Indore MD Drugs Arrest: इंदौर शहर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री रोकने के लिए पुलिस महकमा लगातार सक्रिय है। पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह ने शहर में नशे के सौदागरों पर नकेल कसने के साफ निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के चलते विभिन्न थानों की टीमें दिन-रात गश्त कर रही हैं और संदिग्धों पर नजर रख रही हैं। इसी क्रम में पुलिस थाना कनाडिया ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। 12 जनवरी 2026 की रात को टीम ने भोपाल के एक युवक को MD ड्रग्स के साथ पकड़ा, जो इंदौर में इन नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहा था। यह कार्रवाई पुलिस के लिए न सिर्फ बड़ी कामयाबी है, बल्कि शहरवासियों के लिए भी राहत की बात है।
संदिग्ध थार गाड़ी ने खींची पुलिस की नजर/Indore MD Drugs Arrest
पुलिस थाना कनाडिया की टीम बीट गश्त पर निकली हुई थी। रात के समय जब वे डीपीएस 05 फिनिक्स मॉल रोड के सामने मुख्य सड़क पर पहुंचे, तो उनकी नजर एक महिंद्रा थार गाड़ी पर पड़ी। गाड़ी में बैठा व्यक्ति कुछ संदिग्ध लग रहा था। टीम ने गाड़ी को रोका और उस व्यक्ति से नाम-पता पूछा। नाम आबान शकील उम्र 27 वर्ष, निवासी कोहिफिजा कॉलोनी, भोपाल (मध्य प्रदेश) बताया गया। पूछताछ के दौरान वह काफी घबरा गया। उसके हाथ में एक पारदर्शी थैली थी। जब पुलिस ने थैली के बारे में पूछा, तो वह इधर-उधर की बातें बनाने लगा।

टीम ने थैली की जांच की तो उसमें सफेद नमक जैसा पदार्थ दिखा। इसकी प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह अवैध मादक पदार्थ एमडी (MD) ड्रग्स है। कुल 5.15 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 65,000 रुपये बताई गई। इसके अलावा आरोपी की महिंद्रा थार गाड़ी भी जब्त कर ली गई, क्योंकि वह इसी गाड़ी से इंदौर शहर में नशीले पदार्थों की सप्लाई करता था।
एमडी ड्रग्स क्या है और क्यों खतरनाक?
एमडी ड्रग्स, जिसे एमडीएमए (MDMA) के नाम से भी जाना जाता है, एक सिंथेटिक ड्रग है। इसे पार्टी ड्रग या एक्स्टसी के नाम से भी पुकारा जाता है। यह युवाओं में खासतौर पर लोकप्रिय है, क्योंकि यह उत्साह, खुशी और ऊर्जा बढ़ाने का भ्रम देता है। लेकिन इसका सेवन बेहद खतरनाक है। इससे दिल की धड़कन बढ़ना, उच्च रक्तचाप, मानसिक विकार, डिप्रेशन, याददाश्त कमजोर होना और कई बार मौत तक हो सकती है। इंदौर जैसे शहरों में युवा पार्टी कल्चर के चलते ऐसे ड्रग्स की मांग बढ़ रही है, जिससे तस्करों को फायदा हो रहा है। पुलिस की यह कार्रवाई ऐसे नशे के कारोबार पर करारा प्रहार है।
आरोपी के खिलाफ दर्ज हुआ केस
आरोपी आबान शकील के खिलाफ थाना कनाडिया में अपराध क्रमांक 29/26 दर्ज किया गया है। यह मामला नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंसेज (एनडीपीएस) एक्ट की धारा 8/22 के तहत पंजीबद्ध है। एनडीपीएस एक्ट देश में मादक पदार्थों की तस्करी, उत्पादन और बिक्री के खिलाफ बहुत सख्त कानून है। इसमें सजा आजीवन कारावास तक हो सकती है और जुर्माना भी लाखों में लगाया जा सकता है।
पुलिस आरोपी से सघन पूछताछ कर रही है। उससे एमडी ड्रग्स का स्रोत, सप्लाई चेन, अन्य साथी और इंदौर में उसके ग्राहकों के बारे में जानकारी ली जा रही है। पुलिस का मानना है कि इससे बड़ा नेटवर्क सामने आ सकता है।
कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों की सराहना
इस सफलता में थाना कनाडिया की टीम ने शानदार काम किया। थाना प्रभारी निरीक्षक सहर्ष यादव के नेतृत्व में उप-निरीक्षक दीपक पालिया, सहायक उप-निरीक्षक दिलीप बगड़ावत, आरक्षक जगदीश दांगी, शुभम मिश्रा और विजय सिकरवार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी सतर्कता और साहस की वजह से ही यह कार्रवाई संभव हो पाई।
इंदौर पुलिस का संकल्प, नशा मुक्त शहर
यह कार्रवाई अति. पुलिस आयुक्त श्री अमित सिंह, पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री कुमार प्रतीक, अति. पुलिस उपायुक्त जोन-2 श्री अमरेन्द्र सिंह और सहायक पुलिस आयुक्त खजराना श्री कुंदनसिंह मंडलोई के मार्गदर्शन में हुई। पुलिस लगातार मुखबिरों से जानकारी जुटा रही है और संदिग्ध इलाकों में छापेमारी कर रही है। शहर में नशे के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा, ताकि युवा पीढ़ी सुरक्षित रहे।
नशा न सिर्फ व्यक्ति को बर्बाद करता है, बल्कि पूरा परिवार और समाज को प्रभावित करता है। पुलिस की ऐसी कार्रवाइयों से उम्मीद है कि इंदौर में अवैध मादक पदार्थों का कारोबार कम होगा और शहर ज्यादा सुरक्षित बनेगा। लोग भी अगर किसी संदिग्ध गतिविधि के बारे में जानते हैं, तो पुलिस को सूचना दें। साथ मिलकर ही हम नशा मुक्त समाज बना सकते हैं।










