Donald Trump On White House Attack: वाइट हाउस में हुए हमले पर ट्रम्प का ऐलान, ‘आतंकी हमला’ बताकर साधा निशाना

Donald Trump On White House Attack: वाइट हाउस में हुई गोलीबारी पर ट्रम्प हुए आगबबूला, बाइडेन पर बरस पड़े

Donald Trump On White House Attack: अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी (Washington DC) में व्हाइट हाउस (White House) से कुछ ही दूरी पर हुई गोलीबारी ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है। दो नेशनल गार्ड (National Guard) जवानों को अचानक घात लगाकर निशाना बनाया गया, जिनकी हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है। घटना पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने कड़ा रुख अपनाते हुए इसे खुले तौर पर ‘आतंकवादी हमला’ करार दिया और इसे राष्ट्र के विरुद्ध अपराध बताया। इतना ही नहीं, उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) पर भी राष्ट्रीय सुरक्षा में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। इसके बाद राजधानी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती का आदेश जारी किया गया है।

व्हाइट हाउस के करीब गोलीबारी/Donald Trump On White House Attack

वाशिंगटन डीसी (Washington DC) के सबसे सुरक्षित इलाकों में से एक व्हाइट हाउस (White House) के पास अचानक हुई गोलीबारी ने पूरे प्रशासन को हिलाकर रख दिया। वेस्ट वर्जीनिया नेशनल गार्ड (West Virginia National Guard) के दो जवान बुधवार दोपहर नियमित ड्यूटी पर थे, जब उन पर घात लगाकर फायरिंग कर दी गई। यह हमला व्हाइट हाउस से केवल कुछ ब्लॉक की दूरी पर हुआ, जिसके बाद आसपास के पूरे क्षेत्र को तुरंत सील कर दिया गया। फायरिंग के स्थान पर बड़ी संख्या में पुलिस, FBI और सीक्रेट सर्विस एजेंट्स पहुंचे और जांच शुरू की। दोनों जवान गंभीर रूप से घायल हुए और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) फ्लोरिडा (Florida) के मार-ए-लागो (Mar-a-Lago) स्थित अपने क्लब में मौजूद थे। हमले के बाद आसपास के नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया और इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई।

यह एक आतंकवादी हमला है

घटना के कुछ ही घंटों बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने एक वीडियो संदेश जारी किया, जिसमें उन्होंने इस हमले को “भयानक और राष्ट्र-विरुद्ध अपराध” बताया। उन्होंने कहा कि थैंक्सगिविंग की पूर्व संध्या पर देश की रक्षा कर रहे जवानों को निशाना बनाना मानवता के विरुद्ध अपराध है और इसे आतंकवादी हमला माना जाना चाहिए। ट्रंप ने आरोप लगाया कि यह घटना अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि हमले की गंभीरता को देखते हुए पेंटागन (Pentagon) को उन्होंने 500 अतिरिक्त सैनिक राजधानी में तैनात करने के निर्देश दिए हैं। अपने बयान में उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) पर भी तीखा हमला बोला और कहा कि देश की सीमाएं और सुरक्षा बाइडेन प्रशासन के दौरान कमजोर हुई हैं। उनके अनुसार, यह घटना अमेरिकी सुरक्षा नीति की विफलता का बड़ा उदाहरण है।

अफगान नागरिकों की सख्त जांच का आदेश

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि बाइडेन प्रशासन के दौरान 2021 में अफगानिस्तान (Afghanistan) से अमेरिका में घुसे हर एक नागरिक की पुन: जांच की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) को संदेह है कि हमला करने वाला संदिग्ध भी उसी वर्ष अमेरिका में दाखिल हुआ था। ट्रंप के इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरम हो गया है। रिपब्लिकन दल ट्रंप के समर्थन में सुरक्षा नीति पर सवाल उठा रहा है, जबकि डेमोक्रेट्स इसे अतिरंजना बता रहे हैं। हालांकि, यह साफ है कि नेशनल गार्ड पर हुए हमले ने अफगान शरणार्थियों की स्थिति को मुश्किल में डाल दिया है। सुरक्षा एजेंसियां अब संभावित आतंकी कनेक्शनों की जांच कर रही हैं और संदिग्धों की पृष्ठभूमि खंगालने में जुटी हैं।

मामला कितना गंभीर है?

घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने 29 वर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल (Rahmanullah Lakanwal) नाम के एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया। बताया गया कि फायरिंग के दौरान वह स्वयं भी घायल हुआ था। यह व्यक्ति अफगान नागरिक है और कथित रूप से 2021 में अमेरिका आया था। न्याय विभाग (Department of Justice) के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस मामले की जांच “आतंकी कृत्य” के तौर पर की जा रही है, जो इसे और अधिक गंभीर बना देता है। वर्तमान में जांच टीमें इलाके की CCTV फुटेज, डिजिटल कम्युनिकेशन और संदिग्ध की यात्रा संबंधी जानकारी की गहन जांच कर रही हैं। राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सेना की तैनाती भी जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले पर अमेरिकी राजनीति और भी गर्म होने की संभावना है, क्योंकि यह मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा, आव्रजन नीति और आतंकी खतरों से जुड़ा हुआ है।

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