Dr. Pradipta Kumar Sethi FISG 2025: डॉ. प्रदीप्त कुमार सेठी को मिला बड़ा सम्मान: इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की फेलोशिप 2025

Dr. Pradipta Kumar Sethi FISG 2025: कोलकाता के डॉक्टर को इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की फेलोशिप से नवाजा गया

Dr. Pradipta Kumar Sethi FISG 2025: कोलकाता के मशहूर पेट और लीवर के डॉक्टर डॉ. प्रदीप्त कुमार सेठी को हाल ही में एक बहुत बड़ा सम्मान मिला है। उन्हें इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी (ISG) ने अपनी प्रतिष्ठित फेलोशिप प्रदान की है, जिसे FISG 2025 कहा जाता है। यह सम्मान अमृतसर में हुई ISG की सालाना बैठक में दिया गया। डॉ. सेठी कोलकाता के मणिपाल हॉस्पिटल्स में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर हैं।

यह फेलोशिप क्यों इतनी खास है?/Dr. Pradipta Kumar Sethi FISG 2025

भारत में पेट, आंत, लीवर और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के डॉक्टरों के लिए इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी सबसे बड़ी संस्था है। इसकी फेलोशिप देश के सबसे बड़े सम्मानों में से एक मानी जाती है। यह सम्मान सिर्फ उन डॉक्टरों को मिलता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में बहुत अच्छा काम किया हो। जैसे – मरीजों का बेहतरीन इलाज करना, नई रिसर्च करना, दूसरे डॉक्टरों को पढ़ाना और पूरे देश में पाचन स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में योगदान देना।

डॉ. सेठी को यह सम्मान इसलिए मिला क्योंकि वे लंबे समय से मरीजों की देखभाल में पूरी लगन से काम कर रहे हैं। वे जटिल पेट की बीमारियों का इलाज करते हैं, एंडोस्कोपी जैसे टेस्ट करते हैं और लोगों को पाचन संबंधी समस्याओं से बचाने के लिए जागरूकता फैलाते हैं। यह फेलोशिप उनके इन सभी योगदानों की मुहर है।

डॉ. सेठी कौन हैं और क्या करते हैं?

डॉ. प्रदीप्त कुमार सेठी (जिन्हें प्रदीप्ता कुमार सेठी भी लिखा जाता है) कोलकाता में मणिपाल हॉस्पिटल्स के ईएम बाईपास और मुकुंदपुर ब्रांच में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट हैं। उनके पास 23 साल से ज्यादा का अनुभव है। वे पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, अल्सर, लीवर की बीमारियां, पैंक्रियास की समस्याएं और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज करते हैं।

मरीजों के बीच वे बहुत लोकप्रिय हैं क्योंकि वे हर मरीज को ध्यान से सुनते हैं, सही डायग्नोसिस करते हैं और आसान भाषा में बीमारी समझाते हैं। मणिपाल हॉस्पिटल कोलकाता में आधुनिक मशीनें और अच्छी टीम होने से उनका काम और आसान हो जाता है।

सम्मान मिलने पर डॉ. सेठी ने क्या कहा?

इस बड़े सम्मान को पाकर डॉ. सेठी बहुत खुश हैं। उन्होंने इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी का शुक्रिया अदा किया। साथ ही अपने परिवार, सहकर्मियों और अस्पताल की टीम को धन्यवाद कहा, क्योंकि बिना उनके सपोर्ट के यह संभव नहीं था।

डॉ. सेठी ने कहा कि वे आगे भी पेट की बीमारियों के इलाज में बेहतरीन काम करते रहेंगे। नई रिसर्च करेंगे, युवा डॉक्टरों को सिखाएंगे और मरीजों को अच्छी से अच्छी देखभाल देंगे। उनका मानना है कि पाचन स्वास्थ्य बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ज्यादातर बीमारियां गलत खान-पान और जीवनशैली से शुरू होती हैं।

अमृतसर में हुई थी बैठक

यह सम्मान अमृतसर में इंडियन सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में दिया गया। इस मीटिंग में देश भर के हजारों गैस्ट्रो डॉक्टर इकट्ठा होते हैं। नए इलाज पर चर्चा करते हैं, रिसर्च पेपर पढ़ते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं। इस बार की बैठक में कई बड़े डॉक्टरों को सम्मान दिया गया, जिनमें डॉ. सेठी भी शामिल हैं।

पाचन स्वास्थ्य क्यों जरूरी है?

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में पेट की समस्याएं बहुत आम हो गई हैं। तला-भुना खाना, देर रात डिनर, तनाव और कम व्यायाम से एसिडिटी, कब्ज, IBS (इरिटेबल बाउल सिंड्रोम), फैटी लीवर और यहां तक कि कैंसर जैसी बीमारियां हो रही हैं। डॉ. सेठी जैसे डॉक्टर हमें याद दिलाते हैं कि समय पर जांच और सही इलाज से इनसे बचा जा सकता है।

वे अक्सर लोगों को सलाह देते हैं – संतुलित खाना खाएं, ज्यादा पानी पिएं, व्यायाम करें और अगर पेट में लंबे समय तक दर्द या समस्या हो तो डॉक्टर से मिलें। उनकी यह फेलोशिप ऐसे डॉक्टरों की मेहनत को सलाम है जो चुपचाप मरीजों की सेवा करते हैं।

कोलकाता के लिए गर्व की बात

कोलकाता के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि शहर के एक डॉक्टर को इतना बड़ा राष्ट्रीय सम्मान मिला। मणिपाल हॉस्पिटल्स भी इस उपलब्धि पर खुश है। इससे पता चलता है कि कोलकाता में भी विश्व स्तर की मेडिकल सुविधाएं और डॉक्टर हैं।

डॉ. सेठी की यह सफलता दूसरे युवा डॉक्टरों के लिए भी प्रेरणा है। वे दिखाते हैं कि लगन और मेहनत से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। हम उम्मीद करते हैं कि डॉ. सेठी आगे भी ऐसे ही अच्छा काम करते रहेंगे और लाखों मरीजों की जिंदगी बेहतर बनाएंगे।

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