Gede Border Republic Day Sweets Exchange: 26 जनवरी 2026 को पूरे देश में 77वां गणतंत्र दिवस बड़े उत्साह से मनाया गया। दिल्ली की राजपथ से लेकर गांव-गांव तक तिरंगा लहराया, राष्ट्रगान गूंजा और देशभक्ति की भावना छाई रही। लेकिन इस बार एक ऐसी खबर आई जो दिल को छू गई। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में भारत-बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित गेडे बॉर्डर पर, जहां दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर तनाव चल रहा है, वहां के सैनिकों ने एक-दूसरे को मिठाई बांटकर दोस्ती का संदेश दिया।
डिप्लोमैटिक तनाव के बीच एक अलग तस्वीर/Gede Border Republic Day Sweets Exchange
भारत और बांग्लादेश के रिश्ते इन दिनों अच्छे नहीं कहे जा सकते। कई मुद्दों जैसे सीमा विवाद, प्रवास, पानी बंटवारा और हाल के राजनीतिक बदलावों पर दोनों देशों के बीच बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं। ऐसे में आम लोग सोचते हैं कि बॉर्डर पर भी सख्ती और दूरी होगी। लेकिन गेडे बॉर्डर पर 77वें गणतंत्र दिवस की शाम को जो हुआ, वह सबको हैरान कर गया।

भारतीय बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) की 32वीं बटालियन के जवान और बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड्स (BGB) के सैनिक एक-दूसरे के सामने आए। भारतीय जवानों ने पड़ोसी देश के सैनिकों को मिठाइयां भेंट कीं। बदले में BGB के जवानों ने भी BSF के जवानों को मिठाई दी। यह लेन-देन सिर्फ मिठाई का नहीं था, बल्कि सद्भावना, शांति और पड़ोसी होने की भावना का था। दोनों तरफ के सैनिक मुस्कुराते हुए एक-दूसरे से हाथ मिलाते और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते दिखे।
बॉर्डर पर पूरा दिन कैसे बीता?
गणतंत्र दिवस का दिन गेडे बॉर्डर पर खास रहा। सुबह से ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी गई थी। हर गेट पर अतिरिक्त जवान तैनात थे। BSF की 32वीं बटालियन ने पारंपरिक तरीके से कार्यक्रम आयोजित किए।
- तिरंगा फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया।
- देशभक्ति के गाने बजे, हथियारों का प्रदर्शन हुआ।
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों ने हिस्सा लिया।
- जवानों ने खुलकर जश्न मनाया और एक दूसरे को मिठाई खिलाई।
दिन भर की इन गतिविधियों के बाद शाम को सबसे खास पल आया – पड़ोसी BGB जवानों के साथ मिठाइयों का आदान-प्रदान। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है। गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस, ईद, दीवाली जैसे मौकों पर दोनों तरफ के जवान ऐसे छोटे-छोटे सद्भावना के कदम उठाते हैं। इससे बॉर्डर पर तनाव कम होता है और दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ता है।
बांग्लादेशी जवानों की खुशी और भारतीयों का प्रभाव
मिठाई मिलते ही BGB के जवानों के चेहरे पर खुशी छा गई। वे भारतीय मेहमाननवाजी से बहुत प्रभावित दिखे। कई ने हाथ जोड़कर धन्यवाद कहा और शुभकामनाएं दीं। दूसरी तरफ, भारतीय जनता और मीडिया में इस घटना की तारीफ हो रही है। लोग कह रहे हैं कि सैनिकों का यह व्यवहार दिखाता है कि असली दोस्ती दिल से दिल तक होती है, चाहे सरकारें कितनी भी अलग क्यों न हों।
रिपोर्टर राजीव कुमार दास ने इस घटना को करीब से देखा और बताया कि यह छोटा सा इशारा कितना बड़ा संदेश देता है। बॉर्डर पर तैनात जवान रोज मुश्किल हालात में ड्यूटी करते हैं। फिर भी वे इंसानियत नहीं भूलते। यह देखकर लगता है कि सीमा सिर्फ जमीन की रेखा है, दिलों की नहीं।
सद्भावना की परंपरा और इसका महत्व
भारत और बांग्लादेश के बीच बॉर्डर पर ऐसी सद्भावना की मिसालें पहले भी देखी गई हैं। गेडे, फुलबारी जैसे कई पोस्ट पर BSF और BGB के जवान त्योहारों पर एक-दूसरे को बधाई देते हैं। कभी सभी महिला यूनिट्स ने भी ऐसा किया है। यह परंपरा न सिर्फ सैनिकों के बीच दोस्ती बढ़ाती है, बल्कि दोनों देशों के लोगों में भी शांति की उम्मीद जगाती है।
जब राजनीतिक स्तर पर बातें बिगड़ती हैं, तो ऐसे छोटे कदम बड़े बदलाव ला सकते हैं। यह दिखाता है कि सैनिक सिर्फ दुश्मन नहीं देखते, बल्कि इंसान को भी देखते हैं। गणतंत्र दिवस जैसे मौके पर यह सद्भावना का संदेश पूरे देश को मिला कि पड़ोसी देश से रिश्ते बेहतर बनाने की कोशिश हमेशा जारी रहनी चाहिए।
निष्कर्ष
77वें गणतंत्र दिवस पर गेडे बॉर्डर की यह तस्वीर यादगार बन गई। तनाव के बादल छाए होने के बावजूद मिठाइयों की मिठास ने दिखा दिया कि प्यार और सम्मान की भाषा हर जगह समझी जाती है। BSF और BGB के जवानों को सलाम, जिन्होंने न सिर्फ ड्यूटी निभाई, बल्कि इंसानियत का भी सबक दिया। उम्मीद है कि ऐसे कदम बढ़ते रहेंगे और दोनों देशों के बीच शांति का रास्ता साफ होगा।










