य को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है, जो देवरिया जिले के आदर्श भटनी नगर पंचायत के केवड़ा वार्ड होते हुए बिहार प्रांत को जाती हैं। इस सड़क से हर रोज हजारों की संख्या में छोटी बड़ी गाड़िया गुजराती हैं, लेकिन अपनी बदहाली का आंसू पिछले 20 वर्षों से भुगत रहा हैं। जिसमें इतने गड्ढे हैं कि आपको सड़क नजर नहीं आयेगी, जो बचा खुचा है वह कीचड़ में समा गया हैं।

सड़क पर आयदिन दुर्घटनाओं से हो चुकी है मौत
इस सड़क पर आयदिन दुर्घटनाओं के साथ मौतें भी हो चुकी है, लेकिन भ्रष्ट हो चुकी सिस्टम उसके बाद भी नहीं जागा। देवरिया जिले के नगर पंचायत भटनी के केवड़ा वार्ड से होकर गुजरने वाली सड़क जो भारतीय रेलवे की सड़क होने के कारण पिछले दो दशक पूर्व बनकर तैयार हुआ उसके बाद आज तक बननी तो दूर कोई रिपेयरिंग तक नहीं हुआ जिसका खमियाजा स्थानीय लोगों के साथ राजगीरों को उठानी पड़ रही हैं, जो लगभग 350 मीटर लंबी हैं।
इस सड़क से हर रोज छोटी बड़ी गुजरती हैं और दुर्घटनाओं के शिकार होती हैं। जिसको लेकर स्थानीय लोगो में काफी गुस्सा बना हुआ हैं कुछ माह पूर्व सड़क पर बने गड्ढों के कारण मोटर साईकिल से जा रहे राहगीर के नीचे गिरने से उनके सिर पर गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई, लेकिन भ्रष्ट हो चुकी सिस्टम नहीं जागा।
रेलवे विभाग की इस सड़क का प्रयोग बहुत से यात्री भटनी जैक्शन देवरिया पर ट्रेन पकड़ने के लिए इसी रास्ते से पहुंचते है लेकिन बदहाल सड़क बनता न देख भटनी नगर पंचायत अध्यक्ष ने प्रयास कर रेलवे विभाग से एनओसी प्राप्त करने में कई साल लग गए, जिसके बाद जल्द निर्माण करने का दवा किया जा रहा हैं।
विजय गुप्ता आदर्श नगर पंचायत भटनी के चेयरमैन का बयान
विजय गुप्ता आदर्श नगर पंचायत भटनी के चेयरमैन ने बताया कि पूर्व के जनप्रतिनिधियों द्वारा केवड़ा सड़क को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई, जिसके कारण आज बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। मैं नगर पंचायत का अध्यक्ष बनने के बाद से ही इसको बनने के प्रयास में लग गया था। जिसका प्रणाम यह हुआ कि रेलवे विभाग से एनओसी मिल चुकी हैं। टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी हैं, जो 40 लाख की लागत से 280 मीटर लंबी और 3 मीटर चौड़ी बनाई जायेगी। वही पूर्व में सड़क हादसे में मौत के कारणों के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही।










