Illegal liquor Bhadrak Odisha: ओडिशा में 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी की डबल इंजन सरकार बनी। मुख्यमंत्री मोहन चारण माझी ने चुनाव में बड़े-बड़े वादे किए थे – अवैध शराब, कोयला और रेत माफिया को खत्म कर देंगे। लेकिन हकीकत कुछ और ही दिख रही है। भद्रक जिले के बासुदेवपुर ब्लॉक में नया कानी दिही पुलिस स्टेशन के इलाके में अवैध विदेशी शराब का धंधा दिन-दहाड़े चल रहा है। लोग कह रहे हैं कि लाखों-लाख रुपये का कारोबार हो रहा है, लेकिन पुलिस और एक्साइज विभाग कुछ नहीं कर रहे। क्या यह मिलीभगत है या सिर्फ लापरवाही?
चुनावी वादे और हकीकत का फर्क/Illegal liquor Bhadrak Odisha
2024 में ओडिशा की जनता ने बीजेडी सरकार को हटाकर बीजेपी को मौका दिया। मोहन माझी ने कहा था कि राज्य को नशा मुक्त बनाएंगे। अवैध शराब, कोयला और रेत के अवैध कारोबार पर सख्ती करेंगे। लेकिन अब 2026 आ गया है, और कई जगहों पर यही पुरानी समस्या बनी हुई है। भद्रक जिले में अवैध शराब की खबरें आती रहती हैं। पुलिस ने कई बार छापेमारी की, शराब जब्त की, लेकिन जड़ नहीं कटी। मुख्यमंत्री खुद कह चुके हैं कि अवैध शराब पर जीरो टॉलरेंस है। अगर कोई मौत हुई तो कलेक्टर और एसपी जिम्मेदार होंगे। फिर भी ग्राउंड लेवल पर हालात नहीं सुधरे।

करंजड़िया बाजार में खुलेआम धंधा
भद्रक जिले के बासुदेवपुर ब्लॉक में करंजड़िया बाजार है। यहां नया कानी दिही पुलिस स्टेशन के ठीक आसपास 50 से ज्यादा अवैध दुकानें चल रही हैं, जहां विदेशी शराब बिकती है। ये दुकानें दिन में भी खुली रहती हैं। लोग बताते हैं कि हर दिन लाखों रुपये का कारोबार होता है। पुलिस स्टेशन सिर्फ 1 मिनट की दूरी पर है, एक्साइज डिपार्टमेंट का ऑफिस भी पास है। फिर भी कोई रेड नहीं होती। लोग सवाल उठा रहे हैं – पुलिस को सब पता है, लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं? क्या कोई बड़ा राज है? क्या कोई संरक्षण मिला हुआ है?
स्थानीय लोग डरते हैं, लेकिन गुस्से में हैं। शराब से परिवार बर्बाद हो रहे हैं। युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। महिलाएं और बुजुर्ग कहते हैं कि अगर पुलिस चाहे तो एक घंटे में सब बंद हो सकता है। लेकिन होता कुछ नहीं। ओडिशा में हाल ही में कई जगहों पर महिलाओं ने खुद अवैध शराब की दुकानों पर हमला किया, पुलिस को मजबूर किया। भद्रक में भी ऐसी घटनाएं हुईं, जहां पुलिस ने बाद में कार्रवाई की। लेकिन नया कानी दिही इलाके में अभी तक चुप्पी है।
पुलिस और एक्साइज पर सवाल उठाए जा रहे हैं
नया कानी दिही पुलिस स्टेशन के इलाके में इतनी दुकानें चल रही हैं, तो क्या पुलिस को जानकारी नहीं? लोग कहते हैं कि पुलिस बैठकर सब देख रही है। एक्साइज डिपार्टमेंट भी चुप है। सरकार नया एक्साइज एक्ट लाने की बात कर रही है। अवैध शराब पर सख्ती बढ़ाने का दावा है। लेकिन अगर लोकल लेवल पर अधिकारी नहीं जागेंगे, तो कानून कागज पर रह जाएगा। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों और एसपी से कहा है कि अवैध शराब से मौत हुई तो जिम्मेदारी लेंगे। लेकिन यहां मौत नहीं, रोजाना नशा फैल रहा है।
ओडिशा में 2025-26 में पुलिस ने कई छापेमारी कीं। भद्रक में ही दवा की दुकानों से विदेशी शराब जब्त हुई। बसुदेवपुर में भी बड़ी मात्रा में शराब पकड़ी गई। लेकिन ये छोटे-मोटे ऑपरेशन हैं। बड़े रैकेट टूट नहीं रहे। लोग कहते हैं कि पुलिस पर दबाव है या कुछ और।
आम लोगों की परेशानी और मांग
इस धंधे से सबसे ज्यादा नुकसान गरीब परिवारों को हो रहा है। पैसे कमाने वाले शराब में उड़ा देते हैं। घरेलू झगड़े बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। युवा बर्बाद हो रहे हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि:
- पुलिस और एक्साइज तुरंत रेड करें।
- इन 50+ दुकानों को बंद किया जाए।
- मुख्यमंत्री अपने वादे पूरे करें।
- मिलीभगत की जांच हो।
निष्कर्ष
ओडिशा में अवैध शराब का धंधा पुरानी समस्या है। बीजेपी सरकार आने के बाद उम्मीद जगी थी, लेकिन भद्रक के नया कानी दिही जैसे इलाकों में हालात वही के वही हैं। पुलिस स्टेशन के सामने धंधा चल रहा है, तो सवाल उठना लाजमी है। मुख्यमंत्री मोहन माझी को अब एक्शन लेना चाहिए, वरना वादे खोखले साबित होंगे।










