ED Biggest Action on Coal Mafia: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कोयला माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए 40 से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। इस पूरे ऑपरेशन में करोड़ों रुपये की नकदी, सोना, जमीन के कागजात और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए, जिनका सीधा संबंध अवैध खनन, तस्करी और कोयला चोरी से जुड़े मामलों से बताया जा रहा है। ईडी टीमों ने दोनों राज्यों में अलग-अलग नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए कई नामचीन व्यक्तियों को जांच के दायरे में लिया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह रेड केवल शुरुआत है और आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं। तो चलिए जानते हैं पूरा मामला क्या है, विस्तार से…
कोयला घोटाले की पृष्ठभूमि और कार्रवाई की वजह/ED Biggest Action on Coal Mafia
झारखंड (Jharkhand) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में कोयला चोरी और अवैध खनन लंबे समय से एक संगठित अपराध के रूप में सक्रिय रहा है, जिससे सरकारी खजाने को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान होता है। कोयला क्षेत्रों में सक्रिय इन माफियाओं के खिलाफ कई शिकायतें पिछले महीनों में सामने आई थीं, जिनमें अवैध परिवहन, तस्करी और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत जैसे आरोप शामिल थे। केंद्र की जांच एजेंसियों को पता चला कि कई कारोबारी और स्थानीय समूह मिलकर बड़े पैमाने पर कोयले की अवैध निकासी कर रहे थे। इसी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज करते हुए इन नेटवर्क्स की आर्थिक लेन-देन की गहराई से पड़ताल शुरू की। बुधवार को चली यह छापेमारी उसी बड़े ऑपरेशन का हिस्सा थी, जिसके जरिए इस अवैध सिस्टम की जड़ तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

झारखंड में 18 ठिकानों पर छापेमारी, बड़े नाम जांच के घेरे में
रांची (Ranchi) स्थित ईडी टीम ने झारखंड के 18 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। यह कार्रवाई उन मामलों से जुड़ी है जिनमें अनिल गोयल (Anil Goyal), संजय उद्योग (Sanjay Udyog), एल.बी. सिंह (L.B. Singh) और अमर मंडल (Amar Mandal) जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने अवैध कोयला खनन और चोरी के जरिए करोड़ों रुपये का काला धन इकट्ठा किया और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया। जांच अधिकारियों ने बताया कि कई जगहों से अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रजिस्टर और जमीन के कागजात मिले हैं, जिनसे कोयला नेटवर्क की गहराई तक जाने में मदद मिलेगी। कई ठिकानों से डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जाएगी। इस कार्रवाई को झारखंड में संचालित अवैध कोयला रैकेट पर एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
पश्चिम बंगाल में 24 ठिकानों पर रेड, खनन नेटवर्क बेनकाब
ईडी की दूसरी टीम ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) के दुर्गापुर (Durgapur), पुरुलिया (Purulia), हावड़ा (Howrah) और कोलकाता (Kolkata) में 24 ठिकानों पर बिना पूर्व सूचना के छापेमारी की। जिन व्यक्तियों और कारोबारी ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें नरेंद्र खड़का (Narendra Khadka), अनिल गोयल (Anil Goyal), युधिष्ठिर घोष (Yudhishthir Ghosh) और कृष्ण मुरारी कायल (Krishna Murari Kayal) जैसे नाम शामिल हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन ठिकानों से अवैध कोयला परिवहन के रूट, कमाई के लेजर, पैसों की हेराफेरी से जुड़े दस्तावेज और माफिया नेटवर्क से संबंध साबित करने वाले कई सबूत मिले हैं। अधिकारियों का कहना है कि बंगाल के कोयला क्षेत्रों में चल रही अवैध गतिविधियों को समझने और बड़े खिलाड़ियों की पहचान करने में ये दस्तावेज बेहद अहम साबित होंगे। इस रेड ने पूरे माफिया नेटवर्क की कड़ी जांच की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।
10 करोड़ से ज्यादा की जब्ती और आगे की कार्रवाई
पूरे ऑपरेशन में ईडी को अब तक 10 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी, सोने के आभूषण, जमीन के 120 से ज्यादा दस्तावेज और कई मूल्यवान संपत्तियों का रिकॉर्ड मिला है। पश्चिम बंगाल में 8 करोड़ रुपये से अधिक का कैश और गहने बरामद किए गए, जबकि झारखंड में करीब 2.2 करोड़ रुपये की नकदी और भारी संख्या में जमीन के कागजात मिले। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआती बरामदगी है और आगे की जांच में कई और खुलासे सामने आ सकते हैं। जब्त किए गए दस्तावेज यह संकेत देते हैं कि कोयला माफिया का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। ईडी आने वाले दिनों में संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ, बैंक ट्रांजैक्शंस की जांच और डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तेज करने वाली है। माना जा रहा है कि यह ऑपरेशन अवैध कोयला कारोबार पर बड़ी चोट साबित होगा।










