Drain Dispute In Jihwa Village : उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के महराजगंज थाना क्षेत्र के जिह्वा ग्राम (जिसे जीहवा के नाम से भी जाना जाता है) में एक मामूली नाली विवाद ने गुरुवार दोपहर करीब 2:00 बजे भयानक खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। दो पक्षों के बीच शुरू हुई कहासुनी लाठी-डंडों, कुल्हाड़ियों और अन्य हथियारों से हमले में तब्दील हो गई, जिसमें एक पक्ष के कम से कम 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर 3 लोगों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। दूसरे पक्ष के 3 लोग भी मामूली रूप से चोटिल बताए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि पुरानी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई न होने से विवाद इतना बढ़ गया।
घटना का पूरा विवरण

घटना महराजगंज थाना क्षेत्र के जिह्वा गांव में दोपहर करीब 2:00 बजे घटी। ग्रामीणों के अनुसार, गांव में नाली के निर्माण और पानी निकासी को लेकर लंबे समय से दो पक्षों के बीच तनाव चल रहा था। एक पक्ष के लोग नाली की सफाई कर रहे थे, तभी दूसरे पक्ष ने इसका विरोध किया। बात बढ़ते ही दोनों गुट आमने-सामने हो गए। देखते ही देखते एक पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों, कुल्हाड़ियों और तेजधार हथियारों से दूसरे पक्ष पर हमला बोल दिया। हमले में रतिपाल पुत्र महादेव, रामदुलारी पत्नी महादेव समेत 8 लोग बुरी तरह घायल हो गए। इनमें महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।
घायलों को तुरंत नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद 5 लोगों को स्थानीय स्तर पर ही भर्ती कर लिया। वहीं, 3 घायलों की हालत नाजुक होने पर उन्हें रायबरेली जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि घायलों के सिर, हाथ-पैरों और पेट पर गंभीर चोटें हैं, जिनका इलाज चल रहा है। एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें हमले के दौरान चीख-पुकार और भागमभाग का माहौल नजर आ रहा है।
पुराना विवाद, पुरानी शिकायतें
ग्रामीणों का कहना है कि नाली विवाद नया नहीं है। पिछले कई महीनों से दोनों पक्षों के बीच इस मुद्दे पर तनाव बना हुआ था। एक पक्ष ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष ने नाली का रास्ता अवरुद्ध कर दिया था, जिससे उनके घरों में पानी भराव की समस्या हो रही थी। इसकी शिकायत महराजगंज थाने में की गई थी, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस ने समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “पहले छोटे-मोटे झगड़े होते थे, लेकिन आज हद पार हो गई। अगर पहले मध्यस्थता की जाती तो शायद इतना बड़ा हादसा न होता।”
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही महराजगंज थाने की पुलिस फोर्स घटनास्थल पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। वर्तमान में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन थाना प्रभारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसपी रायबरेली यशवीर सिंह ने कहा, “मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। घायलों के बयानों के आधार पर आरोपी पक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। गांव में अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी गई है ताकि शांति बनी रहे।” पुलिस ने वायरल वीडियो को भी जांच के दायरे में ले लिया है।
ग्रामीणों में आक्रोश, प्रशासन पर सवाल
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है। पीड़ित पक्ष के परिजनों ने जिला प्रशासन से तत्काल न्याय की मांग की है। एक महिला ने रोते हुए कहा, “हमारे परिवार का कोई गुनाह नहीं था, फिर भी कुल्हाड़ियों से मारा गया। क्या गांव में न्याय नहीं मिलेगा?” विपक्षी दलों ने भी इस घटना पर सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में छोटे विवादों को सुलझाने के लिए त्वरित तंत्र की जरूरत है।
यह घटना रायबरेली जिले में बढ़ते भूमि और संसाधन विवादों की एक कड़ी जोड़ती है, जहां हाल ही में भी इसी तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को सख्त सजा दी जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। फिलहाल, घायलों का इलाज जारी है और गांव में शांति बहाल करने के प्रयास हो रहे हैं।










