Holika Dahan Ki Puri Vidhi 2026: होली का त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। फाल्गुन पूर्णिमा की शाम को होलिका दहन (छोटी होली) किया जाता है, जिसमें लकड़ियों का ढेर जलाकर नकारात्मकता को भस्म किया जाता है। इस साल भद्रा और चंद्र ग्रहण के कारण समय सीमित है, लेकिन विधि-विधान से पूजा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है। आइए जानते हैं होलिका दहन कैसे करें, पूरी पूजा विधि, जरूरी सामग्री, शक्तिशाली मंत्र, पौराणिक कथा और विशेष उपाय।
होलिका दहन की पौराणिक कथा/Holika Dahan Ki Puri Vidhi 2026
होलिका दहन की कथा भक्त प्रह्लाद से जुड़ी है। प्राचीन काल में असुर राजा हिरण्यकश्यप स्वयं को भगवान मानता था और कहता था कि कोई उसे ईश्वर न माने। उसके पुत्र प्रह्लाद बचपन से ही भगवान विष्णु के परम भक्त थे। इससे क्रोधित होकर हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने की कई कोशिशें कीं, लेकिन हर बार भगवान विष्णु ने प्रह्लाद की रक्षा की।

आखिरकार हिरण्यकश्यप की बहन होलिका, जिसे आग में न जलने का वरदान था, ने प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठने की योजना बनाई। लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद बच गए और होलिका जलकर राख हो गई। यह घटना बुराई, अहंकार और नफरत के अंत का प्रतीक है। होलिका दहन से हम भी अपने मन की नकारात्मकता जलाते हैं और अच्छाई की जीत मनाते हैं।
होलिका दहन पूजा विधि स्टेप बाय स्टेप
होलिका दहन घर या मोहल्ले में खुले स्थान पर किया जाता है। विधि सरल है:
- साफ-सफाई और तैयारी: शाम को स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। होलिका बनाने की जगह साफ करें। लकड़ियां, गोबर के उपले, सूखी घास आदि से होलिका का ढेर बनाएं। बीच में प्रह्लाद की छोटी मूर्ति या चित्र रखें।
- पूजा शुरू: पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें। भगवान नरसिंह और प्रह्लाद का स्मरण करें। होलिका पर हल्दी-रोली से तिलक लगाएं, फूल चढ़ाएं।
- कच्चा सूत लपेटना: कच्चे सूत (रक्षा सूत्र) को होलिका के चारों ओर 3 या 7 बार परिक्रमा करते हुए लपेटें। मन में मनोकामना बोलें।
- सामग्री अर्पित करना: अक्षत, गुड़, फूल, मिठाई, घी, गेहूं की बालियां, नारियल, आम, भुट्टा आदि चढ़ाएं। जल, दूध-घी मिलाकर अर्घ्य दें।
- परिक्रमा और मंत्र जप: होलिका की 3, 7 या 11 परिक्रमा करें। मंत्र जपते रहें। अंत में “होलिका और प्रह्लाद की जय” बोलें।
- अग्नि देना: शुभ मुहूर्त में आग लगाएं। होलिका जलने के बाद थोड़ी राख घर लाएं (उपाय के लिए)।
- आरती और समापन: आरती करें, प्रसाद बांटें। परिवार के साथ भजन गाएं।
पूजा की जरूरी सामग्री लिस्ट
- सूखी लकड़ियां और गोबर के उपले
- गेहूं/जौ की बालियां, मूंग, गुड़, बताशा
- फूल, गुलाल, रोली, हल्दी, अक्षत (चावल)
- कच्चा सूत या रक्षा सूत्र
- नारियल, आम, भुट्टा, सप्तधान्य
- घी का दीपक, अगरबत्ती, कपूर
- जल का लोटा, मिठाई (घर की बनी)
- प्रह्लाद/नरसिंह का चित्र या मूर्ति
होलिका दहन के प्रमुख मंत्र
- होलिका मंत्र: ॐ होलिकायै नमः
- प्रह्लाद मंत्र: ॐ प्रह्लादाय नमः
- नरसिंह मंत्र: ॐ नृसिंहाय नमः
- परिक्रमा मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः (मन ही मन जपें)
- विशेष मंत्र: अहकूटा भयत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिशै:, अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम् (108 बार जप शुभ)
होलिका दहन के विशेष उपाय
- नजर दोष से मुक्ति: होलिका में नींबू और 7 लाल मिर्च डालें। मंत्र जपते हुए परिक्रमा करें।
- धन-समृद्धि: होलिका की राख को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखें। गेहूं की बालियां सेंककर घर में फैलाएं।
- घर में क्लेश दूर: पति-पत्नी साथ परिक्रमा करें, गेहूं की बालियां अर्पित करें।
- शनि/ग्रह दोष शांति: नवग्रह की लकड़ियां या मसूर दाल की ढेरी पर कौड़ियां रखकर अग्नि में डालें।
- सकारात्मकता: होलिका दहन के बाद राख से तिलक लगाएं, इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
Disclaimer- यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए लिखा गया है, News Nation Bharat इसकी पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञों से परामर्श लें।










