Holi 2026 : बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड की हजारी पंचायत स्थित गैरमजरुवा बस्ती में इस बार होली का रंग कुछ अलग ही नजर आया। जहाँ कई जगहों पर होली के नाम पर शोर-शराबा और हुल्लड़ देखने को मिलता है, वहीं इस गांव के लोगों ने अनुशासन और मर्यादा के साथ त्योहार मनाकर एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया। बुधवार को ग्राम समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने होली को केवल रंगों का त्योहार नहीं बल्कि आपसी प्रेम और संस्कारों का पर्व बनाकर मनाया।
“हुल्लड़ नहीं, स्नेह की होली” बना गांव का संदेश

ग्राम समिति के अध्यक्ष भरत प्रसाद और सचिव त्रिभुवन दास के मार्गदर्शन में पूरे गांव में सादगी और भाईचारे का वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि गैरमजरुवा की पहचान ही शांतिपूर्ण माहौल और आपसी सम्मान से जुड़ी है।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यहां होली के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन किया जाता है—
- नशे और किसी भी प्रकार की हुल्लड़बाजी से दूरी
- पुरुष और महिलाओं की अलग-अलग टोलियों में होली
- एक-दूसरे को सम्मान के साथ गुलाल लगाना
- पुरानी रंजिशों को भूलकर मेल-मिलाप करना
इसी वजह से इस बस्ती की होली पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई।
गुलाल के साथ घुला अपनापन
फागुन की मस्ती के बीच गांव में अबीर-गुलाल जरूर उड़ा, लेकिन इसमें मर्यादा की खुशबू भी शामिल रही। सैकड़ों ग्रामीण एकत्र हुए और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिले। इस दौरान गांव में फाग गीतों की गूंज और खुशियों की रौनक साफ दिखाई दे रही थी।
ग्रामीणों का कहना है कि इस परंपरा की वजह से हर साल होली का पर्व यहां केवल उत्सव नहीं बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक बन जाता है।
आयोजन को सफल बनाने में इन लोगों की रही अहम भूमिका
इस आयोजन को सफल बनाने में गांव के कई लोगों ने सक्रिय भूमिका निभाई। ग्रामीणों के सहयोग से ही यह आयोजन अनुशासन के साथ संपन्न हो सका।
पुरुषों में प्रमुख रूप से शामिल रहे—
- कुलदीप प्रजापति
- बद्री प्रसाद
- नरेश राम महतो
- सोमनाथ गंझु
- परमेश्वर प्रजापति
- संतोष प्रजापति
- महेश प्रजापति
- झब्बू प्रजापति
- शिबू प्रजापति
- राजेन्द्र प्रजापति
- दिनेश्वर प्रजापति
- इन्द्रदेव प्रसाद
- रघुनाथ प्रजापति
- बन्धु प्रजापति
नारी शक्ति की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही—

- सुशीला देवी
- कान्ता देवी
- संगीता देवी
- मीना देवी
- पुरनी देवी
- रीना देवी
- मंजू देवी
- सुमिता देवी
सामाजिक संदेश देती है गैरमजरुवा की होली
गैरमजरुवा बस्ती की यह होली केवल एक पारंपरिक उत्सव भर नहीं है, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाला संदेश भी देती है। ग्रामीणों ने साबित किया कि त्योहारों की असली खुशी शांति, सम्मान और आपसी भाईचारे में छिपी होती है।
ग्राम समिति ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी ग्रामीणों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया जाएगा।










