India Largest Silver Importer 2025: सोना तो अमेरिका खरीद रहा, लेकिन दुनिया में चांदी का सबसे बड़ा खरीदार बन गया ये देश?

India Largest Silver Importer 2025: कौन-सा देश खरीद रहा सबसे ज्यादा चांदी? 2025-26 में भारत ने लिया नंबर-1 का ताज

India Largest Silver Importer 2025: 2025-2026 में चांदी (silver) का बाजार काफी गर्म है। सोने की तरह चांदी भी रिकॉर्ड ऊंचाई छू रही है, लेकिन सोने के मुकाबले चांदी की डिमांड का पैटर्न अलग है। अमेरिका सोने के बड़े खरीदार हैं (central banks और निवेशकों के जरिए), लेकिन चांदी में अब भारत सबसे बड़ा खरीदार बन चुका है। ये बात Silver Institute की World Silver Survey 2025 और हालिया रिपोर्ट्स से साफ हो रही है।

2025 में भारत ने रिफाइंड सिल्वर के इंपोर्ट में दुनिया को पीछे छोड़ दिया। अनुमान है कि भारत ने साल भर में करीब 9.2 बिलियन डॉलर (लगभग 77,000 करोड़ रुपये) का सिल्वर इंपोर्ट किया, जो 2024 से 44% ज्यादा है। कीमतें आसमान छू रही हैं (भारत में प्रति किलो 2.43 लाख रुपये तक पहुंच गईं), फिर भी डिमांड रिकॉर्ड स्तर पर है।

क्यों भारत सबसे ज्यादा चांदी खरीद रहा है?/India Largest Silver Importer 2025

चांदी की डिमांड तीन मुख्य वजहों से बढ़ रही है:

  1. इंडस्ट्रियल यूज (औद्योगिक मांग): चांदी सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स और AI से जुड़े प्रोडक्ट्स में बहुत इस्तेमाल होती है। ग्लोबल स्तर पर इंडस्ट्रियल डिमांड 2024 में 680 मिलियन औंस तक पहुंची, जो रिकॉर्ड है। भारत में सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ रही है, इसलिए चांदी की जरूरत बढ़ी।
  2. ज्वेलरी और सिल्वरवेयर: भारत में चांदी की ज्वेलरी और बर्तनों की डिमांड हमेशा हाई रहती है। 2024 में ज्वेलरी फैब्रिकेशन में भारत ने सबसे ज्यादा ग्रोथ दिखाई। हाई गोल्ड प्राइस की वजह से लोग चांदी की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं, खासकर दीवाली और त्योहारों में।
  3. फिजिकल इन्वेस्टमेंट: लोग चांदी के सिक्के, बार और ETF खरीद रहे हैं। 2025 में फिजिकल इन्वेस्टमेंट में 25% तक बढ़ोतरी हुई। अमेरिका, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के साथ भारत टॉप-4 में है, लेकिन 2025 में भारत ने रिकॉर्ड लेवल छुआ।

Silver Institute के मुताबिक, 2025 में भारत दुनिया का सबसे बड़ा सिल्वर इंपोर्टर बन गया। पहले चीन इंडस्ट्रियल यूज में बड़ा था, लेकिन अब भारत ने कुल फिजिकल और रिफाइंड सिल्वर में लीड लिया।

ग्लोबल सिल्वर मार्केट की स्थिति? सप्लाई कम जबकि डिमांड ज्यादा

दुनिया में चांदी की कुल डिमांड 2024 में 1.16 बिलियन औंस थी, जो 2025 में और बढ़ी। लेकिन सप्लाई सिर्फ 1.02 बिलियन औंस के आसपास रही। यानी हर साल डेफिसिट (कमी) हो रही है – 2021 से लगातार 5 साल।

  • टॉप प्रोड्यूसर देश: मेक्सिको (2024 में 6,300 टन), चीन, पेरू, बोलीविया।
  • इंपोर्ट में टॉप: चांदी के ओर (कच्चा) में चीन सबसे बड़ा इंपोर्टर है (2024 में 5.5 बिलियन डॉलर), लेकिन रिफाइंड और फिजिकल में भारत आगे।
  • इंडस्ट्रियल डिमांड: चीन सोलर पैनल में बड़ा प्लेयर है, लेकिन थ्रिफ्टिंग (कम यूज) की वजह से ग्रोथ कंट्रोल में रही। भारत में कोई थ्रिफ्टिंग नहीं, डायरेक्ट बढ़ोतरी।

2025 में सिल्वर प्राइस 80 डॉलर प्रति औंस से ऊपर चला गया, और कुछ रिपोर्ट्स में 85+ तक पहुंचा। वजह: ग्रीन एनर्जी, EV, AI और जियोपॉलिटिकल टेंशन।

सेंट्रल बैंक भी अब चांदी की तरफ?

सोने की तरह सेंट्रल बैंक चांदी खरीद रहे हैं, लेकिन कम मात्रा में। रूस, इंडिया और सऊदी अरब ने 2024-2025 में सिल्वर रिजर्व में शामिल किया। रूस और भारत ने फिजिकल सिल्वर खरीदा, सऊदी ने SLV ETF में इन्वेस्ट किया। ये ट्रेंड नया है, क्योंकि पहले सेंट्रल बैंक ज्यादातर गोल्ड पर फोकस करते थे।

आगे क्या होगा?

2026 में भी चांदी की डिमांड मजबूत रहने वाली है। ग्रीन टेक्नोलॉजी और इंडिया की इकोनॉमी ग्रोथ से फायदा होगा। लेकिन सप्लाई लिमिटेड है, इसलिए प्राइस हाई रह सकते हैं। भारत जैसे देशों में लोकल डिमांड और इंपोर्ट ड्यूटी कटौती से और बूस्ट मिलेगा।

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